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इंफ्रा बॉण्ड में निवेश पर टैक्स छूट खत्म

प्रकाशित Thu, 22, 2012 पर 13:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने व्यक्तिगत एवं एचयूएफ आयकर दाताओं को गत २ वर्षों से इंफ्रा बॉण्ड में अधिकतम रु. २० हजार के निवेश पर मिल रही छूट को खत्म कर दिया है। यद्यपि वित्त मंत्री ने इसकी सीधी-सीधी घोषणा नहीं की है, किंतु इसे जारी रखने की भी घोषणा नहीं की है। इस तरह आयकर बचाने का एक साधन खत्म हो गया है।


आम बजट २०१२-१३ में वित्त मंत्री ने पुरुष एवं महिला करदाताओं की सीमा को क्रमशः रु. १.८० एवं रु. १.९० लाख से बढ़ाकर दोनों के लिए समान रूप से रु. २ लाख कर दिया है, परंतु वरिष्ठ नागरिकों एवं अति वरिष्ठ नागरिकों की वर्तमान आयकर छूट सीमा, जो कि क्रमशः रु. २.५ लाख एवं रु. ५ लाख है, को नहीं बढ़ाया गया है। साथ ही पुरुष एवं महिला करदाताओं की आयकर की दरों को रु. २ लाख से रु. ५ लाख तक दस प्रतिशत, रु. ५ लाख से रु. १० लाख तक बीस प्रतिशत एवं रु. १० लाख से अधिक आय पर तीस प्रतिशत कर दिया है। इस कदम से करदाताओं को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, परंतु आम बजट २०१२-१३ में वित्त मंत्री ने धारा ८० सीसीएफ के तहत इंफ्रा बॉण्ड में निवेश पर रु. २०००० की छूट का प्रावधान नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि आम बजट १०-११ में वित्तीय वर्ष १०-११ के लिए धारा ८० सीसीएफ के तहत इंफ्रा बॉण्ड में निवेश पर अधिकतम रु. २०००० की छूट का प्रावधान किया गया था। जिसे आम बजट ११-१२ में एक वर्ष बढ़ाकर वित्तीय वर्ष ११-१२ के लिए भी लागू कर दिया गया था। इंफ्रा बॉण्ड में निवेश पर टैक्स छूट का लाभ खत्म हो जाने से रु. ८ लाख तक की आय वाले करदाता को बढ़ी हुई टैक्स छूट का कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। हालाँकि वित्त मंत्री ने व्यक्तिगत करदाताओं को राहत देते हुए धारा ८० टीटीए के तहत सेविंग बैंक के ब्याज पर अधिकतम रु. १०००० तक की कटौती देने का एलान किया है।


यह लेख अरिहंत कैपिटल मार्केट के चीफ फाइनेंशियल प्लानर उमेश राठी ने लिखा है। umesh.rathi@arihantcapital.com पर उमेश राठी से संपर्क किया जा सकता है।