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टैक्स बचत पर टैक्स गुरु के सुझाव

प्रकाशित Sat, 24, 2012 पर 12:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बजट के बाद किस तरह से आपकी टैक्स लायबिलिटी बदल जाएगी और आप कितना टैक्स बचा पाएंगे इन सारे उलझनों को सुलझाने के लिए आइए जानते हैं, टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की सलाह - 


टैक्स छूट के प्रोविजन में बदलाव   


इंडिविजुअल के लिए छूट की सीमा 1,80,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। 2 लाख रुपये तक की आमदनी पर टैक्स नहीं लगेगा। महिलाओं को लिए छूट की सीमा 1,90,000 रुपये बढ़ाकर 2 लाख रुपये हुई। वहीं सीनियर सिटीजन के टैक्स छूट की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 60 साल से ऊपर के व्यक्ति के लिए छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये तय की है। वहीं 80 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति के लिए छूट की सीमा 5 लाख रुपये पर बरकरार है।



इंफ्रा बॉन्ड में निवेश पर टैक्स छूट


80सीसीएफ इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड का निवेश और 80डी मेडिक्लेम पोलिसी है। सेक्शन 80सीसीएफ के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड में निवेश बढ़ाने पर बजट में कोई प्रावधान नहीं निकाले गए है। सेक्शन 80सीसीएफ के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड में वित्तवर्ष 2011-2012 तक ही निवेश सीमित है। टैक्स फ्री इंफ्रा बॉन्ड का जो एलान हुआ है, उसमें निवेश पर टैक्स छूट नहीं है। लेकिन बॉन्ड से होने वाली आय पर टैक्स नहीं लगेगा। 
 


नया टैक्स स्लैब


स्लैब के लिहाज से 5 लाख तक की आमदनी पर 10 फीसदी टैक्स लगेगा। 5-10 लाख रुपये तक की आमदनी पर 20 फीसदी टैक्स लग सकता है। वहीं 10 लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी पर 30 फीसदी टैक्स कटेगा। 8 लाख से ज्यादा आमदनी वाले व्यक्ति को टैक्स स्लैब बढ़ने की वजह से थोड़ी बचत होगी। इनकम टैक्स छूट की सीमा सिर्फ 20,000 रुपये बढ़कर 2 लाख रुपये हुई है। 8 लाख से कम कमाई वालों को केवल 2000 रुपये का फायदा मिलेगा। वहीं महिलाओं को 1,000 रुपये का फायदा मिल सकता है।



प्रॉपर्टी खरीद पर टीडीएस के नियम


प्रॉपर्टी खरीदने पर 1 फीसदी टीडीएस लग सकता है। सेक्शन 194एलएए के तहत ये प्रावधान निकाले गए हैं। बड़े शहर में 50 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी पर और छोटे शहर में 20 लाख रुपये से ज्यादा प्रॉपर्टी पर टीडीएस लगेगा। प्रॉपर्टी खरीदने वाला व्यक्ति टीडीएस काटकर जमा करवाएगा। प्रॉपर्टी की रकम में से टीडीएस काटकर खरीदार मकान मालिक को पैसे देगा।


प्रॉपर्टी खरीद पर टीडीएस के नए नियम 1 अक्टूबर 2012 से लागू होंगे। नई प्रॉपर्टी खरीदने को तिमाही टीडीएस रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही प्रॉपर्टी खरीदने पर टीडीएस काटने के लिए टॅन नंबर की जरूरत नहीं होगी। 206एए के तहत अगर प्रॉपर्टी बेचने वाले व्यक्ति के पास पॅन नंबर नही है तो खरीदार 20 फीसदी दर से टीडीएस कट कर सकता है।      



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