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यूलिप से बेहतर पेंशन रिटर्न म्यूचुअल फंड में मिलेंगे

प्रकाशित Thu, 08, 2010 पर 17:42  |  स्रोत : Hindi.in.com

08 जुलाई 2010

सीएनबीसी आवाज़



जितना हम आज के बारे में सोचते हैं, उससे ज्यादा सावधानी से हमें आने वाले कल के बारे में सोचने की जरूरत है क्योंकि आने वाले वक्त के बारे में हमें अंदाजा नहीं होता है। रिटायरमेंट को लेकर सटीक योजना बनाना काफी अहम है। बाजार में पेंशन की जरूरतों को लेकर तमाम विकल्प मौजूद हैं। यूलिप, पीपीएफ, ईपीएफ और म्युचुअल फंड में रिटायरमेंट के बाद आय प्राप्ति के नज़रिये से पैसा लगाया जा सकता है।


इरडा का नया नियम कहता है कि 1 सितंबर से पेंशन के यूलिप उत्पादों पर कंपनियों को साढ़े चार प्रतिशत का गारंटीड रिटर्न तो देना ही होगा। अब जानकारों का कहना है कि साढे चार प्रतिशत का रिटर्न महंगाई दर को टक्कर नहीं दे पाएगा। साथ ही इंश्योरेंस कंपनियों को अब ज्यादा निवेश डेट साधनों में करना होगा और इक्विटी में एक्सपोज़र कम हो जाएगा। ऐसे में यूलिप उत्पाद निवेशकों को ज्यादा आकर्षित नहीं कर पाएगा।



यूलिप पेंशन उत्पाद को लेकर इरडा के नये दिशा निर्देश आने के बाद इस पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि अब इसमें रिटर्न पहले जितना अच्छा नहीं रहेगा। इस विषय पर ट्रांसेंड कंसल्टेंसी के कार्तिक झवेरी और बजाज कैपिटल के अनिल चोपड़ा ने सीएनबीसी आवाज़ को बताया कि नये दिशा निर्देश आने के बाद कुछ मायनों में यूलिप के उत्पाद कम आकर्षक लग रहे हैं लेकिन इनमें एक स्थिरता भी आ गयी है। पहले शेयर बाज़ार में ही अधिक पैसा लगाने के डर से आपकी पेंशन की सुनिश्चितता पर संदेह हो सकते थे लेकिन अब ये साफ है कि आपको पेंशन, एन्युटी में 4.5% का गारंटीड रिटर्न मिलेगा।

इऱडा के नये नियमों के तहत पॉलिसी धारक अब पार्शियल विड्राल नहीं कर पाएगा। पेंशनर को पूरे कोष का एक तिमाही धन ही मिलेगा बाकी एन्यूटी में बदल जाएगा।


एन्यूटी में कुछ कमियां हैं-



इसमें लॉक इन अवधि 5 साल की है।शुल्क को लॉक इन अवधि के दौरान वितरित किया जाएगा।



यूलिप में शुरुआती शुल्क बहुत ज्यादा होते हैं। आरंभ में निवेश का 15-35% शुल्क में लगा लिया जाता है। इसके अलावा पॉलिसी के बीच में फंड्स को बदलना मुश्किल भी होता है। टर्म पॉलिसी के मुकाबले यूलिप में इंश्योरेंस बेहद महंगा साबित होता है।


ये दोनों ही जानकार पेंशन के लिये यूलिप की तुलना में म्युचुअल फंड को सर्वश्रेष्ठ विकल्प बता रहे हैं क्योंकि इसमें 15 से 18 प्रतिशत के रिटर्न की उम्मीद होती है। हां ऐसा तभी हो सकता है अगर अर्थव्यवस्था 8% की वृद्धि दर पर बनी रहे। म्युचुअल फंड लिक्विडिटी की भी सुविधा देते हैं। म्युचुअल फंड में निवेश के लिये लार्ज कैप में 50-60 प्रतिशत और मिडकैप में 20-30 प्रतिशत के हिसाब से निवेश किया जाता है।


अगर सामान्य यूलिप और म्युचुअल फंड की तुलना की जाये तो 1000 रु के 20 साल के निवेश के बाद यूलिप में आपका पैसा 4 लाख हो जाएगा और म्युचुअल फंड में इतना ही निवेश करने पर 20 साल बाद आपको 15 लाख रु तक की राशि मिल सकती है। ज़ाहिर तौर पर य़े अंतर काफ़ी बङ़ा है लेकिन म्युचुअल फंड में निवेश करने के बाद आपको नियमित रुप से निवेश करना होगा। अगर आप किसी प्रीमियम को भरना भूल गये तो आपको भारी नुक्सान हो सकता है। वहीं यूलिप उत्पाद में एक अच्छी बात ये है कि अगर अगर आप किसी प्रीमियम को भरना भूल गये तो ये अपने आप खाते में से प्रीमियम निकाल सकते हैं।


ईपीएफ



ईपीएफ भी पेंशन के नज़रिये से अच्छे उत्पाद हैं। इसमें 8.5% का रिटर्न मिलता है। इसमें रिटायरमेंट के वक्त आपको पूरा पैसा मिलता है। नौकरी बदलने पर या तो आप पूरा पैसा निकाल सकते हैं या फिर खाता स्थानांतरित कर सकते हैं।


पीपीएफ

पीपीएफ भी इस श्रेणी में एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है लेकिन इसमें निवेश की सीमा है कि एक साल में आप 70,000 रु से अधिक का निवेश नहीं कर सकते। इस कारण से अधिक निवेश करने वालों के लिये एक बेहतर चुनाव नहीं साबित हो पाता है। इसमें रिटर्न 8%
 की दर से मिलते हैं। इसका टेन्योर 15 साल है जिसे 5 साल के लिए बढ़ा भी सकते हैं। इसमें पार्शियल विड्राल मुमकिन है।




म्यूचुअल फंड विकल्प


अभी यूटीआई एमएफ और फ्रैंकलीन टेम्प्लटन एणएफ के पास एक एक पेंशन इत्पाद है। दोनो में डेट-इक्विटी अनुपात 60:40 का है।


टेम्प्लटन इंडिया पेंशन का रिटर्न 13.85% सालाना है इसमें 3 साल के बाद आप पैसा निकाल सकते हैं।




और यूटीआई रिटायरमेंट बेनिफिट पेंशन का रिटर्न 11.53% रिटर्न रहा है। इसमें 2 विकल्प हैं। इसमें 3 साल की लॉक इन अवधि है जिसमें टैक्स लाभ मिलता है।


इसके अलावा बिरला ड्रीम रिटायरमेंट प्लान भी पेंशन के लिहाज से अच्छा विकल्प है। इसमें गारंटीड आय की सुविधा दी जाती है।




अवीवा फ्रीडम लाईफ प्लान भी पूंजी जोङ़ने के नज़रिये से अच्छा प्लान साबित हो सकता है।  



दोनों जानकारों का कहना है कि रिटायरमेंट योजना के लिये सर्वश्रेष्ठ राय यही है कि निवेशकों को म्यूचुअल फंड, पीपीएफ, ईपीएफ, एनपीएफ और पेंशन यूलिप इन सभी का उचित संयोजन बनाकर चलना चाहिये।


 


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