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सीनियर सिटीजन को नहीं देना होगा एडवांस टैक्स

प्रकाशित Mon, 16, 2012 पर 09:35  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा प्रस्तुत आम बजट में कुछ राहत की बातें भी नजर आती हैं। इसका लाभ विद्यार्थी, कारोबारी, सीनियर सिटीजन, अविभाजित हिन्दू परिवार, निवेशक को मिलेगा।


विद्यार्थी


एजुकेशन लोन लेना होगा आसान : आम बजट २०१२-१३ में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने एजुकेशन लोन के लिए क्रेडिट गारंटी फंड बनाने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री के इस कदम से बैंकों की एजुकेशन लोन के मामलों में जोखिम कम होगी एवं बैंक एजुकेशन लोन अधिक देने को प्रोत्साहित होंगी।


कारोबारी / प्रोफेशनल


कारोबारियों और प्रोफेशनल की टैक्स ऑडिट सीमा में बढ़ोत्तरी : वित्त वर्ष २०१२-१३ से कारोबारियों की टैक्स ऑडिट सीमा को रुपए ६० लाख से बढ़ाकर रुपए १ करोड़ कर दिया गया है। साथ ही प्रोफेशनल की टैक्स ऑडिट सीमा को रुपए १५ लाख से


बढ़ाकर रुपए २५ लाख कर दिया गया है। अब कारोबारियों को रुपए १ करोड़ तक के टर्नओवर पर एवं प्रोफेशनल को रुपए २५ लाख तक की आय पर टैक्स ऑडिट नहीं कराना होगा।


सीनियर सिटीजन


सीनियर सिटीजन को नहीं अदा करना होगा एडवांस टैक्स : वित्तीय वर्ष २०१२-१३ से सीनियर सिटीजन जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन मद से नहीं है उन्हें अब एडवांस टैक्स अदा नहीं करना होगा। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष में १० हजार से अधिक की टैक्स देयता की स्थिति में करदाता को एडवांस टैक्स अदा करना होता है।


हिन्दू अविभाजित परिवार (एचयूएफ)


एचयूएफ को भी मिलेगा कृषि भूमि के लान्ग टर्म केपिटल गैन पर रोलओवर बेनिफिट : वित्तीय वर्ष २०१२-१३ से यदि कोई एचयूएफ करदाता किसी कृषि भूमि को विक्रय करता है एवं उसके विक्रय से प्राप्त लाभ लान्ग टर्म कैपिटल गैन की श्रेणी में


आता है तो दो वर्षों के अंदर पुनः कृषि भूमि में निवेश पर लान्ग टर्म केपिटल गैन करमुक्त होगा। उल्लेखनीय है कि अभी तक कृषि भूमि के लांग टर्म केपिटल गैन पर रोलओवर बेनिफिट केवल व्यक्तिगत करदाता को ही उपलब्ध था।


निवेशक


डिबेंचर पर टीडीएस कटौती की सीमा बढ़ी : १ जुलाई २०१२ से डिबेंचर पर प्राप्त ब्याज पर टीडीएस की सीमा को रुपए २५०० से बढ़ाकर रुपए ५००० कर दिया गया है। अब डिबेंचर पर रुपए ५००० से अधिक के ब्याज पर ही टीडीएस कटौती होगी।


सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) में २० प्रतिशत की कटौती : शेयर बाजार में डिलेवरी आधारित सौदों पर सिक्योरिटी ट्राजेक्शन टैक्स (एसटीटी) में २० प्रतिशत की कटौती की गई है। १ जुलाई २०१२ से निवेशकों को डिलेवरी आधारित ट्रांजेक्शन पर ०.१२५ प्रतिशत के स्थान पर ०.१ प्रतिशत की दर से ही एसटीटी अदा करना होगा।



राजीव गाँधी इक्विटी स्कीम


शेयर बाजार में आम निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से आम बजट २०१२-१३ में राजीव गाँधी इक्विटी स्कीम का ऐलान किया गया है। इसके तहत द्ख्र १० लाख सालाना आय वाले नए निवेशक शेयर बाजार में द्ख्र ५०००० तक के निवेश पर ५० प्रतिशत टैक्स छूट का लाभ ले सकेंगे।


बजट में इसके लिए लॉक-इन अवधि ३ वर्ष प्रस्तावित थी जिसे हाल ही में १ वर्ष कर दिया गया है। साथ ही, वित्त मंत्रालय, आरबीआई, सेबी और स्टॉक एक्सचेंज की बैठक में इस स्कीम के नियम तय किए गए हैं जिसे १ महीने में नोटिफाई कर दिया जाएगा।


यह लेख अरिहंत कैपिटल मार्केट के चीफ फाइनेंशियल प्लानर उमेश राठी ने लिखा है। umesh.rathi@arihantcapital.com पर उमेश राठी से संपर्क किया जा सकता है।