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एजुकेशन लोन पर टैक्स छूट के प्रावधान

प्रकाशित Mon, 20, 2012 पर 10:28  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आयकर अधिनियम की धारा 80-ई के तहत व्यक्तिगत करदाता एजुकेशन लोन पर चुकाए गए ब्याज की राशि की आय में से छूट प्राप्त कर सकते हैं। यह छूट करदाता की कर योग्य आय से ही प्राप्त की जा सकती है अर्थात यदि करदाता की आयकर योग्य नहीं है तो इस छूट का लाभ नहीं लिया जा सकता है।


कौन से करदाता ले सकते हैं इस छूट का लाभ : केवल व्यक्तिगत करदाता ही एजुकेशन लोन पर टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं अर्थात एचयूएफ या अन्य श्रेणी के करदाता इस छूट का लाभ नहीं ले सकते हैं।


किसकी एजुकेशन के लिए लोन लिया जा सकता है : करदाता स्वयं अपनी, अपने जीवनसाथी या अपने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए लोन लेता है तो आयकर अधिनियम की धारा 80-ई के तहत टैक्स में छूट प्राप्त कर सकता है। कर निर्धारण वर्ष 2010-11 से किसी छात्र के वैधिक अभिभावक की हैसियत से भी यदि शिक्षा लोन लिया गया है तो धारा 80-ई के तहत टैक्स में छूट प्राप्त की जा सकती है। टैक्स छूट का लाभ उसी व्यक्ति को मिलता है, जिसने लोन लिया है।


किस एजुकेशन के लिए लोन लिया जा सकता है : धारा 80-ई के तहत कर निर्धारण वर्ष 2010-11 से शिक्षा का दायरा बढ़ाकर उन सभी एजुकेशन को शामिल कर लिया गया है, जो सीनियर सेकंडरी या समकक्ष के बाद किसी स्कूल, बोर्ड या विश्वविद्यालय, जो केंद्र या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है, से ग्रहण की जाए।


लोन कहां से लिया जा सकता है : धारा 80-ई के तहत टैक्स छूट प्राप्त करने के लिए किसी बैंक, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट या किसी चैरिटेबल इंस्टीट्यूट, जो कि धारा 10 (23-सी) या धारा 80-जी (2) (ए) के तहत अधिकृत हो, से ही लिया जाना आवश्यक है।


कितनी छूट प्राप्त की जा सकती है : एजुकेशन लोन पर चुकाए गए संपूर्ण ब्याज की छूट प्राप्त की जा सकती है। ध्यान रहे, एजुकेशन लोन पर प्रिंसीपल रिपेमेंट की छूट प्राप्त नहीं की जा सकती है।


कितनी अवधि तक छूट प्राप्त की जा सकती है : ब्याज चुकाने वाले प्रथम वर्ष से लेकर अगले 7 वर्ष तक या जब तक ब्याज चुकाया जाए, दोनों में से जो भी पहले समाप्त हो, उस वर्ष तक टैक्स छूट प्राप्त की जा सकती है।


प्रस्तावित डायरेक्ट टैक्स कोड : प्रस्तावित डायरेक्ट टैक्स कोड के प्रावधानों के तहत भी एजुकेशन लोन पर टैक्स छूट प्राप्त की जा सकेगी।