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इंश्योरेंस की उलझनों का हल

प्रकाशित Sat, 20, 2011 पर 11:21  |  स्रोत : Moneycontrol.com

20 अगस्त 2011

सीएनबीसी आवाज़



ऑपटिमा मनी मैनेजर्स के सीईओ पंकज मठपाल दे रहे हैं इंश्योरेंस पर सलाह कि कैसे करें भविष्य को सुरक्षित और कौन प्लान लेना होगा सबसे बेहतर।


सवाल: मैंने अवीवा-आई लाइफ का 50 लाख रुपये का प्लान लिया है जिसका प्रीमियम 5,250 रुपये है। वहीं इनता ही कवर देने वाली आईसीआईसी पॉलिसी का प्रीमियम 8,000 रुपये है और एलआईसी का प्रीमियम 21,000 रुपये है। अवीवा का प्रीमियम इतना कम क्यों है, कहीं सेटलमेंट में परेशानी तो नहीं आएगी?


पंकज मठपाल: कोई भी इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसी का प्रीमियम अपने एडमिनीस्ट्रेटिव और मार्केटिंग खर्चों के मुताबिक तय करती है। इसलिए हर कंपनी के प्रीमियम में अंतर होता है। पॉलिसी लेते समय सारी जानकारियां सही देते हैं तो सेटलमेंट के समय कोई दिक्कत नहीं होगी।


सवाल: मेरी उम्र 34 साल है, सालाना आय 7 लाख रुपये है। घर में पत्नी और 2 दो बच्चे हैं। कितने रुपये का इंश्योरेंस कवर लेना ठीक रहेगा ?


पंकज मठपाल: अपनी जिम्मेदारियों के मुताबिक ही इंश्योरेंस कवर लेना चाहिए। साथ ही सालाना आय का 7-10 गुना इंश्योरेंस कवर लेना बेहतर होता है।


सवाल: मैं भुवनेश्वर में रहता हूं, मेरी उम्र 43 साल है। मासिक सैलरी 90 हजार रुपये है। 1 करोड़ रुपये की टर्म पॉलिसी लेना चाहता हूं। कौन सा प्लान लेना बेहतर रहेगा?


पंकज मठपाल: भुवनेश्वर में रहते हैं तो ऑनलाइन टर्म लेना सही रहेगा। ऑन लाइन टर्म प्लान में प्रीमियम भी कम होगा। अवीवा-आई लाइफ, आईसीआईसीआई प्रू लाइफ, मेट लाइट और कोटक-ई प्रेफर्ड प्लान लेना बेहतर रहेगा।


सवाल: मैंने टाटा एआईजी इंवेस्ट एश्योर प्लान लिया है। नवंबर 2010 तक पॉलिसी में 1 लाख 10 हजार रुपये भर चुका हूं। लेकिन पॉलिसी की मौजूदा वैल्यू 90 हजार रुपये है। वहीं सरेंडर वैल्यू 70 हजार रुपये हैं। पॉलिसी से निकल जाना क्या सही रहेगा?


पंकज मठपाल: टाटा एआईजी इंवेस्ट एश्योर एक यूलिप प्लान है। किसी भी यूलिय प्लान में लंबे नजरिए की आवश्यकता होती है। पॉलिसी लेते समय प्रपोजल फॉर्म में दी गई सारी जानकारियां ठीक तरह से पढ़ लेनी चाहिए। यूलिप प्लान में 5 साल बाद ही अच्छे रिटर्न दिखने शुरू होते हैं। वहीं 5 साल से पहले सरेंडर करने पर 80c के तहत छूट भी नहीं मिलती। पॉलिसी में 5 साल तक बने रहना बेहतर रहेगा।


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