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प्रॉपर्टी पर टैक्स बचाने के टैक्स गुरू के टिप्स

प्रकाशित Sat, 17, 2011 पर 12:23  |  स्रोत : Moneycontrol.com

17 दिसंबर 2011

सीएनबीसी आवाज़



टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया से जानें कि प्रॉपर्टी बेचते-खरीदते समय टैक्स कैसे बचाया जा सकता है।



प्रॉपर्टी खरीदते-बेचते समय बचाएं टैक्स-

टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया का कहना है कि प्रॉपर्टी बेचते-खरीदते समय तारीख का ध्यान रखें तो आप टैक्स बचा सकते हैं। अगर आप प्रॉपर्टी बेचने के 36 महीने बाद बेचते हैं तो आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन होगा और इस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने समय आप लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स के जरिए पूंजी बचा सकते हैं।



अगर आप प्रॉपर्टी बेचने के बाद नया फ्लैट घर वगैरह बनाते हैं तो पुरानी प्रॉपर्टी बेचने के 2 साल के भीतर नया मकान तैयार हो जाना चाहिए। इंकम टैक्स छूट के तहत पुराना मकान बेचकर नया मकान बनाने में कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स का फायदा लेने के लिए इस नियम का ध्यान रखना जरूरी है।



विरासत में मिली जमीन पर कैसे बचाएं टैक्स


टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया ने जानकारी दी कि विरासत में कोई जमीन मिली है तो इसे बेचने के बाद बिक्री कीमत में से कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स की कीमत घटाएं और बची रकम पर टैक्स देनदारी बनेगी। विरासत में मिली जमीन पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन बेनेफिट के साथ कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स बेनेफिट भी मिलेगा।



गिफ्ट में मिली जमीन पर टैक्स कैसे बचाएं

मान लीजिये कि किसी व्यक्ति को अपनी पत्नी के पिता द्वारा गिफ्ट में जमीन मिल रही है तो इसे बेचने और नए मकान, जमीन में निवेश करने पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।



मुआवजे की राशि पर टैक्स-

अगर सरकार द्वारा एग्रीकल्चर लैंड के बदले मुआवजा दिया जाता है तो इसपर आयकर की सेक्शन 10 के तहत किसी भी तरह की टैक्स देनदारी नहीं बनती है और आप टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं।



विदेशी नागरिक कैसे बचाएं टैक्स-

सुभाष लखोटिया ने जानकारी दी कि अगर आप विदेश में रहते हैं और वहां से भारत पैसा भेजते हैं तो इस पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगेगा। वहीं विदेश में रहकर भारत में निवेश करें तो इस पर भी कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती है। आप प्रॉपर्टी भी खरीद सकते हैं और बेच सकते हैं, इस पर भी टैक्स नहीं लगेगा, हालांकि कुछ बातों का ध्यान रखना होगा जैसे फेमा नियमों का ध्यान रखकर एनआरई अकाउंट का पैसा निवेश कर सकते हैं और बेचने वाली प्रॉपर्टी एग्रीकल्चर लैंड ना हो।



वसीयत में मिली जमीन पर कैसे बचाएं टैक्स-

टैक्स गुरू का कहना है कि वसीयत के तहत अगर बच्चों को मकान देते हैं तो पत्नी के रहने के अधिकार के बारे में वसीयत में साफ-साफ लिखें। इसके अलावा एक ही मकान को बेटा-बेटी के बीच ना बांटें। अगर आप के पास 1 से ज्यादा मकान-प्रॉपर्टी है तो उस अपने बच्चों के बीच में अलग-अलग बांटे और इस पर अलग-अलग टैक्स छूट का फायदा लें।



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