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टैक्स की उलझनों पर टैक्स गुरु की राय

प्रकाशित Fri, 04, 2012 पर 18:04  |  स्रोत : Moneycontrol.com

टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से जानिए टैक्स की बारीकियां और टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव -


सवाल : क्या नौकरी पेशा कर्मचारियों के लिए जीएएआर में डरने जैसी कोई बात है?  


सुभाष लखोटिया : जीएएआर यानि जनरल एंटी अवाइडेंस रुल्स। जीएएआर नियमों से नौकरी पेशा कर्मचारियों को कोई परेशानी नहीं होगी। अगर सरकार को सैलरी-भत्तों के नियमों के दुरुपयोग का अंदेशा हुआ तो आईटी कानून में बदलाव करेगी।


जीएएआर नियमों में सरकार कई बदलाव करने के विचार कर रही है। निवेशकों के लिए निवेश की न्यूनतम समय सीमा तय की जा सकती है। इसके अलावा ये नए नियम लागू होने से पहले निवेशकों को बिजनेस रिस्ट्रक्चर करने का मौका भी मिल सकता है।         


सवाल : अगर मामा पैसे गिफ्ट में देते है तो क्या इस पर टैक्स देना होगा?
  
सुभाष लखोटिया : मामा से गिफ्ट लेने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। सेक्शन 56 के तहत मामा रिश्तेदार माने जाएंगे।


सवाल : एनआरआई भाई और मां-पिता से घर खरीदने के लिए पैसे गिफ्ट लेने पर क्या टैक्स लगेगा? इसके अलावा क्या भाई से लोन लेकर ब्याज चुका सकता हूं और क्या घर खरीदने के लिए माता-पिता से पैसे ले सकता हूं?  


सुभाष लखोटिया : भाई से कितनी भी रकम गिफ्ट लेने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। आप माता-पिता से भी घर खरीदने के लिए पैसे गिफ्ट ले सकते हैं। सेक्शन 56 के तहत रिश्तेदार से गिफ्ट लेने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। लोन लेने के लिए चेक से ही पैसे लेना बेहतर होगा।       
  
सवाल : अगर किसी व्यक्ती के पास विदेश में संपत्ती हो तो इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में किन-किन बातों की जानकारी देना अनिर्वाय होगा?    
 
सुभाष लखोटिया : कोई भी व्यक्ति विदेश में संपत्ती खरीद या रख सकता है। लेकिन उस व्यक्ति को नए कानून के तहत नए इनकम टैक्स फॉर्म में सभी जानकारी ध्यान से भरनी होगी। आईटीआर फॉर्म 2/4 भरते वक्त विदेश में जितनी भी संपत्ति और बैंक अकाउंट है उसके के बारे में जानकारी देना जरूरी है।


संपत्ति और अकाउंट की जानकारी देने का नियम व्यक्ति और एचयूएफ दोनों पर लागू होता है। आईटीआर फॉर्म 2/4 में विदेश में बैंक खाते का पूरा ब्यौरा, किस देश में बैंक है और खाताधारक का नाम, साथ ही विदेश में वित्तीय संस्थान से जुड़ी सभी जानकारी देना अनिवार्य होगा। यदि विदेश में किसी अचल संपत्ति में निवेश हो तो इसकी भी जानकारी फॉर्म में भरना जरूरी है।      


सवाल : एचयूएफ बनाने की प्रक्रिया और एचयूएफ के जरिए टैक्स बचत पर जानकारी चाहिए?


सुभाष लखोटिया : रिश्तेदार या दोस्त से गिफ्ट लेकर एचयूएफ बनाएं जा सकते हैं। एफिडेविड में एचयूएफ की पूरी जानकारी देकर एचयूएफ का बैंक खाता खोल सकते हैं।  एचयूएफ का नाम अपने मर्जी से रखा जा सकता है। पति-पत्नी नौकरीपेशा, एचयूएफ बनाने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन एचयूएफ के सदस्य एचयूएफ को गिफ्ट नहीं दे सकते हैं। 


सवाल : एफडी के ब्याज का प्रीमैच्योर पेमेंट लिया। फिर अप्रैल 2012 में 3300 रुपये बतौर ब्याज मिला। टैक्स के लिहाज किस ब्याज की रकम को इनकम में जोड़ा जाएं?
  
सुभाष लखोटिया : अप्रैल 2012 में मिली 3300 रुपये की ब्याज राशी को आप इनकम टैक्स रिटर्न में दिखा सकते हैं। 


सवाल : साल 2011-12 के लिए टैक्स रिफंड अक्टूबर 2011 में मिला था। लेकिन गलत अकाउंट नंबर लिखा था इसलिए इसे वापस भेजा, लेकिन अब तक रिफंड नहीं मिला है। क्या करें? 


सुभाष लखोटिया : रिफंड चेक में गलती होने पर इनकम टैक्स विभाग को चेक वापस भेजना होता है। इनकम टैक्स विभाग को चेक की जानकारी के साथ रिफंड के लिए पत्र भी लिखना चाहिए।


सवाल : डेप्रिसिएशन कानून में क्या बदलाव आए है?


सुभाष लखोटिया : इनकम टैक्स-4 अमेंडमेंड रुल्स 2012 के जरिए हाल ही में डेप्रिसिएशन सूची में केवल एक बदलाव आया है। लेकिन ये बदलाव विंड मिल लगाने वालों के लिए अच्छा नहीं। 31 मार्च 2012 के बाद लगाए गए विंड मिल पर सिर्फ 15 फीसदी डेप्रिसिएशन मिलेगा। जबकि पहले विंड मिल पर 80 फीसदी डेप्रिसिएशन मिलता था। 


सवाल : वित्त वर्ष 2009 के लिए अब तक रिटर्न नहीं भरा है। फॉर्म 16 के मुताबिक 2800 रुपये रिफंड बनता है। अब क्या करें? 


सुभाष लखोटिया : समय पर रिटर्न नहीं भर पाने पर इनकम टैक्स अधिकारी को पत्र लिखना होगा। पत्र के साथ टैक्स रिफंड के दावे के साथ रिटर्न की कॉपी लगानी चाहिए। पत्र में आईटी अधिकारी से अनुरोध करें कि रिटर्न भरा या नहीं ये आपको याद नहीं है।    


सवाल : पति की मृत्यू के बाद उनका रिफंड क्लेम ज्वाइंट अकाउंट में ले सकते हैं। इसके लिए क्या करना होगा?


सुभाष लखोटिया : आप इनकम टैक्स अधिकारी को पत्र लिखकर दूसरा चेक भेजने के लिए कह सकते हैं। पत्र की कॉपी सीएपीसी को भेजकर टैक्स रिफंड ज्वाइंट अकाउंट में डालने का अनुरोध करें।  


सवाल : पत्नी के साथ मिलकर फ्लैट खरीदा। क्या अपना हिस्सा पत्नी या बेटे को गिफ्ट कर दें ताकि किराए पर टैक्स बच सकें?


सुभाष लखोटिया : पत्नी को गिफ्ट देने पर उससे होने वाली इनकम पति की इनकम में जुड़ेगी। नाबालिक बच्चे के गिफ्ट की इनकम भी पिता की इनकम से जोड़ी जाएगी।



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