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बजट के बाद कैसे करें फाइनेंशियल प्लानिंग

प्रकाशित Sat, 17, 2012 पर 11:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

प्रणव मुखर्जी ने 1,80,000 रुपये तक मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 2,00,000 रुपये कर दी है। यानि 2,00,000 रुपये तक की आय वालों के लिए सालाना 2,000 रुपये की टैक्स बचत हो सकती है। बजट के बाद अपने टैक्स और निवेश की प्लानिंग कैसे करें। आइए इन उलझनों पर  जानते है जानकारों की राय -


वाइजइंवेस्ट एडवाइजर्स के सीईओ हेमंत रुस्तगी का कहना है कि वित्तमंत्री ने 1,80,000 रुपये तक मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 2,00,000 रुपये कर दी है। इसके लिहाज से सालाना 8-10 लाख रुपये तक की जिनकी आय है, वो कर्मचारी केवल करीब 22 हजार रुपये तक की बचत कर सकते हैं। उन्हें व्यक्तिगत इनकम टैक्स में उम्मीद से काफी कम टैक्स छूट मिल रही है। अगर बजट में टैक्स स्लैब को 2 लाख रुपये से 2.5 लाख रुपये तक बढ़ाया  जाता तो टैक्स छूट के लिहाज से बेहतर होता।   


फाइनेंशियल प्लानर गौरव मशरुवाला के मुताबिक बजट में कुछ खास प्रावधान नहीं निकले हैं। अगर बजट में माइक्रो लेवल पर काफी सारे फाइनेंस संबधित बिल पास हो जाते तो लंबी अवधि के लिहाज से टैक्सपेयर के लिए काफी फायदेमंद होता।

पूरे साल भर में 2,50,000 रुपये बचत खाते में रखा जाएं तो 10 हजार रुपये ब्याज होगा। बचत खाते पर 10,000 रुपये तक ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन 3 हजार रुपये का टैक्स बचाने के लिए पूरे साल भर 2,50,000 रुपये बैंक में रखना ठीक नहीं होगा। 
     
अगर 10 लाख रुपये तक की आय है और 50 हजार तक इक्विटी में निवेश किया जाएं, तो 50 फीसदी तक का फायदा मिल सकता है। हालांकि इस बार टैक्स फ्री इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड के इश्यू की सीमा बढ़ जाएगी। लेकिन लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में टैक्स छूट का फायदा कम हो जाएगा। अगर बजट में हेल्थ और हाउसिंग पर काफी कुछ प्रावधान आते तो अच्छा होता।   
 
टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया का कहना है कि बजट में डीटीसी लागू न होने पर भी अन्य प्रावधान लाए गए हैं। कर दाताओं को निवेश, मकान और ब्याज के ऊपर पर छूट की सीमा बढ़ने की आशाएं थी, लेकिन बजट में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। ज्यादातर कर दाताओं के लिए साल का 2,000 रुपये और महिलाओं के लिए केवल 1,000 रुपये टैक्स छूट का फायदा मिल पाया है।

बचत खाते के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई गई है। जिन वेतनभोगी कर्मचारियों की सालाना आय 5 लाख रुपये तक है और बचत खाते में पैसा रखते है, तो उन्हें 10 हजार रुपये के ऊपर टैक्स नहीं लगेगा और रिटर्न भरने की चिंता भी नहीं रहेगी।   



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