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टैक्स बचत पर टैक्स गुरु के सुझाव

प्रकाशित Sat, 28, 2012 पर 15:14  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से जानिए टैक्स की बारीकियां और टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव -


सवाल : जीरो गोल इंवेस्टर की परिभाषा क्या है? और जीरो गोल इंवेस्टर कहां निवेश कर सकते हैं?  


सुभाष लखोटिया : जीरो गोल इंवेस्टर मतलब एक ऐसा व्यक्ति जिसने निवेश और बचत के अपने सभी टार्गेट पूरे किए है और उसके पास पैसा तो है, लेकिन कोई जरूरी नहीं की वो कोई जोखिम भरा निवेश लें। तो ऐसे ही जीरो गोल इंवेस्टर बैंक एफडी, सीनियर सिटीजन सेविंग स्किम, एनएससी 9 इश्यू, टैक्स फ्री बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं।


सवाल : सेक्शन 80सी में बचत के लिए बैंक एफडी करना चाहते हैं। क्या पत्नी के साथ ज्वाइंट अकाउंट खोल सकते हैं?
  
सुभाष लखोटिया : बैंक एफडी के लिए पत्नी के साथ ज्वाइंट अकाउंट खोलने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। लेकिन टैक्स छूट के लिए आपको ज्वाइंट अकाउंट में एफडी में पहला नाम खुद का रखना होगा।   


सवाल : माह 60,000 रुपये तनख्वाह है। सेक्शन 80 सी का करीब 1 लाख तक का निवेश कर दिया है, लेकिन फिर भी सालाना 30,000 रुपये तक का टैक्स भरना पड़ रहा है। किस तरह से मैं अपना अतिरिक्त टैक्स बचा सकता हूं?  


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 80सीसीएफ के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड में 6,000 रुपये तक का निवेश करने पर आपको टैक्स छूट मिल सकती है। इसके अलावा आप होम लोन लेकर घर खरीद सकते हैं और होम लोन के पेमेंट पर भी आपको टैक्स छूट मिल सकती है।    

सवाल :
क्या विदेशी बैंक अकाउंट के सभी होल्डर्स टैक्स रि-असेसमेंट के दायरे में आते हैं? 
 
सुभाष लखोटिया : बेनामी आय और संपत्ती को टैक्स के दायरे में लाना चाहिए। इनकम का गलत असेसमेंट या गलत टैक्स छूट होने पर टैक्स असेसमेंट 6 साल तक फिर से खोले जाने का प्रावधान है।
  
सवाल : जमीन बेचकर घर खरीदना है। सेक्शन 54एफ के तहत छूट के लिए क्या घर में निवेश जमीन के मालिक के नाम से जरूरी है?        


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 54एफ के तहत छूट के लिए नए घर में निवेश जमीन मालिक के नाम से ही होना जरूरी चाहिए। 


सवाल :  बंगाल पीयरलेस में फ्लैट मिला है। साल में दो बार 1.50 लाख रुपये की किश्त दे रहे हैं। क्या सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट मिलेगी? 


सुभाष लखोटिया : आपको लॉटरी में मिला हुआ मकान हाउसिंग बोर्ड का है। चूंकि होमलोन का रिपेमेंट हाउसिंग बोर्ड को करना है, इसलिए होमलोन रिपेमेंट पर सेक्शन 80सी के तहत छूट मिलेगी।


सवाल : पति के साथ मिलकर घर ले रही हैं और उसके लिए होमलोन भी लेंगे। किसके नाम से फ्लैट लेना बेहतर होगा ताकि टैक्स कम से कम लगें?


सुभाष लखोटिया : जिस पार्टनर की तनख्वाह ज्यादा है, उसके नाम से ही घर लेना बेहतर विकल्प होगा। अगर ज्यादा तनख्वाह वाले पार्टनर के नाम पर घर लिया जाता है तो काफी टैक्स छूट मिल सकती हैं। 


सवाल : माता-पिता को अपने ऊपर आश्रित दिखाकर सेक्शन 80यू के तहत छूट ले रहे हैं। कितनी छूट ली जा सकती हैं? 


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 80यू के तहत स्वयं विकलांग होने पर व्यक्ति को छूट मिल सकती है। माता-पिता को विकलांगता है, तो आप सेक्शन 80डीडी के तहत छूट ले सकते हैं। सेक्शन 80डीडी के तहत आश्रित विकलांग व्यक्ति की देखभाल के लिए 50,000 रुपये और 1 लाख तक की छूट मिल सकती है। 
  


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