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प्रॉपर्टी निवेश पर जानकारों की सलाह

प्रकाशित Sat, 18, 2012 पर 11:23  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जानते हैं प्रॉपर्टी से जुड़ी कानूनी दिक्कतों पर पार्कलेन प्रॉपर्टी एडवाइजर के फाउंडर अक्षय कुमार और कानूनी सलाहकार उदय वाविकर की सलाह -



सवाल : मुंबई में निवेश के लिए घर लेना हैं। बोइसर विरार के एक प्रोजेक्ट में 2100 रुपये प्रति वर्गफुट से 1-2 साल के लिए निवेश करना बेहतर होगा?
    
अक्षय कुमार : बोइसर एक इंडस्ट्रियल एरिया है, जोकि मुंबई के काफी नजदीक है और सबर्ब के मुकाबले वहां पर प्रॉपर्टी की कीमतें काफी कम है। विरार में प्रॉपर्टी की मांग ज्यादा है। लंबी अवधि के लिए बोइसर प्रॉपर्टी में अच्छा निवेश हो सकता है।         

सवाल
:  30 लाख के बजट में अहमदाबाद के एस जी हाईवे या प्रहलाद नगर में 2 बीएचके लेना है। क्या पर्याप्त बजट में मुमकीन है, भविष्य में भाव कैसे बढ़ेंगे? 


अक्षय कुमार : अहमदाबाद का प्रॉपर्टी मार्केट अभी काफी ठंडा है, लेकिन फिर भी प्रॉपर्टी की मांग कायम है। एस जी हाईवे, प्रहलाद नगर में 5000 रुपये प्रति वर्गफुट तक की कीमत पर प्रॉपर्टी मिल रही है। इसके अलावा मर्कबा और विजयगढ़ में प्रॉपर्टी के दाम काफी कम है। मर्कबा और विजयगढ़ में 3000-3500 रुपये प्रति वर्गफुट पर प्रॉपर्टी मिल सकती है। अगले 5-7 सालों में अहमदाबाद में प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने की उम्मीद है।
         
सवाल : मॉल में दुकान की बुकिंग की है, पजेशन लेते वक्त बिल्डर ने पार्किंग के लिए 7 लाख रुपये मांगे हैं, पैसे भरे बैगेर पजेशन नहीं मिलेगा, ये शर्त एग्रीमेंट करते वक्त नहीं रखी थी। बाकी सारे पैसे हम भर चुके हैं, पजेशन के लिए दो साल देरी हो चुकी है। ऐसे स्थिति में क्या करना चाहिए। 


उदय वावीकर : सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले के बाद पार्किंग के लिए पैसे लेना गैरकानूनी है। आप कंज्यूमर कोर्ट या सिविल कोर्ट में पजेशन की देरी के लिए केस दायर कर सकते हैं। साथ ही दुकान सेल्फ एप्लॉईड के लिए है, ये साबित करके आप पजेशन में देर करने के लिए बिल्डर से मुआवजा भी मांग सकते हैं। 


सवाल : बिल्डर ने दो ओपन पार्किंग एक फ्लैट मेंबर को बेच दी है। जिसके कारण सोसायटी में पार्किंग की कमी है। क्या सोसायटी सभी सदस्यों को कम से कम एक पार्किंग अलॉट कर सकती है? 


उदय वावीकर : हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसायटी के मुताबिक कम से कम 1 पार्किंग हर सदस्य को मिलनी चाहिए। अगर जगह कम है तो लॉटरी सिस्टम से पार्किंग अलॉट की जा सकती है। सोसायटी सभी सदस्यों को समान पार्किंग बांट सकती है।   


सवाल : ब्लू प्रिंट के बारे में विस्तार से जानकारी चाहिए। क्या मकान मालिक के पास ब्लू प्रिंट होना जरूरी होता है?  


उदय वावीकर : ब्लू प्रिंट मतलब नगर निगम से अप्रुव हुआ प्रॉपर्टी का फाइनल प्लान। मकान मालिक और सोसायटी के पास ब्लू प्रिंट होना काफी जरूरी होता है।


सवाल : नासिक का घर किराए पर दिया है और मैं पुणे में रहता हूं। सोसायटी नहीं बनी लेकिन मेंटेनेंस भरता हूं। बिल्डिंग के 3 लोग पैसे का हिसाब रखते हैं। जनवरी 2012 से पैसे बढ़ा रहे हैं। लेकिन ये सिर्फ किराए पर दिए मकान मालिकों के लिए लागू है। क्या करें? 


उदय वावीकर : सोसायटी रजिस्टर्ड नहीं इसलिए कमेटी को मेटेंनेंस चार्ज बढ़ाने का हक नहीं है। लेकिन अगर मेंटेनेंस चार्ज बढ़ाना है तो कमेटी को सभी के लिए समान चार्ज लगाना होगा। आप प्रॉपर्टी चार्ज अलग दे। को-ऑअपरेटिव सोसायटी एक्ट के तहत घर किराए पर दिया तो 10 फीसदी सर्विस चार्ज देना होगा।   


सवाल : 1996 में दुकान 2 लाख रुपये में बेच दी। खरीदार की मांग के अनुसार उस वक्त कागजात पर दस्तखत नहीं किए थे। अब दुकान की कीमत 9 लाख रुपये हो चुकी है। अब खरीदार 9 लाख रुपये के कागजात पर दस्तखत मांग रहा है। क्या करें?  
      
उदय वावीकर : अगर 2 लाख रुपये की सेल डीड रजिस्टर्ड हो तो एक रेक्टिफिकेशन डीड बनाई जा सकती है। स्टैम्प डयूटी और रजिस्ट्रेशन के पैसे जमा करने की जिम्मेदारी खरीदार की है, ऐसा सेल डीड में लिखें। 


सवाल : पिताजी का प्रॉपर्टी का बिजनेस था। 5 साल पहले पिताजी का देहांत हुआ है। उनकी जमीन है, लेकिन कागजात नहीं हैं। पिताजी के बिजनेस पार्टनर के पास सारे कागजात है। अब सारी प्रॉपर्टी अकेले हथियाना चाहते हैं, क्या करें?


उदय वावीकर : अच्छे वकिल की मदद से आप प्रॉपर्टी सर्च रिपोर्ट लें और साथ ही रजिस्ट्रार ऑफिस से रजिस्ट्री की सर्टिफाइड कॉपी निकालें। लैंड सर्च रिकॉर्ड से प्रॉपर्टी का मालिकाना हक किसके पास है इसका पता लगाएं। आप आरटीआई के तहत भी कागजात हासिल कर सकते हैं।   



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