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बढ़ती ईएमआई से कैसे मिलेगी राहत

प्रकाशित Sat, 27, 2011 पर 12:08  |  स्रोत : Moneycontrol.com

27 अगस्त 2011

सीएनबीसी आवाज़



बढ़ती महंगाई और बढ़ती कर्ज की दरों ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। महंगा कर्ज आम आदमी को दिवालिया बनाने पर उतारू हैं। लोन महंगा होने से ईएमआई की रकम भी बढती है जिसका असर पड़ता है आम आदमी के बजट पर।



बढती ईएमआई की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए अपना पैसा डॉट कॉम के सीईओ हर्ष रूंगटा सलाह रहे हैं कि कैसे बढ़ती ईएमआई के बोझ को कम किया जा सकता है।



सरकार ने सरकारी बैंको से कर्ज की ईएमआई बढ़ाने के बजाय कर्ज की समय सीमा बढ़ाने के को कहा है। सरकार को लगता है महंगे कर्ज से आम आदमी को उबारने के लिए सरकार की यह नीति कारगार साबित होगी। वहीं सरकारी बैंकों ने सरकार के इस सुझाव पर कहा है वह पहले से ही ग्राहकों को ईएमआई के बदले कर्ज की समय सीमा बढ़ाने की सलाह देते हैं।



लोन की मियाद बढ़ाने पर क्या होगा


हर्ष रूंगटा के मुताबिक सरकार के द्वारा सरकारी बैंकों को बताया गया सुझाव कोई नया नहीं है। वहीं सरकार के इस सुझाव को मानते भी हैं तो आम आदमी को इससे राहत मिलने वाली नहीं है। बढ़ती ईएमआई से छुटकारा पाने के लिए यदि कर्ज की समय सीमा बढ़ाते हैं तो ग्राहकों को ज्यादा ब्याज देना होगा। जिसमें सीधा फायदा कर्ज देने वाले बैंक होगा। ऐसे में कर्ज की मियांद बढ़ाने का फैसला सही नहीं होगा।



बढ़ती ईएमआई से छुटकारा पाने के मूलमंत्र
बढती कर्ज की दरें और बढ़ती ईएमआई कर्ज लेने वाले के लिए गले की हड्डी की तरह होती है जिसे ना उगलते बनता है और ना ही निगलते बनता है। ईएमआई से छुटकारा पाने के लिए पहला मूलमंत्र है कि बैंक में जाकर लिए गए कर्ज पर विस्तार से चर्चा करें यदि कोई समझौता होता है तो बैंक को पूर्व भुगतान कर दें। पूर्व भुगतान से ब्याज की बचत होगी और ईएमआई के भूत से स्थाई रूप से छुटकारा मिल जाएगा।



बढ़ती ईएमआई से छुटकारा पाने के लिए हर्ष रूंगटा दूसरा मूलमंत्र बता रहे हैं कि लिए गए कर्ज की ब्याज दर की जांच करें। साथ ही इस बात की जानकारी निकालें कि कहीं से यदि सस्ता कर्ज मिल रहा है तो उससे महंगा कर्ज चुका दें। फिस सस्ते कर्ज की ईएमआई पहले की अपेक्षा कम होगी और आसानी से भरी जा सकेगी।



महंगे कर्ज का भुगतान पहले करें
बढ़ती ईएमआई और महंगे कर्ज के इस दौर में यदि किसी पर एक से अधिक लोन का बोझ है तो सबसे पहले ज्यादा ब्याज दर वाले लोन का भुगतान करें। कर्ज की दर कम होगी तो ईएमआई में भी कुछ राहत मिलेगी।



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