Moneycontrol » समाचार » टैक्स

बजट के बाद कैसे करें टैक्स बचाने की प्लानिंग

प्रकाशित Sat, 17, 2012 पर 13:23  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बजट के बाद किस तरह से आपकी टैक्स लायबिलिटी बदल जाएगी और आप कितना टैक्स बचा पाएंगे इन सारे उलझनों को सुलझाने के लिए आइए जानते हैं, टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की सलाह - 


सवाल : इस बार का बजट सबसे अलग क्यों है?


सुभाष लखोटिया : इस साल का बजट एक ऐतिहासिक बजट रहेगा। कल बजट में ढ़ेर सारें प्रावधान किए, 113 अमेंडमेंट इनकम टैक्स और वेल्थ टैक्स में प्रस्तुत किए लेकिन इनका कार्यकाल केवल 1 साल तक रहेगा। क्योंकि अगले साल से डायरेक्ट टैक्स कोड आनेवाला है। जिसकी वजह से बजट के प्रावधान केवल 1 साल तक सीमित रहेंगे।


सवाल : इंवेस्टमेंट सीमा में कोई खास बदलाव नहीं किया गया ऐसा क्यों?


सुभाष लखोटिया : 31 मार्च 2012 में इनकम टैक्स कानून में जो इंवेस्टमेंट के जरिए मौजूद थे जैसे 80सी का 1 लाख रुपये, इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड का 20 हजार रुपये और हेल्थ इंश्योरेंस आदि के लिए 15 हजार रुपये इन तीन प्रावधानों में इस बजट की वजह से सभी व्यक्तिगत और एचयूएफ को 80सीसीएफ के तहत जो 20 हजार रुपये का एक्स्ट्रा टैक्स छूट का फायदा मिलता था वो अब वित्तवर्ष 2012-13 में नहीं मिलेगा। बजट में आयकर की धारा 80सीसीएफ में कोई बदलाव नहीं किया गया है।   


सवाल : डीटीसी के प्रोविजन के अनुसार टैक्स छूट की सीमा 1,80,000 रुपये थी जो बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की बात हुई थी। लेकिन बजट में टैक्स छूट की सीमा सिर्फ 2 लाख रुपये की गई ऐसा क्यों?    


सुभाष लखोटिया : सारे भारत में बढ़ती महंगाई को देखकर वित्तमंत्री द्वारा टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने की उम्मीद थी। संसदीय कमिटी ने अपनी रिपोर्ट भी फाइनेंस बिल आने से पहले ही पेश कर दी। जिसकी वजह से टैक्स छूट सीमा बढ़ने की उम्मीद थी। 


सवाल : कल जो बजट का ऐलान हुआ जिसमें वित्तमंत्री ने बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट में 10,000 रुपये तक की टैक्स छूट का प्रस्ताव रखा है तो इससे मुझे क्या फायदा होगा?  


सुभाष लखोटिया : बजट में बचत खाते के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई गई है। सिर्फ कॉर्पोरेटिव बैंक, सेविंग अकाउंट और पोस्ट ऑफिस के ब्याज पर कुल मिलाकर सालाना 10 हजार रुपये तक टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है। बैंक एफडी पर इनकम टैक्स जरूर लगेगा। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में रखें गए रकम पर टैक्स जरूर लगेगा। 


सवाल : क्या आयकर छूट की सीमा सीनियर सिटीजन के लिए बढ़ सकती है?  


सुभाष लखोटिया : इस बजट में सरकार ने सीनियर सिटीजन के लिए मूल इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया है। अगर सीनियर सिटीजन की इनकम बिजनेस या प्रोफेशनल से नहीं है तो सीनियर सिटीजन को एडवांस टैक्स नहीं देना होगा।    
    
सवाल : फिक्स्ड डिपॉजिट में कितने ब्याज पर टैक्स लगता है?


सुभाष लखोटिया : अगर बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट का ब्याज 8000 रुपये है और उसपर टैक्स नहीं कटता तभी भी आपको कानूनी रुप से 8000 रुपये की राशि को इनकम टैक्स रिटर्न में जोड़ना होगा। बजट में केवल बचत खाते के ब्याज पर टैक्स छूट के प्रावधान आए हैं। बैंक एफडी में टीडीएस के प्रोविजन में कोई बदलाव नहीं हुआ है।


सवाल : हम पति, पत्नी मिलकर घर लेना चाहते हैं। जिसके लिए हम दोनों लोन लेना चाहते है क्या हम दोनों को होम लोन पर अलग-अलग छूट मिलेगी?


सुभाष लखोटिया : एक व्यक्ति को 15 लाख रुपये से ज्यादा होम लोन नहीं लेना है। सरकार ने अगले साल के लिए भी होमलोन के ब्याज पर 1 फीसदी तक की छूट दी है। आप और आपके पति दोनों मिलकर एक घर खरीदते हैं तो दोनों को अलग 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी।



वीडियो देखें