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क्या यूलिप वाकई 30 फीसदी लाभ देता है?

प्रकाशित Thu, 01, 2010 पर 16:00  |  स्रोत : Hindi.in.com

सुरेश सद्गोपन  
एक बीमा एजेंट, रवि को बता रहा थाः यह स्कीम आपको अच्छा लाभ दे सकती है। इसके पिछले वर्जन ने भी 32 फीसदी लाभ दिया था। यह निवेश का अच्छा विकल्प है। जबकि यह बीमा पालिसी है। बीमा एजेंट ने कुछ ब्रोशर भी दिए।


रवि मेरी तरफ मुड़ा और संदेह के साथ पूछने लगा, “क्या इस यूलिप से इतना ज्यादा फायदा हो सकता है?”


मेरा कहना था, “एक निश्चित समय सीमा में हर चीज संभव है। आपको यह पूछना चाहिए कि यह प्रतिफल वह कितने समय में दे रहा है और उस अवधि के लिए एक मानक (बैंचमार्क) प्रतिफल की दर क्या है। इससे आपको यह पता लग जाएगा कि यह फंड कैसा कामकाज कर रहा है। आपको शुल्कों पर भी नजर डाल लेनी चाहिए। शुल्क शायद हम कम मान रहे हों लेकिन पहले कुछ सालों में शुल्क ज्यादा हो सकता है। इन योजनाओं में से एक में प्रीमियम अलोकेशन चार्ज 30 फीसदी, 15 फीसदी और 10 फीसदी हो सकते हैं।”

रवि हैरान रह गया। उसने कहा, “लेकिन मेरे ख्याल में नियम तो यह है कि 10 साल या कम अवधि की पालिसी में ग्रास और नेट यील्ड का अंतर 3 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता। दस साल से ज्यादा अवधि की पालिसी में यील्ड का अंतर 2.25 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता। मेरी जानकारी के हिसाब से इस नियम के कारण शुल्क कम रहना चाहिए।”


मुझे पूरा मामला समझ में आ गया। मैंने कहा, “यह पालिसी की अवधि पर निर्भर करेगा, अब यह साल दर साल नहीं होगा।”
मैंने उसे बताया, “दूसरे चार्ज भी हैं। पालिसी एडमिनिस्ट्रेशन चार्ज को भी सावधानी से देखना चाहिए। अगर यह 0.4 फीसदी है तो सालाना 4.8 फीसदी हो गया।”


अब रवि का कहना था कि यह तो काफी ज्यादा है।


मैंने उसे बताया, “हां, काफी ज्यादा है। कई प्राडक्ट में यह ज्यादा है। पालिसी एडमिनिस्ट्रेशन चार्ज को प्रीमियम के निश्चित प्रतिशत के रूप में लिया जाता है। इससे उन लोगों को ज्यादा शुल्क चुकाना पड़ता है जो ज्यादा प्रीमियम चुकाते हैं। ”


रवि का बड़ा अच्छा सवाल था कि फिर कम क्या हुआ है?


मेरे पास इस सवाल का कोई जवाब तैयार तो नहीं था लेकिन मैंने बताया, “फंड मैनेजमेंट चार्ज कुछ कम हुए हैं। कुछ शुल्क बहुत ही ज्यादा थे (जैसे प्रीमियम अलोकेशन चार्ज कुछ मामलों में 70 फीसदी तक थे) उनमें कमी आई। कुछ शुल्क अब भी नई व्यवस्था के तहत नहीं आते हैं।


उदाहरण के लिए निवेश गारंटी से जुड़ी लागत शुद्ध लाभ की गणना से बाहर है। इसलिए गारंटीड एनएवी प्राडक्ट में लागत का एक हिस्सा है। अगर आप पांच साल बाद पालिसी सरेंडर करते हैं तो ज्यादातर पहली बार के (फ्रंट लोड) शुल्क चुकाने होंगे और उस स्थिति में ग्रास यील्ड व नेट यील्ड का अंतर वाला नियम लागू नहीं होगा। जो लोग पालिसी जल्दी सरेंडर करना चाहते हैं, उनके लिए बड़ी समस्या होगी।


रवि यूलिप की सारी कहानी समझ चुका था।