इंश्योरेंस पर निवेश सलाह -
Moneycontrol » समाचार » बीमा

इंश्योरेंस पर निवेश सलाह

प्रकाशित Sat, 03, 2011 पर 15:32  |  स्रोत : Moneycontrol.com

3 दिसंबर 2011

सीएनबीसी आवाज़



आई-सेव डॉटकॉम के उप-संस्थापक अनिल सेहगल जानकारी दे रहे हैं कि कैसे इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है। वहीं कौन सी इंश्योरेंस पॉलिसी लेना सबसे बेहतर रहेगा।

सवाल : जनवरी 2010 में 5 लाख रुपये कवर की एलआईसी जीवन साथी पॉलिसी ली है। जिस का प्रीमियम 19,933 रुपये और टर्म 30 साल का है। क्या इस पॉलिसी का अगला प्रीमियम देना चाहिए? पॉलिसी सरेंडर करने पर क्या कुछ पैसें मिलेंगे? या फिर इस पॉलिसी को किसी और पॉलिसी से बदल सकते हैं?  

अनिल सेहगल : एलआईसी जीवन साथी पॉलिसी ज्वाइंट लाइफ एंडावनेंट इंश्योरेंस प्लान है। जिसमें पति पत्नी दोनों को लाइफ कवर मिलती है। जीवन साथी में एक भी साथी मौत होने पर पॉलिसी की पूरी रकम मिल जाती है।

जीवन साथी में बचे हुए साथी को मैच्योरिटी पर फिर पॉलिसी की रकम और बोनस मिलती है। जीवन साथी में अगर दोनों साथी जिंदा रहते तो पॉलिसी की रकम और बोनस मिलती है। 3  साल बाद ही जीवन साथी पॉलिसी को सरेंडर किया जा सकता है। आपने 3 साल पूरा नहीं किया है, ऐसे में अभी आपको सरेंडर वैल्यू नहीं मिलेगी।

सवाल : मैक्स बूपा का फैमिली फ्लोटर और स्टार हेल्थ का फैमिली हेल्थ ऑप्टिमा कैसा प्लान है?

अनिल सेहगल : मैक्स बूपा का फैमिली फ्लोटर और स्टार हेल्थ का फैमिली हेल्थ ऑप्टिमा प्लान अच्छा है। ओपीडी खर्च को कवर करने के लिए अपोलो म्युनिख मैक्सिमा और आईसीआईसीआई लॉम्बार्ड हेल्थ एडवांटेज प्लस बेहतर प्लान है।

सवाल : टर्म प्लान में बढ़िया ऑप्शन क्या होगा? पोलिसी लेने के पहले क्या-क्या जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए?  किन हालात में लाइफ इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देने से इनकार करती है?

अनिल सेहगल : आप टर्म ऑनलाइन इंटरनेट द्वारा या एजेंट के जरिए या ब्रांच में जाकर ले सकते हैं। ऑनलाइन प्लान के दाम थोड़े कम होते हैं। अवीवा आई लाइफ, आईसीआईसीआई प्रू आई केयर, कोटक ई टर्म, एगॉन रेलिगेयर ये सारे बेहतर टर्म प्लान है।

पॉलिसी लेने से पहले इंश्योरेंस कितना और किस कारण के लिए चाहिए ये समझना जरूरी है। कितने साल में कितना बेनिफिट मिलेगा, कंपनी की सर्विस कैसी है।
अगर आप गैरव्यवहार करते है, प्रपोजल फॉर्म पर गलत जानकारी देते है। अगर इंश्योरेंस कंपनी को लगता है कि आपकी वजह कंपनी को नुकसान हुआ है, तो उन हालातों में इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देने से इनकार करती है।

 
वीडियो देखें