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क्लेम से जुड़ी दिक्कतों पर सवाल-जवाब

प्रकाशित Sat, 17, 2011 पर 11:31  |  स्रोत : Moneycontrol.com

17 सितंबर 2011

सीएनबीसी आवाज़



लैडर7 फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रिंसीपल फाइनेंशियल प्लानर, सुदेश सदगोपन
ने बीमा पॉलिसी के क्लेम से जुड़े कुछ सवालों के जवाब दिए जो अक्सर पॉलिसी खरीदते समय ग्राहकों को परेशान करते हैं।



किन हालातों में क्लेम होता है रिजेक्टः

बीमा कंपनियां सही क्लेम देने में कभी भी पीछे नहीं हटती हैं और अगर आपने बीमा लेते समय सही जानकारी दी हैं तो क्लेम मिलने में दिक्कत नहीं होती है। बीमा लेते समय ग्राहक की मैडिकल जांच होती है और अगर इसमें कोई बीमारी निकलकर सामने आती है तो प्रीमियम बढ़ाया जा सकता है या पॉलिसी देने से इंकार किया जा सकता है।

अगर ग्राहक खुद बीमारी छुपाकर गलत पॉलिसी ले लेता है और बाद में उस बीमारी के चलते ग्राहक की मृत्यु हो जाती है तो बीमा कंपनियां पूरी जांचकर ये पता लगा सकती हैं कि ग्राहक को बीमारी कब से थी। सच्चाई सामने आने के बाद बीमा कंपनियां क्लेम देने से इंकार कर सकती हैं।



कब होती है क्लेम सेटलमेंट में दिक्कतः

टर्म प्लान के साथ राइडर लेने पर डिसेबिलिटी को कवर किया जा सकता है। डेथ राइडर लेने पर पॉलिसीधारक को डेथ बेनेफिट राइडर मिलता है। परमानेंट डिसेबिलिटी राइडर लेने पर पूरी तरह शारीरिक विकलांगता होने पर क्लेम दिया जाता है। उदाहरण के लिए एक्सीडेंट डिसेबिलिटी राइडर लिया है और एक्सीडेंट की वजह से आंशिक पैरालाइसिस हो गया है तो इसके लिए बीमा कंपनी द्वारा कवर देने से इंकार किया जा सकता है।



इंश्योरेंस कंपनियां क्रिटिकल इलनेस कवर के तहत कुल 10-12 बीमारियां कवर करती हैं। बीमारियों के इलाज को कवर करने करने के लिए हैल्थ प्लान लिया जा सकता है और अगर हेल्थ प्लान ना लेना चाहें तो सामान्य टर्म प्लान के साथ राइडर जोड़े जा सकते हैं।



ऑनलाइन पॉलिसी कैसे ले सकते हैं:

सुरेश सदगोपन का कहना है कि अगर व्यक्ति काम किसी और जगह करता है और रहता किसी और जगह है तो भी वह अपने निवास स्थान के पते पर ऑनलाइन पॉलिसी ले सकता है। ऑनलाइन पॉलिसी के लिए घर के पते का सबूत होना काफी जरूरी है और इसके आधार पर आपको कहीं भी ऑनलाइन पॉलिसी मिल सकती है।



आतंकवादी हमले का कवर मिलेगा या नहीं:



सुरेश सदगोपन के मुताबिक सभी टर्म प्लान में आतंकवादी हमलों के तहत होने वाली मौत के लिए कवर दिया जाता है। इस तरह की मौत में सिर्फ बीमा कंपनियां कुछ जांच करती हैं और ये सत्यापित होने के बाद कि मौत वास्तव में आंतकवादी हमले, बम धमाके के तहत हुई है, क्लेम दिया जाता है। इसके लिए अलग से टर्म प्लान लेने की जरूरत नहीं है।



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