Moneycontrol » समाचार » निवेश

डेट इंस्ट्रूमेंट्स- निवेश का बढ़िया विकल्प

प्रकाशित Sat, 15, 2011 पर 14:00  |  स्रोत : Moneycontrol.com

moneycontrol.com


शेयर बाजार की ओर रुझान बढ़ने के साथ निवेशक डेट इंस्ट्रूमेंट्स से दूर होते जा रहे हैं। जबकि बाजार में उतार-चढ़ाव के दौर में डेट इंस्ट्रूमेंट्स निवेश का बढ़िया विकल्प साबित हो सकते हैं।

डेट इंस्ट्रूमेंट एक एसेट है जिसमें तय अवधि के लिए निवेश करने से फिक्स्ड रिटर्न मिलते हैं। डेट इंस्ट्रूमेंट्स में कम रिटर्न के साथ कम जोखिम होता है। डेट इंस्ट्रूमेंट्स की लिक्विडिटी कम से मध्यम होती है।

निवेशकों के पास डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करने के कई जरिए मौजूद हैं-
- फिक्स्ड डिपॉजिट्स
- डेट म्यूचुअल फंड्स
- बॉन्ड्स और डिबेंचर्स
- सरकारी बचत योजनाएं

आर्थिक हालातों में अस्थरिता, महंगाई बढ़ने पर ब्याज दरें बढ़ती हैं। ब्याज दरें बढ़ने के साथ-साथ डेट इंस्ट्रूमेंट्स का रिटर्न भी बढ़ता है।

हर डेट इंस्ट्रूमेंट में अलग-अलग जोखिम और रिटर्न जुड़ा हुआ होता है। ये कहना गलत नहीं होगा कि हर निवेशक के लिए डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करने का विकल्प मौजूद है।

जो निवेशक कम जोखिम के साथ लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए पीपीएफ और सरकारी सिक्योरिटीज में पैसा लगाना ठीक रहेगा। डीटीसी में पीपीएफ को टैक्स के दायरे से दूर रखा गया है। सरकारी सिक्योरिटीज में जोखिम कम होता है।

जो निवेशक मध्यम जोखिम के साथ छोटी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए डेट फंड्स और फिक्स्ड डिपॉजिट्स बेहतर हैं। डेट फंड्स में कई तरह के डेट सिक्योरिटीज में पूंजी लगाई जाती है। डेट फंड्स में लिक्विडिटी काफी ज्यादा होती है, इसलिए छोटी अवधि के लिए निवेश किया जा सकता है।

(यह लेख बैंकबाजार डॉट कॉम से साभार लिया गया है।)