गृहिणीयों के पास भी करोड़पति बनने का मौका -
Moneycontrol » समाचार » निवेश

गृहिणीयों के पास भी करोड़पति बनने का मौका

प्रकाशित Tue, 04, 2011 पर 13:26  |  स्रोत : Moneycontrol.com

moneycontrol.com



लेखक ने इस लेख के जरिए गृहिणीयों को करोड़पति बनने के नुस्खों से रुबरु कराया है। लेखक का मानना है कि पैसे बनाने के लिए कंपाउडिंग सबसे अहम हथियार साबित हो सकता है। अब आप समझ ही गए होंगे कि कंपाउडिंग का मतलब है आय पर कमाई हासिल करना।



बताना चाहेंगे कि आरती ने 30 सालों के लिए रिकरिंग डिपॉजिट में 5,000 रुपये प्रतिमाह का निवेश शुरू किया है। भावना ने 10 साल बाद 20 सालों के लिए 7,500 रुपये प्रतिमाह रिकरिंग डिपॉजिट में निवेश किया है। वहीं चित्रा ने और 10 साल बाद 10 साल के लिए 15,000 रुपये प्रतिमाह का निवेश किया। लेकिन तीनों लोगों की कुल निवेश राशि 18 लाख रुपये हुई।



मान लीजिए कि तीनों को अपने निवेश पर 10 फीसदी का रिटर्न मिला है। लेकिन रिटर्न के तौर पर 55 की उम्र में चित्रा को 32 लाख रुपये, भावना को 56 लाख रुपये और आरती को 1 करोड़ रुपये की राशि मिली। अब तो तस्वीर साफ है कि ज्यादा निवेश की बजाय ज्यादा समय तक निवेश करने से अच्छा पैसा बनाया जा सकता है। इसे ही कहते हैं कंपाउडिंग की कला।



वैसे 5,000 रुपये की प्रतिमाह निवेश करना हर गृहिणी के लिए संभव नहीं है। लिहाजा लेखक की सलाह है कि 500 रुपये प्रतिमाह के निवेश शुरू करें। जैसे ही आप निवेश की कला के साथ आगे बढ़ेंगी आपमें निवेश के प्रति जागरुकता बढ़ती जाएगी। लेकिन इतना तय है कि आप करोड़पति बनने की कगार पर खड़ी हो जाएंगी।



आप निवेश के प्रति संयम बनाएं रखें। रिकरिंग डिपॉजिट खोलने के लिए किसी विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है। लेकिन करोड़पति की राह पर पहुंचने के लिए थोड़ी बहुत वित्तीय जानकारी होना जरूरी है। पैसे बचाने की कला सीखने के लिए 6 महीने से लेकर 1 साल का वक्त काफी होता है। निवेश की कला से ही आप अपने बच्चों का अरमान पूरा कर सकती हैं। अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बना सकती हैं। तो तैयार हो जाइए और एक छोटी सी रकम के साथ करोड़पति बनने की राह पर आगे बढ़ें।



लेखक की सलाह है कि निवेश देर से शुरू करें या जल्दी, निवेश करना बुरा नहीं होता है। लेकिन जल्दी किया गया निवेश आपके सपनों को हकीकत में तब्दील करने में पूरी मदद करता है।



इस लेख के लेखक संजय मताई वेल्थ आरर्किटेक्ट्स के प्रोमोटर हैं और आईआईएम कलकत्ता से मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेज्यूएट डिग्री हासिल की है।