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कर बचाओ और धन कमाओ

प्रकाशित Mon, अप्रैल 05, 2010 पर 13:00  |  स्रोत : Hindi.in.com

अनिल रेगो


राजेश, 27 वर्ष , सालाना 6.4 लाख रुपए का पैकेज कमाते हैं। उनका कहना है, “पिछले साल, अपने निवेश की जानकारी दाखिल करने की जल्दी में मैंने अपने दोस्तों की तरह ही इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस) में निवेश कर दिया। कर बचाने का एक और विकल्प प्राविडेंट फंड था, जो कंपनी लागू कर देती है।”



दुर्भाग्यवश, उसके बाद बाजार लगातार गिरावट का शिकार हुआ और उनकी पूंजी में 50 फीसदी की कमी आ गई।
अब राजेश सोच रहे हैं कि उसे एफडी में पैसा लगाना चाहिए था। खासतौर से मौजूदा बाजार को देखते हुए। उसे क्या करना चाहिए-

I. जरूरतों पर लगाएं ध्यान


निवेश का तरीका चुनने के लिए राजेश की जरूरतों पर गौर करने की जरूरत है। जब मैंने उसकी जरूरतों के बारे में पूछा तो उसका सवाल था कि मैं बीमा और कर बचत को आपस में क्यों जोड़ रहा हूं। फिर भी उसने बताया-


1. एक साल की बेटी के लिए योजना बनाने की जरूरत है।
2. अगर संभव हुआ तो वह 45 साल की उम्र में रिटायर होना चाहेगा
3. कुछ साल बाद वह अपना काम शुरू करना चाहता है। इस कारोबार को शुरू करने के लिए उसे एक करोड़ रुपए की जरूरत होगी। अगर उसे


यह लक्ष्य हासिल करना है तो हर माह 15,000 रुपए की बचत करनी होगी।

II. ईएलएसएस के नुकसान का एवरेज करें


राजेश ने उस समय ईएलएसएस फंड में उस समय निवेश किया जब बाजार ऊंचाई पर था। राजेश को कर बचाने वाले निवेश का एक भाग ईएलएसएस में इस साल लगाना चाहिए।


क्या कारण: बाजार के उच्चतम शिखर से 60 फीसदी गिरावट के बाद तीन साल की अवधि वित्तीय रूप से लाभप्रद रहेगी। इससे उन्हें बाजार की ऊंचाई पर किए गए निवेश का एवरेज घटाने में मदद मिलेगी। इस साल निचली कीमतों पर खरीदी के कारण काफी पहले ही उनका निवेश निकल पाएगा। लंबी अवधि के निवेशक को अच्छा मुनाफा हो सकता है।


राजेश भी सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (सिप) के जरिए हर महीने निवेश कर सकते हैं। इससे जोखिम में काफी कमी आएगी। बाजार में भारी गिरावट के बाद भी कई एसआईपी दस साल में 20-30 फीसदी का कंपाउंड प्रतिफल देते हैं।


आपकी जरूरत के हिसाब से निवेश की योजना बनाना अच्छा है। इससे कर की बचत भी होगी। कोई भी व्यक्ति करों में 33,990 रुपए तक की बचत कर सकता है। कम टैक्स का मतलब है कि हर महीने निवेश आसान हो सकता है।


निवेश से मिलने वाले प्रतिफल के अलावा किसी भी व्यक्ति के प्रतिफल में टैक्स बचतों से काफी फायदा होता है।

III. निवेश को विविध बनाएं


मौजूदा वातावरण में ऋणपत्रों (डेट) में निवेश किसी भी पोर्टफोलियो में अच्छे नतीजे ला सकता है। जब बाजार तेजी के दौर में आता है, इक्विटी में निवेश से अच्छे फायदे मिल सकते हैं।


इसलिए मिश्रित निवेश से अच्छा, स्थिर, लंबी अवधि का मुनाफा सुनिश्चित किया जा सकता है। मैंने राजेश को सुझाव दिया कि वह डेट और इक्विटी फंडों का एक मिश्रित निवेश करें।

IV. एक लक्ष्य बनाएं


अगर राजेश पहले ही निवेश की योजना बना ले तो वह 1 करोड़ रुपए का कोष जुटा सकते हैं। उन्हें विभिन्न निवेश विकल्पों में हर माह 13,195 रुपए का निवेश करना होगा। हम औसतन हिसाब लगाएं कि 18 साल तक उन्हें हर माह 12 फीसदी का प्रतिफल होगा तो उनके पास एक करोड़ का कोष हो जाएगा।


यह समझाने के लिए पिछले दस साल के कुछ म्यूचुअल फंडों के कामकाज का खुलासा करा होगा।


आपने पिछले दस साल में हर माह 10,000 रुपए का निवेश किया होता तो आप इस अवधि में करीब 12 लाख रुपए लगा चुके होते। 10 अक्टूबर 2008 को खत्म एसआईपी की दस साल की अवधि में प्रतिफल निम्नानुसार होंगी-


फंडमासिक निवेश रु
मूल्य रु
रिटर्न%
फ्रेंकलिन इंडिया ब्लूचिप 10,000
39,64,219
22.7
बिरला सनलाइफ इक्विटी
10,00037,95,46021.9
रिलायंस ग्रोथ फंड 10,000
63,03,866
31.3
रिलायंस विजन फंड
10,000
50,73,132
27.3

(स्रोतः njfundz.com; Fund Value as of October 31, 2008)



जब बाजार अपनी चरम ऊंचाई पर था, एसआईपी से निवेश का मूल्य 1.4 करोड़ रुपए तक पहुंच गया था। एक साधारण एसआईपी से लंबी अवधि में बड़ी रकम पैदा हो सकती है। बाजार जब गिरावट का शिकार रहता है तब चुकाई गई किस्तें प्रतिफल बढ़ा देती हैं।


ये सभी टैक्स नहीं बचाने वाली योजनाएं थीं। ऐसी ज्यादा कर बचाने वाली योजनाएं नहीं हैं जो दस साल या उससे ज्यादा अवधि की हों। ईएलएसएस स्कीम इक्विटी फंड में प्रतिफल देती है, क्योंकि दोनों ही इक्विटी में निवेश करते हैं।

आपको क्या करना चाहिए?


आगे बढ़िए और योजना बनाइए – वित्तीय लक्ष्य हासिल करना योजना के साथ ज्यादा आसान हो जाता है। योजना में कर बचाने के साथ ही ज्यादा धन संपत्ति निर्मित हो सकता है। यही सपने सच करने की असली कुंजी है।


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पोस्ट करनेवाले: subasuपर: 20:53, अगस्त 01, 2015

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