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जानें टैक्स से जुड़ी हर समस्याओं पर सुझाव

प्रकाशित Sat, 05, 2011 पर 14:16  |  स्रोत : Moneycontrol.com

5 नवंबर 2011

सीएनबीसी आवाज़



टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से जानिए टैक्स की बारीकियां और टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव -

सवाल : नौकरीपेशा कर्मचारी के लिए टैक्स से जुड़ी नई बातें क्या है?    

सुभाष लखोटिया : नौकरीपेशा कर्मचारी के लिए सरकार टैक्स डिडक्शन पर हर साल सर्कुलर जारी करती है। सर्कुलर में एक साल में दो कंपनियों में नौकरी करने पर जरूरी जानकारी होती है। सर्कुलर के तहत मौजूदा कंपनी को पूरानी सैलरी और टीडीएस की पूरी जानकारी देनी चाहिए। जिससे कंपनी को टैक्स जोड़कर काटने में सुविधा होगी।

हाउस प्रॉपर्टी पर ब्याज के नुकसान पर छूट के दावें के लिए नुकसान का ब्यौरा और वेरिफिकेशन स्टेटमेंट देना जरूरी है। कर्मचारी कंपनी को अपने दूसरे स्त्रोंतों से आय पर टैक्स काटने के लिए भी कह सकता है।     

सवाल : पीएफ निकालने पर क्या टैक्स लगेगा? अगर नहीं निकालते तो क्या रकम पर ब्याज मिलती रहेगी?

सुभाष लखोटिया : अगर नौकरी के 5 साल पूरे नहीं हुए है तो पीएफ निकालने पर टैक्स लग सकता है। टैक्स प्लानिंग के दृष्टि से पीएफ ना निकालना बेहतर होगा। इनकम टैक्स के नियम 9 के शेड्यूल 4 में स्पष्ट नियम दिए गए है। आप अपना पीएफ नई नौकरी की जगह ट्रांसफर कर सकते हैं। यदि आप पीएफ नहीं निकलते तो आपको उस पर ब्याज मिलता रहेगा।     

सवाल : पुरानी कंपनी में फॉर्म 13 समय पर नहीं मिला। ऐसे में कंपनी ने पीएफ का चेक भेजा। पीएफ रकम निकालना नहीं चाहते, क्या करें?

सुभाष लखोटिया : कंपनी ने पीएफ का चेक भेजा है तो आप चेक कैंसिल करवाएं और नई नौकरी की जगह पूरा पैसा ट्रांसफर करें। पीएफ निकालने के लिए फॉर्म नहीं दे, नई कंपनी में अकाउंट ट्रांसफर करना ही बेहतर विकल्प है।  

सवाल : क्या किराए की रकम पर सर्विस टैक्स लगता है?        

सुभाष लखोटिया : कमर्शियल प्रॉपर्टी से सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा का किराया आता है तो सर्विस टैक्स लगता है। रिहायशी प्रॉपर्टी के किराए पर टैक्स नहीं लगता है। ज्यादा जानकारी के लिए सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट के ऑफिस में संपर्क करें।    

सवाल : नौकरीपेशा कर्मचारी के सैलरी इनकम पर टैक्स छूट के क्या प्रावधान होते है?
          
सुभाष लखोटिया : सीबीडीटी के सर्कुलर नंबर 5 के तहत मुताबिक सैलरी इनकम के तहत प्रोफेशनल टैक्स पर छूट मिलेगी। ध्यान रखें कि कर्मचारियों को मिलने वाल स्टैंडर्ड डिडक्शन अब लागू नहीं है। 

सवाल : सितंबर 2011 में पिता की सर्जरी के लिए 2 लाख रुपये खर्च किए। इनकम टैक्स के तहत क्या छूट मिलेगी?
         
सुभाष लखोटिया : सेक्शन 80डीडीबी के तहत सालाना 40,000 या वरिष्ठ नागरिक के इलाज पर 60,000 की छूट मिल सकती है। छूट सिर्फ नियम 11डीडी के तहत दी गई बीमारियों के इलाज के लिए ही है।

सवाल : 2001-2002 में एक प्लॉट 1 लाख रुपये में खरीदा और 2010 में 7 लाख में बेचा और रकम बिजनेस में लगाई है। टैक्स बचत के क्या विकल्प है?
         
सुभाष लखोटिया :
प्लॉट बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन लगेगा। कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स के मुताबिक प्लॉट की कीमत 1.70 लाख रुपये के करीब हो जाएगी। बिक्री कीमत से 1.70 लाख रुपये घटाकर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन मिलेगा जिसपर टैक्स लगेगा। कैपिटल गेन बॉन्डस या नई प्रॉपर्टी खरीदकर इनकम टैक्स बच सकता था।
  

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