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जाने टैक्स गुरु से टैक्स बचत के टिप्स

प्रकाशित Sat, अप्रैल 28, 2012 पर 16:35  |  स्रोत : Moneycontrol.com

टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से जानिए टैक्स की बारीकियां और टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव -


सवाल : सोना, डायमंड या गोल्ड बिस्किट बेचने पर किस तरह से टैक्स लगता है?   


सुभाष लखोटिया : सोने या डायमंड के गहने या गोल्ड बिस्किट बेचने पर होने वाला फायदा कैपिटल गेन कहलाएगा। अगर ज्वेलरी 3 साल से ज्यादा पुरानी है तो 20 फीसदी लॉंन्ग टर्म कैपिटल गेन लगेगा। अगर ज्वेलरी 3 साल से कम समय में बेची तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन लगेगा और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन इनकम से जोडा जाएगा। 


सवाल : कंपनी से लॉन्ग सर्विस एवोर्ड में 5 ग्राम का गोल्ड दिया जाता है, तो क्या इस पर टीडीएस कट सकता है?  
  
सुभाष लखोटिया : आईटी नियम के रूल 3 के तहत 5000 रुपये तक के गिफ्ट पर टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन इससे ज्यादा की राशी पर टैक्स लग सकता है। कंपनी अगर सिक्के की पूरी कीमत पर टैक्स काटती है तो ये गलत होगा।   


सवाल : शादी में पत्नी को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से 15 लाख रुपये के करीब कैश और ज्वेलरी गिफ्ट मिली है। इन पर टैक्स कैसे लगेगा?  


सुभाष लखोटिया : रिश्तेदारों से गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। सेक्शन 56 के तहत शादी पर गैर-रिश्तेदार से मिले गिफ्ट पर भी टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन शादी की सालगिरह पर मिले गिफ्ट पर टैक्स जरूर लग सकता है। 
  
सवाल : रिलायंस गोल्ड फंड में निवेश कर रहा हूं। 3 साल के बाद कितना टैक्स लगेगा?  


सुभाष लखोटिया : रिलायंस गोल्ड फंड 3 साल रखने के बाद बेचने पर प्रॉफिट लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन मिलेगा। साथ ही लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर आपको इंफ्लेशन इंडेक्स का फायदा भी मिलेगा। रिलायंस गोल्ड फंड 1 साल के बाद ही बेचना उचित होगा।   

सवाल :
गोल्ड के कमोडिटी फ्यूचर में निवेश करके 7000 रुपये कमाएं। इसे किस इनकम के तहत मानेंगे और कौन-सा रिटर्न फॉर्म भरेंगे?
  
सुभाष लखोटिया : गोल्ड के कमोडिटी फ्यूचर में निवेश से हुआ फायदा बिजनेस इनकम कहलाएगा और इसे इनकम टैक्स रिटर्न में दिखलाना होगा। आप जो इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म भरेंगे उसका नाम होगा इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म नं 4।


सवाल : अगर ईटीएफ या निफ्टी बीस या गोल्ड म्युचुअल फंड के जरिए सोने में निवेश करते हैं तो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।       
 
सुभाष लखोटिया : ईटीएफ या निफ्टी बीस या गोल्ड म्युचुअल फंड में निवेश करके 1 साल के बाद बेचने पर 20 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन लग सकता है। गोल्ड में एसआईपी के जरिए निवेश करना चाहिए और निवेश के लिए सबसे बेहतर विकल्प गोल्ड ईटीएफ होगा। अगर ईटीएफ या निफ्टी बीस या गोल्ड म्युचुअल फंड के जरिए सोने में निवेश किया जाएं तो वेल्थ टैक्स नहीं लगेगा।


गोल्ड म्युचुअल फंड 15-20 साल के बाद बेचने पर कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स का फायदा मिल सकता है। शेयर में किया निवेश 1 साल के बाद बेचने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 



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पोस्ट करनेवाले: subasuपर: 23:05, फ़रवरी 27, 2015

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Yes, if the property is jointly owned and if the interest element is such that can be shared by both, can be done....

पोस्ट करनेवाले: anal1987पर: 17:04, फ़रवरी 27, 2015

Tax Planning & Help

e:hi, Anal herjust few days ago, Bank disbursed my home loan. My wife is applicant and me co-applicant. Dastavage ...