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टैक्स पर टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया की सलाह

प्रकाशित Sat, 13, 2011 पर 13:56  |  स्रोत : Moneycontrol.com

13 अगस्त 2011

सीएनबीसी आवाज़



टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया ने आयकर और रिटर्न से जुड़े कुछ सवालों के जबाव दिए हैं जो आपके भी काफी काम आ सकते हैं।



सुभाष लखोटिया के मुताबिक आयकर की धारा 1010डी के मुताबिक इंश्योरेंस या इंश्योरेंस संबंधित साधनों से मिलने वाली राशि पर आयकर नहीं लगाया जाता है। हालांकि इस पर टैक्स छूट उसी सूरत में मिलेगी अगर चुकाए गए कुल प्रीमियम की पूंजी सम एश्योर्ड के 20 फीसदी रकम से ज्यादा ना हो।



क्रॉस गिफ्ट पर टैक्स देनदारी:

दोस्त की पत्नी से आयकर की धारा 64 में प्रावधान है कि अगर किसी ने अपने दोस्त की पत्नी को गिफ्ट दिया और उसी दोस्त की पत्नी ने उक्त व्यक्ति की पत्नी को उपहार वापस दिया तो इस तरह के लेनदेन को क्रॉस गिफ्ट के तहत माना जाएगा।



सुभाष लखोटिया के मुताबिक क्रॉस गिफ्ट के लेन-देन की सूरत में आपको टैक्स देना ही होगा।



संपत्ति बेचने पर कैसे बचाएं टैक्सः

जमीन बेचने के बाद 1 साल से ज्यादा समय के लिए रखने के बाद बेची है तो इस पर कैपिटल गेन टैक्स चुकाना होगा। अगर आप इसपर टैक्स बचाना चाहते हैं तो कैपिटल गेन बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं या फिर पुरानी प्रॉपर्टी बेचने से मिली रकम को नई प्रॉपर्टी या घर खरीदने में इस्तेमाल करें तो भी टैक्स बचाया जा सकता है।



वसीयत में बदलाव पर टैक्स नहीं:

टैक्स गुरू के मुताबिक वसीयत बनाने के बाद कोई भी व्यक्ति कितनी भी बार अपनी वसीयत बदल सकते हैं। अगर कोई वसीयत में नॉमिनी का नाम बदलना चाहता है तो इसमें कोई समस्या नहीं है। अगर आपनी वसीयत रजिस्टर्ड नहीं होगी तो इसे कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है, इसलिए वसीयत बनाने के बाद इसे रजिस्टर जरूर कराएं। इसपर किसी तरह का टैक्स भी नहीं लगता है।



रिफंड के लिए रिटर्न जरूरीः

सुभाष लखोटिया ने जानकारी दी कि आयकर विभाग अपने आप इस बात का ख्याल रखकर रिफंड नहीं भेजता है कि आपका टैक्स ज्यादा कट गया है। आयकर रिफंड के लिए आपको रिफंड फॉर्म भरना काफी जरूरी है। अगर आपका रिफंड बनता है तो रिफंड फॉर्म के साथ फॉर्म 40 भी भरें।



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