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एसएमई में निवेश से बचेगा कैपिटल गेन पर टैक्स

प्रकाशित Mon, 02, 2012 पर 12:21  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आम बजट २०१२-१३ में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेस (एसएमई) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यक्तिगत एवं एचयूएफ करदाता को मैन्यूफेक्चरिंग क्षेत्र की एसएमई कंपनी के शेयर में निवेश करने पर भी रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी के लांग टर्म केपिटल गेन पर टैक्स छूट का ऐलान किया है।


उल्लेखनीय है कि वर्तमान में रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी के केपिटल गेन पर टैक्स छूट नई रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश अथवा केपिटल गेन टैक्स सेविंग बॉण्ड में निवेश करने पर ही मिलती है। एसएमई में निवेश पर छूट कर निर्धारण वर्ष २०१३-१४ (वित्तीय वर्ष २०१२-१३) से नई धारा ५४ (६बी) के तहत मिलेगी। इस छूट के लिए निम्न शर्तों का पालन करना होगा।


१. व्यक्तिगत या एचयूएफ करदाता द्वारा धारा १३९ (१) के तहत आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख के पूर्व विक्रय प्रतिफल की रकम को एसएमई कंपनी के साधारण शेयरों में निवेश किया जाना होगा। साथ ही एसएमई कंपनी में करदाता की कम से कम ५० प्रतिशत होल्डिंग होना चाहिए या कम से कम ५० प्रतिशत के वोटिंग राइट्स होना चाहिए।


२. एसएमई कंपनी के शेयर में निवेश की गई रकम का शेयर पूँजी के रूप में उपयोग निवेश की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर नए संयंत्र और मशीनरी को क्रय करने में करना होगा।


३. यदि एसएमई कंपनी में साधारण शेयरों के रूप में निवेश किए गए कुल प्रतिफल की रकम का उपयोग व्यक्ति या एचयूएफ द्वारा आयकर रिटर्न फाइल करने की नियत तारीख के पूर्व संयंत्र और मशीनरी के क्रय के लिए नहीं किया जाता है, तो शेष प्रतिफल की रकम को कैपिटल गैन डिपॉजिट अकाउंट में जमा करना होगा।


४. एसएमई कंपनी में रकम का उपयोग हो सके इस उद्देश्य से ५ वर्ष की अवधि के लिए कंपनी के शेयरों तथा संयंत्रों और मशीनरी के अंतरण पर प्रतिबंध लगाया गया है। यदि इन शर्तों का उल्लंघन किया जाता है तो केपिटल गेन की रकम पर टैक्स अदा करना होगा।


५. यह छूट ३१ मार्च, २०१७ और उससे पूर्व किए गए आवासीय संपत्ति के किसी अंतरण के मामले में उपलब्ध होगी।


भारत के विकास में एसएमई का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में वित्त मंत्री का यह कदम स्वागत योग्य है, इससे एसएमई में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।


माईक्रो, स्मॉल एवं मीडियम इंटरप्राइजेस (एमएसएमई) के महत्वपूर्ण तथ्य


जीडीपी में ८ प्रतिशत योगदान।

मैन्यूफैक्चर्ड आउटपुट में ४५ प्रतिशत योगदान।

एक्सपोर्ट में ४० प्रतिशत योगदान।

सबसे अधिक रोजगार सृजन- ३ करोड़ एसएमई के माध्यम से ७ करोड़ रोजगार।



यह लेख अरिहंत कैपिटल मार्केट के चीफ फाइनेंशियल प्लानर उमेश राठी ने लिखा है। umesh.rathi@arihantcapital.com पर उमेश राठी से संपर्क किया जा सकता है।