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सही जानकारी है इंश्योरेंस की परेशानियों का हल

प्रकाशित Sat, 10, 2011 पर 08:36  |  स्रोत : Moneycontrol.com

10 दिसंबर 2011

सीएनबीसी आवाज़



इंश्योरेंस प्लान को लेकर पॉलिसी धारक को कई परेशानियां होती हैं। कौन सी पॉलिसी खरीदना चाहिए ताकि उद्देश की पूर्ति हो सके और कौन सी इंश्योरेंस पॉलिसी को नजरअंदाज करना देना चाहिए इनकों लेकर पॉलिसी धारक में अक्सर असमंजस की स्थिति बनी रहती है। साथ ऑनलाइन टर्म प्लान के आने से लोगों में यह परेशानी और बढ़ गई है कि ऑनलाइन टर्न प्लान लें या फिर ऑफलाइन टर्म लेना बेहतर रहेगा। वहीं कई पॉलिसी धारकों के मन में क्लेम सेटमेंट को लेकर भी संशय की स्थिति बनी रहती है। उन्हें लगता है की एलआईसी के मुकाबले निजी इंश्योरेंस कंपनियों का क्लेम सेटलमेंट रेश्यो काफी कम है। ऐसे में निजी इंश्योरेंस कंपनी से पॉलिसी खरीदे या नहीं।


पॉलिसी बाजार डॉटकॉम के अक्षय मेहरोत्रा पॉलिसी धारकों की ऐसी ही परेशानियों का हल बता रहे हैं।


ऑनलाइल टर्म प्लान लेना बेहतर


ऑनलाइन टर्म प्लान और ऑफलाइ टर्म प्लान में कोई अंतर नहीं होता है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही इंश्योरेंस कंपनी को पॉलिसी बेचने के तरीके हैं। ऑनलाइन टर्म प्लान भी उतना ही सुरक्षित होता है जितना ऑफलाइन टर्म प्लान जो पॉलिसी धारक सीधे इंश्योरेंस कंपनी से खरीदता है या फिर एजेंट के माध्यम से।


पॉलिसी लेते समय सही जानकारी देना जरूरी


पॉलिसी धारकों में संशय की स्थिति देखी गई है कि ऑनलाइन टर्म प्लान लेने पर कहीं क्लेम रिजेक्ट ना हो जाए। पॉलिसी लेते समय इंश्योरेंस कंपनी को अपने बारे पूरी सही जानकारी देना जरूरी होता है। ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही प्लान लेते समय कंपनी को अपने बारे में जानकारी सही दें। जानकारी सही देने में कोई भी कंपनी क्लेम रिजेक्ट नहीं करती।


एलआईसी-निजी इंश्योरेंस कंपनियों के क्लेम सेटलमेंट रेश्यो में अंतर


कई पॉलिसी धारकों की यह शिकायत होती है की एलआईसी का क्लेम रेश्यो दूसरी निजी इंश्योरेंस कंपनियों के क्लेम रेश्यो से कहीं ज्यादा है। ऐसे में निजी इंश्योरेंस कंपनियों से पॉलिसी लेने में क्लेम रिजेक्ट होने का डर भी कई पॉलिसी धारकों को सताता रहता है। लेकिन पॉलिसी धारकों की यह सोच गलत है, क्योंकि कोई भी इंश्योरेंस कंपनी जानबूझकर क्लेम रिजेक्ट नहीं करती है। वहीं एलआईसी और निजी इंश्योरेंस कंपनियों के क्लेम सेटलमेंट रेश्यो में अंतर इसलिए है क्योंकि एलआईसी एक पुरानी इंश्योरंस कंपनी है, जबकि बाकी निजी इंश्योंरेंस कंपनियों को बाजार में आए ज्यादा समय नहीं हुआ है। उनके ग्राहक भी एलआईसी की तुलना में बेहद कम है और इसीलिए एलआईसी का क्लेम सेटलमेंट रेश्यो भी इन कंपनियों के मुकाबले ज्यादा है।


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