इंश्योरेंस की उलझनों का हल -
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इंश्योरेंस की उलझनों का हल

प्रकाशित Sat, 24, 2011 पर 10:01  |  स्रोत : Moneycontrol.com

24 सितंबर 2011

सीएनबीसी आवाज़


आई-सेव डॉटकॉम के उप-संस्थापक अनिल सहगल बता रहे हैं इंश्योरेंस प्लान लेने में होने वाली की उलझनों का हल, साथ ही कौन सा इंश्योरेंस प्लान है सबसे बेहतर।


सवाल: मेरे पास बजाज एलियांज यूनिट लिंक्ड और टाटा एआईजी लाइफ इंवेस्ट अश्योर प्लान हैं। लेकिन दोनों ही प्लान में 3 साल तक प्रीमीयम भरने के बाद अब प्रीमियम भरना बंद कर दिया है। पॉलिसी से निकलना चाहता हूं, क्या करूं?


अनिल सहगल: 3 साल तक प्लान में प्रीमियम भरने के बाद प्लान से निकलना उचित नहीं होता है। सर्वप्रथम यह जांचे की जिस उद्देशय के लिए प्लान लिया था क्या वह पूरा हो गया है या नहीं। यदि उद्देशय पूरा नहीं हुआ है तो प्लान से निकलने से पहले उद्देशय का वैकल्पिक उपाय करें। वहीं प्लान को सरेंडर करने से पहले कंपनी से सरेंडर वैल्यू की जानकारी निकालें उसके बाद ही प्लान से निकलने का फैसला लें।


सवाल: मेरी उम्र 34 साल है, सालाना आय 3.5 लाख रुपये है। मैं कोटक लाइफ इंश्योरेंस का अश्योर्ड इनकम प्लान लेना चाहता हूं। यह प्लान कैसा है, क्या डीटीसी लागू होने पर इसमें टैक्स छूट मिलेगी?


अनिल सहगल: कोटक लाइफ इंश्योरेंस का अश्योड इनकम प्लान काफी बेहतर और गारंटीड रिटर्न वाला प्लान है। यदि इसमें 30 हजार रुपये सालाना प्रीमियम भरने पर दसवें साल से 9.6 फीसदी का रिटर्न पक्का है। वहीं नई डीटीसी गाइडलाइंस के तहत 50 हजार रुपये तक के प्रीमियम पर टैक्स में छूट मिलेगी।


सवाल: मैंने नई पॉलिसी लेते समय कंपनी को पुरानी पॉलिसी की जानकारी नहीं दी है। क्या पुरानी पॉलिसी की जानकारी देना जरूरी होता है। इसके क्या परिणाम हो सकते है?


अनिल सहगल: कोई भी नई पॉलिसी लेते समय इंश्योरेंस कंपनी को पुरानी पॉलिसी की जानकारी देना बेहद जरूरी होता है। जानकारी नहीं देने पर क्लेम मिलने में दिक्कतें आ सकती है। यदि प्लान लेने के बाद पुरानी पॉलिसी की जानकारी नहीं दी है तो कंपनी में इसके बारे में बताएं ताकि भविष्य में समस्या ना हो।


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