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फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए जिंदगी ना मिलेगी दोबारा

प्रकाशित Tue, 13, 2011 पर 12:47  |  स्रोत : Moneycontrol.com

13 सितंबर 2011

अपना पैसा डॉटकॉम



देश के खास शहरों में भी लोगों को आतंकी खतरों से राहत नहीं मिलती है। चाहे 13 जुलाई को मुंबई के दादर में हुआ आतंकी हमला हो या 7 सितंबर को देश की राजधानी दिल्ली में हुआ बम ब्लास्ट हो, खतरा चारों तरफ है।



जो लोग आतंकी हमलों में मारे जाते हैं, उनके परिवारों का क्या होता है? घर के लोग जिस व्यक्ति पर आश्रित हैं, वही चला जाए तो परिवार के सामने भावनात्मक नुक्सान के साथ वित्तीय प्रश्न भी सामने आ जाता है। 



आम नागरिक होने के नाते हम ज्यादा से ज्यादा सजग रह सकते हैं और सतर्कता बरत सकते हैं। लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकना हमारे बस में नहीं है, हमारे बस में है कि किसी भी आकस्मिक घटना के लिए तैयार रहकर हम अपने परिवार के लिए एक वित्तीय सुरक्षा कवच का इंतजाम रखें।



ऐसी घटनाओं में जो घायल होते हैं उनके परिवार के सामने पैसे से जुड़ी कठिनाइयां आ सकती हैं। अगर आप घर के मुख्य कर्ताधर्ता हैं तो आपको अपने बाद भी परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा के उपाय करने चाहिए।



इसकी शुरुआत करने के लिए आपको सलाह दी जा रही है कि आपके पास हर महीने के खर्च का 3-4 गुना पैसा अपने खाते में जमा रखें। इसमें घर के सभी खर्चों, यूटिलिटी बिल, सभी बीमा पॉलिसी के प्रीमियम, घर की ईएमआई, के बराबर की रकम अलग निकालकर रखें। कम से कम अपने परिवार के लिए इतना इंतजाम रखें कि कोई दुर्घटना होने की सूरत में फौरन ही परेशानी ना हो।



एक घर का 1 महीने का कुल खर्च देखें और जानें कि कितना पैसा बचाना जरूरी है-

कुल आय  – 40,000 रुपये
घर का मासिक खर्च – 15,000 रुपये
जीवनशैली का खर्च –  2500 रुपये
होमलोन की ईएमआई –10,000 रुपये
जीवन बीमा प्रीमियम–  3,500 रुपये
म्यूचुअल फंड एसआईपी -5,000 रुपये



तो अगर कोई इमरजेंसी होती है तो परिवार का मासिक खर्च (15000+10000+3500) = 28,500 रुपये होता है। ध्यान रखें कि आपातकाल फंड में जीवनशैली का खर्च और म्यूचुअल फंड की एसआईपी को शामिल नहीं किया जाता है। तो 1 महीने का हिसाब लगाने के बाद आपको अपने आपातकाल फंड के लिए कम से कम 90,000 या 1,00.000 रुपये बचाकर रखने चाहिए।
 


इस राशि को अपने रोजमर्रा के बचत खाते से अलग रखें जिसे अलग से रखा जाने की वजह से आपको बेहतर ब्याज भी मिल सकता है। इसे सिर्फ इमरजेंसी फंड के रूप में इस्तेमाल करें। इसे लिक्विड फंड के रूप में भी रख सकते हैं हालांकि ये बैंक के सामान्य एफडी की तुलना में थोड़ा ज्यादा जोखिम भरा हो सकता है। ध्यान रखें कि आपका इमरजेंसी फंड कम से कम जोखिम ऐसेट क्लास वाला होना चाहिए।



आपातकाल कोष बनाने के बाद आप अपने लिए बीमा का प्रबंध करें। आतंकी घटनाओं में घायल होने पर जो इलाज होता है, हेल्थ इंश्योरेंस के तहत उसका खर्च बीमा कंपनियों को देना होता है। मेट्रो शहरों में हरेक व्यक्ति के पास कम से कम 4 लाख का कवर होना ही चाहिए। आपको हमेशा सबसे ज्यादा हैल्थ कवर लेना चाहिए।



अगर आपके परिवार में 4 लोग हैं और आप सबके लिए अलग-अलग बीमा करा रहे हैं तो कम से हरेक का 3 लाख का बीमा कराएं। इसका मतलब है कि आपके परिवार के पास कम से 12 रुपये का कवर होना ही चाहिए।आप अपने परिवार के लिए हॉस्पिटल कैश प्लान वाला बीमा भी ले सकते हैं।



जीवन बीमा की जरूरत हमेशा घर के कमाने वाले व्यक्ति को होती है। बीमा के बेसिक नियम के मुताबिक एक व्यक्ति के पास अपनी आमदनी के 12 गुना की बराबर राशि का कवर होना चाहिए।



फाइनेंशियल प्लानिंग के तहत अपने परिवार के लिए और खुद के लिए बीमा करना बहुत जरूरी है, इस जरूरत को नजरंदाज ना करें। ये आपके बेहतर भविष्य के लिए एक आधार का काम करता है। जब आपने आपातकाल और जरूरतों के लिए पर्याप्त कोष का इंतजाम कर रखा हो तो आप सही तरह से निवेश करके वैल्थ क्रिएशन भी शुरू कर सकते हैं।


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