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कैसे चुनें फाइनेंशियल प्लानर

प्रकाशित Sat, 03, 2011 पर 12:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

3 सितंबर 2011

सीएनबीसी आवाज़



पिछले दो दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं, जिसका असर पर्सनल फाइनेंस पर भी प़ड़ा है। आज पर्सनल फाइनेंस काफी जटिल हो गया है। ऐसे में हमें फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए फाइनेंशियल प्लानर की सलाह लेना आवश्यक हो गया है। हमारे देश में "फाइनेंशियल प्लानर" शब्द के इस्तेमाल में कोई रेगुलेशन नहीं होने की वजह से कई बार कंपनी-विशिष्ट के एजेंट भी अपने आपको "फाइनेंशियल प्लानर" कहने से नही चूकते हैं। ऐसे में फाइनेंशियल प्लानर का चयन करते समय सावधानी रखना आवश्यक है। आप निम्न बातों का ध्यान रखकर सही फाइनेंशियल प्लानर का चयन कर सकते हैं :

विस्तृत ज्ञान- पर्सनल फाइनेंस काफी व्यापक विषय है, जिसे बजटिंग, डेब्ट मैनेजमेंट, निवेश, टैक्स, रिस्क मैनेजमेंट, इंश्योरेस एस्टेट प्लानिंग का विस्तृत ज्ञान हो।

अनुभव- जिसे पर्सनल फाइनेंस से जुड़े विषयों में कार्य का पर्याप्त अनुभव हो।

प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन- जिसके पास सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर सर्टिफिकेशन हो।

जरूरत के अनुसार सलाह- जो आपकी परिस्थितियों, आवश्यकताओं, जीवन के लक्ष्य एवं जोखिम क्षमता के अनुसार सलाह दे सके।

जिसके लिए आपका हित सर्वोपरि हो- ऐसे व्यक्तियों से दूर रहना चाहिए, जिनका हित किसी कंपनी-विशिष्ट के उत्पाद को विक्रय करने में हो अर्थात आपको ऐसे फाइनेंशियल प्लानर का चयन करना चाहिए, जिसके लिए आपका हित सर्वोपरि हो एवं वह आपको यह विकल्प भी दे कि आप किसी अन्य व्यक्ति/ संस्था से भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स ले सकें।

फीस चार्ज करें- आपको ऐसे फाइनेंशियल प्लानर से बचना चाहिए, जिनका उद्देश्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स को विक्रय कर कमीशन अर्जित करने का हो, बल्कि आपको ऐसे फाइनेंशियल प्लानर को प्राथमिकता देना चाहिए, जो अपने कार्य के लिए फीस चार्ज करे।

लेटर ऑफ इंगेजमेंट- जो आपको सर्विस प्रदान करने के पूर्व लिखित में प्रदान की जाने वाली सर्विस का विवरण एवं कोड ऑफ इथिक्स प्रदान करें।

यह लेख अरिहंत कैपिटल मार्केट के चीफ फाइनेंशियल प्लानर उमेश राठी ने लिखा है।umesh.rathi@arihantcapital.com पर उमेश राठी से संपर्क किया जा सकता है।