Moneycontrol » समाचार » निवेश

जीवन में फाइनेंशियल प्लानिंग की अहम भूमिका

प्रकाशित Sat, 19, 2011 पर 10:55  |  स्रोत : Moneycontrol.com

19 नवंबर 2011

सीएनबीसी आवाज़



व्यक्ति के जीवन नें हर कदम पर उतार-चढ़ाव आते हैं। जीवन के हर अच्छे और बुरे समय में जरूरत होती है पैसों की और इस जरूरत को पूरा करने के लिए आवश्यकता होती है सही फाइनेंशियल प्लानिंग की। वह फाइनेंशियल प्लानिंग जिससे व्यक्ति अपने परिवार की सुख-सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने रणनीति भी तैयार करता है।


वाइज इंवेस्ट एडवाइजर्स के हेमंत रुस्तगी के मुताबिक व्यक्ति के जीवन में फाइनेंशिय प्लानिंग की भूमिका बेहद अहम है। आज के दौर में बिना प्लानिंग के एक कदम भी चल पाना बेहद मुश्किल है। इसीलिए हर व्यक्ति को अपनी आय के मुताबिक फाइनेंशियल प्लानिंग की रूपरेखा तैयार करनी चाहिए।


परिवार की सुरक्षा का लक्ष्य


हेमंत रुस्तगी का कहना है कि हर व्यक्ति को सबसे पहले अपनी परिवार की सुरक्षा के बारे में प्लानिंग करनी चाहिए। इसके लिए फैमिली फ्लोटर के साथ-साथ बेहतर कवर देने वाला टर्म प्लान लें। वहीं और पुख्ता सुरक्षा के लिए टर्म प्लान के साथ राइडर भी जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा अपनी मासिक आय करीब 6 गुना पैसा इमरजेंसी फंड में रखें ताकि नौकरी जाने या घर के कमाऊ व्यक्ति के साथ कोई अप्रिय घटना घट जाए, तो ऐसे समय के लिए ये पैसे काम आएं।


बच्चों की पढ़ाई का लक्ष्य


हेमंत रुस्तगी के मुताबिक परिवार की सुरक्षा के साथ-साथ बच्चों की बेहतर शिक्षा देना भी घर के मुखिया और माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। वैश्विकरण और प्रतिस्पर्धा के इस दौर में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहने के लिए उच्च शिक्षा की जरूरत होती है। और बच्चों की उच्च शिक्षा देने के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है। इसीलिए इसके बारे में शुरुआत से सोचना चाहिए। उदाहरण के लिए मान लीजिए किसी व्यक्ति को अपने बेटे की शिक्षा के लिए 15 साल बाद 50 लाख रुपये की जरूरत है। ऐसे में उसे शुरुआत से प्लानिंग करते हुए हर महीने करीब 8 रुपये एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड में लगाने चाहिए। जिससे वह 15 साल बाद 50 लाख रुपये के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकता है।


रिटायरमेंट का लक्ष्य


हर व्यक्ति को पारिवारिक दायित्व को निभाते हुए अपने रिटायरमेंट के बारे में भी सोचना चाहिए। व्यक्ति के जीवन में एक दिन ऐसा भी आता है जब उसे अपनी नौकरी से सेवानिवृत्त होना पड़ता है। ऐसे में रिटायरमेंट की नीति भी शुरुआत से तैयार करें ताकि सेवानिवृत्ति के बाद परेशानियों का सामना ना करना पड़े। अपनी आय कुछ हिस्सा हर महीने अपने रिटायरमेंट के लिए जमा करना चाहिए। मान लीजिए 19 साल बाद रिटायमेंट होने के बाद किसी व्यक्ति जीवनयापन के लिए को 2 करोड़ रुपयों की जरूरत होगी। इसके लिए उस अभी से हर महीने करीब 18 हजार रुपये तक म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए। वहीं यह लक्ष्य हर व्यक्ति की आय के मुताबिक बदल भी सकता है।


वीडियो देखें