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शेयर में धन लगाने के चार नियम

प्रकाशित Wed, 07, 2010 पर 14:30  |  स्रोत : Hindi.in.com

अनिल रेगो


मेरे एक ग्राहक नरेन हर साल 18 लाख रुपए कमाते हैं। वह शेयरों में निवेश करते हैं लेकिन बाजार में गिरावट के कारण बड़ी रकम खो दी थी। जब बाजार 55 फीसदी गिरा तब नरेन के पोर्टफोलियो का मूल्य 70 फीसदी तक घट गया था।

एक ब्रोकिंग हाउस में नरेन के रिलेशनशिप मैनेजर (आरएम) ने उसे 38 शेयरों में धन लगाने की सिफारिश की थी। आरएम का ख्याल था कि इन शेयरों का मूल्य अगले 12 माह में 70 फीसदी तक बढ़ जाएगा।


उसके पास 12 महीने के लक्ष्य वाली 38 शेयरों की एक सूची थी। उसमें शेयर मौजूदा मूल्य से ऊपर की तरफ बढ़ने वाले प्रतिशत का अनुमान भी दिखाया गया था। नरेन के आरएम ने सलाह दी थी कि अगले कुछ साल तक इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर अच्छा प्रदर्शन करेंगे। जयप्रकाश एसोसिएट्स का शेयर अपनी शीर्ष ऊंचाई से 90 फीसदी गिर चुका था। नरेन ने पिछले नुकसानों की भरपाई के लिए मिडकैप शेयरों में ही धन लगाया।


मैंने नरेन से कहा कि आरएम से यह लिस्ट कंपनी के लेटरहैड पर लें। उसके बाद आरएम के फोन आने बंद हो गए।

क्या करें आप ?


एक शेयर ब्रोकर ट्रेडेड मूल्य पर धन कमाता है। इसलिए ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस मुफ्त में सलाह दिया करते हैं। ध्यान रहे जब भी नुकसान होगा, आपका ही होगा। अगर आप अपने धन से हाथ नहीं धोना चाहते तो कुछ बुनियादी नियमों का पालन करें।

नियम एक : निवेश से पहले टिप्स का अध्ययन करें


लिटमस टेस्ट करें। आपके निवेश करने के पहले, किसी भी विश्लेषक की टिप्स का कुछ समय तक परीक्षण करें। उसके बाद ही फैसला करें। कई ब्रोकरेज हाउस अपनी बड़ी रिसर्च टीम का दावा करते हैं। उनकी रोजाना रिपोर्ट आती हैं। इनमें से कितनी सही रहती होंगी।

नियम दो: निवेश के पहले रिसर्च करें, बाद में नहीं !


निवेश के पहले शेयर के बारे में ठीक से रिसर्च करें। उस पर ब्रोकर से विस्तार से रिपोर्ट मांगें। लंबी अवधि की संभावनाएं अच्छी हों तभी निवेश करें। ट्रिगर प्राइस और टार्गेट प्राइस वाली टिप्स पर समय बर्बाद नहीं करें।

नियम 3: जो तेज चढ़ता है, तेज गिरता है


जब भी ऊंचाई पर कोई आंकड़ा देखा जाता है, उसमें प्रगति की बड़ी संभावना दिखाई देती है। लेकिन जब कोई शेयर काफी बढ़ चुका हो या किसी सेक्टर में काफी तेजी आ चुकी हो, सतर्क रहना चाहिए। ज्यादा पीई अनुपात का मतलब है कि भविष्य में प्रगति दर घटने वाली है।

नियम चार: समय नहीं है तो म्यूचुअल फंड में लगाएं धन


अगर आपके पास अपने पोर्टफोलियो में नए शेयर चुनने का समय नहीं है तो शेयर बाजार में सीधे धन नहीं लगाएं। सिस्टैमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (सिप) में निवेश से भी काफी मूल्य निर्मित किया जा सकता है।