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इंश्योरेंस की उलझनों से जुड़े सवाल-जवाब

प्रकाशित Sat, 22, 2011 पर 08:51  |  स्रोत : Moneycontrol.com

22 अक्टूबर 2011

सीएनबीसी आवाज़



पॉलिसी बाजार डॉटकॉम के अक्षय मेहरोत्रा इंश्योरेंस के महत्व को समझा रहे हैं। साथ ही कौन सा इंश्योरेंस प्लान लेना सबसे बेहतर रहेगा ताकि समय पर पड़ने वाली जरूरतों की सही तरीके से पूर्ति की जा सके।


सवाल: मैंने 18 महीने पहले कोटक सुपर एडवांटेज प्लस के दो यूलिप प्लान लिए हैं। वहीं पॉलिसी में अब तक 1 लाख रुपये प्रीमियम भर चुका हूं। पॉलिसी लेने के बाद मालुम पड़ा है कि प्लान में से 20 साल के पहले पैसे नहीं निकाल सकते, क्या यह सही है, मैं प्लान से निकलना चाहता हूं क्या करूं?


अक्षय मेहरोत्रा: पॉलिसी लेते समय प्रपोजल फॉर्म में दी गई सारी जानकारियों को पूरी तरह पढ़ने के बाद ही कोई भी प्लान खरीदना चाहिए। वहीं कोटक सुपर एडवांटेज प्लस एक अच्छी पॉलिसी है। पॉलिसी में दूसरे साल से ही पूरा प्रीमियम निवेश होने लगता है। पॉलिसी में बने रहना बेहतर रहेगा। वहीं यदि निकलना ही चाहते हैं तो कम से कम 5 साल की अवधि का इंतजार करें। जब तक सरेंडर चार्ज खत्म नहीं होता तब तक प्लान में बने रहना चाहिए।


सवाल: मेरी उम्र 41 साल है। मेरे पोर्टफोलियो में 12 इंश्योरेंस पॉलिसी हैं। जिसका मैं सालाना 2 लाख रुपये प्रीमियम भरता हूं। क्या इतनी पॉलिसी रखना सही रहेगा?


अक्षय मेहरोत्रा: अपनी जरूरत और उद्देशय के मुताबिक ही किसी भी इंश्योरेंस प्लान लेना चाहिए। वहीं इंश्योरेंस और निवेश दोनों को अलग रखे। पोर्टफोलियो में इतने प्लान रखने से इनके प्रबंधन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जिन पॉलिस का मैच्युरिटी पीरियड पूरा होने वाला हो उसमें बने रहे। बाकी प्लान को सरेंडर कर दें।


सवाल: टर्म प्लान लेते समय क्या-क्या जानकारियां देना जरूरी होता है। ताकि रिजेक्ट ना हो। इंश्योरेंस कंपनियां दी गई जानकारी की पुष्टि कैसे करती हैं?


अक्षय मेहरोत्रा: इंश्योरेंस प्लान लेते समय इंश्योरेंस कंपनी को सही जानकारी देने बेहद जरूरी होता है। प्लान लेने समय उम्र, व्यवसाय और पते का स्पष्टिकरण अच्छी तरह से दें। पॉलिसी लेने के बाद जांच ले पॉलिसी में दी गई जानकारियां पूरी तरह सही हैं या नहीं। गलत जानकारी देने पर क्लेम रद्द होने का खतरा होता है।


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