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इंश्योरेंस की परेशानियों से जुड़े सवाल-जवाब

प्रकाशित Sat, 03, 2012 पर 09:07  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अपनापैसा डॉटकॉम के सीईओ हर्ष रूंगटा का बता रहें हैं इंश्योरेंस से जुड़ी समस्याओं का हल।


सवाल: मैंने मैक्स न्यूयॉर्क का लाइफ मेकर यूलिप प्लान साल 2005 में लिया था। जिसका सालाना प्रीमियम 16,000 रुपये है, कवर 4,28000 रुपये है। वहीं 7 साल में 1 लाख रुपये ज्यादा का प्रीमियम भरने पर भी प्लान की फंड वैल्यु केवल 64,000 रुपये ही है। क्या पॉलिसी से निकलना बेहतर रहेगा?


हर्ष रूंगटा: किसी भी यूलिप प्लान में लंबी अवधि का नजरिया होना चाहिए, हालांकि प्लान में शुरुआती साल में चार्जेस ज्यादा होते हैं के कारण रिटर्न कम दिखाई देते हैं। लेकिन 7 साल तक प्रीमियम भरने के बाद भी रिटर्न कम लग रहा है तो पॉलिसी से निकलना बेहतर रहेगा। वहीं आपको सरेंडर चार्ज भी नहीं लगेगा। लेकिन पॉलिसी सरेंडर करने से पहले दूसरा इंश्योरेंस कवर जरूर लें।


सवाल: मेरी उम्र 39 साल है और मैं खुद का कारोबार करता हूं। वहीं सालाना आय 2 लाख रुपये के आसपास है। मैं टर्म प्लान लेना चाहता हूं, इंश्योरेंस कंपनियां मेरी आय कैसे तय करेंगी?


हर्ष रूंगटा: खुद का कारोबार है और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं तो इंश्योरेंस कंपनी को रिटर्न फाइल का प्रूफ दिखाएं। प्रूफ के आधार पर सालाना 2 लाख रुपये आय के मुताबिक 20 लाख रुपये का कवर आसानी से मिल जाएगा। साथ ही ऑनलाइन टर्म प्लान लेना सही रहेगा, जिसमें कम प्रीमियम का भुगतान करना पड़ेगा।


सवाल: मैंने अविवा लाइफ सेवर प्लस प्लान साल 2008 में निवेश के लिहाज से लिया था। पॉलिसी का सालाना प्रीमियम 15,000 रुपये है, वहीं मौजूदा सरेंडर वैल्यु 34,324 रुपये है। पॉलिसी से निकलना चाहता हूं, क्या करूं?


हर्ष रूंगटा: इंश्योरेंस और निवेश दोनों के अलग-अलग उद्देशय हैं। इंश्योरेंस और निवेश को कभी एक साथ नहीं मिलाना चाहिए। वहीं यहि यह प्लान निवेश के लिहाज से लिया है तो पॉलिसी सरेंडर करने का फैसला बेहतर रहेगा। वहीं सरेंडर करने पर मिले पैसे को म्यूचुअल फंड लगा सकता हैं। हालांकि इंश्योरेंस, निवेश से ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।


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