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इंश्योरेंस की उलझनों से जुड़े सवाल-जवाब

प्रकाशित Sat, 10, 2012 पर 08:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के डायरेक्टर पंकज मठपाल बता रहे हैं इंश्योरेंस पॉलिसी लेते में होने वाली परेशानियों से छुटकारा पाने का तरीका।


सवाल: मेरी मां की उम्र 58 साल है और उन्हें शुगर, बीपी जैसी बीमारिया हैं। लेकिन मां के लिए इंश्योरेंस कवर मिलने में मुश्किल हो रही है। मैं ऐसा प्लान लेना चाहती हूं जिसमें पेसमेकर्स का खर्चा भी शामिल हो?


पंकज मठपाल: 58 साल की उम्र में इश्योरेंस पॉलिसी मिलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आप न्यू इंडिया इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस जैसी नेशनल इंश्योरेंस कंपनियों से संपर्क कर सकती हैं। वहीं इंश्योरेंस कंपनी पहले मेडिकल जांच करेंगी, हालांकि मेडिकल जांच के बाद भी पॉलिसी देने का अंतिम फैसला इंश्योरेंस कंपनी का ही होगा।


सवाल: मेरे पास एलआईसी की जीवन सरल पॉलिसी है, जिसका प्रीमियम 12,130 रुपये सालाना है। वहीं अब तक 6 प्रीमियम भर चुका हूं। लेकिन अब भी फंड वैल्यु काफी कम है, पॉलिसी सरेंडर करना चाहता हूं, क्या करूं?


पंकज मठपाल: आपके द्वारा लिए गए इंश्योरेंस प्रोडक्ट के रिटर्न से यदि संतुष्ट नहीं हैं तो पॉलिसी सरेंडर कर सकते हैं। वहीं 6 प्रीमियम भरने के बाद सरेंडर चार्ज भी कम लगेगा।


सवाल: मेरे पास एलआईसी का टर्म प्लान है, जिसका सालाना प्रीमियम 16,800 रुपये है। लेकिन अब बाजार में कई ऑनलाइन टर्म प्लान आ गए हैं, जो काफी कम प्रीमियम पर अच्छा कवर दे रहे हैं। क्या एलआईसी की पॉलिसी को सरेंडर कर सकता हूं?


पंकज मठपाल: ऑनलाइन टर्म प्लान के प्रीमियम काफी कम होने की वजह से इसकी मांग काफी बढ़ी है। यदि काफी कम प्रीमियम में पर्याप्त कवर मिल रहा है तो मौजूदा पॉलिसी को सरेंडर कर सकते हैं। लेकिन सरेंडर करने से पहले इंशयोरेंस कंपनी से सरेंडर चार्ज की जानकारी जरूर लें, उसके बाद ही पॉलिसी सरेंडर का फैसला लेना चाहिए।


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