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एकल प्रीमियम बीमा : क्या आपको लेना चाहिए?

प्रकाशित Mon, 05, 2010 पर 13:00  |  स्रोत : Hindi.in.com

सत्मकाम दिव्या  

सोनिया अपने लिए एक बीमा पॉलिसी लेना चाहती है। उसकी मित्र ने सिंगल प्रीमियम बीमा खरीदने का सुझाव दिया ताकि अब उसे प्रीमियम चुकाने की तारीखें याद नहीं रखनी पड़ें।


सोनिया अभी 20,000 रुपए की प्रीमियम चुका सकती है। अब वह जानना चाहती है कि इसमें उसे कितना बैंक कवर और कितनी कर छूटें मिलेंगी। हम सिंगल प्रीमियम पॉलिसी पर गौर करते हैं। सोनिया को बताते हैं कि निवेश करना बुद्धिमानी का फैसला होगा या नहीं।

सिंगल प्रीमियम की पॉलिसी क्या है?


सिंगल प्रीमियम पॉलिसी में पालिसीधारक एक बार ही प्रीमियम का भुगतान करता है। वह पूरी पॉलिसी की अवधि में इसका फायदा उठाता है। पहले भी ऐसी पॉलिसी थीं, लेकिन ऐसी पॉलिसी पूंजी पर आय देने वाली पॉलिसी ही थीं।

पहले एकल प्रीमियम की पॉलिसी एक निवेश उत्पाद की तरह थीं। एक सुनिश्चत आधार पर बड़े मुनाफे का वादा करती थीं। इनमें बीमा कम ही हुआ करता था। लेकिन इससे बीमा पॉलिसी का मतलब हल नहीं होता था। बीमा का मकसद ही कवरेज मुहैया कराना था। इसलिए बाद में बीमा पॉलिसी की शर्तें तैयार की गईँ। इन शर्तों के कारण एकल प्रीमियम पॉलिसी अब कुछ ही लोगों के लिए फायदेमंद रह गईं।

ये शर्तें क्या हैं?


कुछ शर्तें ऐसी हैं जिन्हें पूरा करना जरूरी है:


1. बीमा नियामक इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथारिटी (इरडा) के नए दिशा निर्देशों के अनुसार बीमित धन एकल प्रीमियम की राशि का कम से कम पांच गुना होना चाहिए।

जैसे सिंगल प्रीमियम 25,000 रुपए है तो बीमित राशि 1,25,000 रुपए होगी। बीमित राशि पॉलिसी के अंतिम दो सालों के अलावा घटाई नहीं जा सकती।

यह शर्त क्यों लगीं : इसका उद्देश्य ग्राहक को फायदा पहुंचाना है। बीमित राशि ज्यादा होने का अर्थ है कि लोगों को ज्यादा बीमा कवर मिलेगा। ज्यादा फायदा होगा। कंपनियां पांच गुने से ज्यादा रकम बीमित राशि निर्धारित कर सकती हैं लेकिन वे पांच गुना ही रखती हैं।

सोनिया के मामले में वह सिंगल प्रीमियम बीमा योजना ले रही है तो उसे एक लाख रुपए का बीमा कवर मिलेगा।

2.
सेक्शन 80सी के तहत किसी बीमा पॉलिसी पर टैक्स रियायतें तभी उपलब्ध हैं, जब प्रीमियम बीमित राशि के 20 फीसदी से कम नहीं हो। यह रोक सभी किस्म की पॉलिसी पर है। लेकिन सिंगल प्रीमियम पॉलिसी पर इसी नियम के कारण यह बाध्यता लागू है।

यदि प्रीमियम की राशि बीमित धन के 20 फीसदी से ज्यादा हो तो कर रियायतों का लाभ 20 फीसदी तक ही सीमित रहेगा। पॉलिसी परिपक्व होने पर जो राशि मिलेगी वह भी कर योग्य होगी। अगर सोनिया की बीमित राशि एक लाख रुपए है तो उसे प्रीमियम की 20,000 रुपए तक की रकम पर कर छूटें मिलेंगी।  

सिंगल प्रीमियम पॉलिसी किसे लेनी चाहिए?


1. अगर आपके पास आमदनी का नियमित साधन नहीं है और आप हर साल प्रीमियम चुकाने की स्थिति में नहीं हैं।
2. अगर आप काफी यात्राएं करते हैं, तो इस पालिसी को ले सकते हैं, आपको तारीख याद रखने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।
3. अगर आपके पास एकमुश्त बड़ी रकम उपलब्ध है तो आप ऐसी पॉलिसी से सकते हैं। आप इस पॉलिसी का इस्तेमाल करके अपनी बीमा जरूरतों को उपलब्ध धन से पूरा कर सकते हैं।