Moneycontrol » समाचार » टैक्स

टैक्स बचत पर टैक्स गुरु की सलाह

प्रकाशित Thu, 17, 2012 पर 16:49  |  स्रोत : CNBC-TV18

टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से जानिए टैक्स की बारीकियां और टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव -


सवाल : वित्त वर्ष 2012-13 के लिए टैक्स सेविंग की शुरुआत अभी से क्यों करनी चाहिए।


सुभाष लखोटिया : समय से टैक्स बचत करना बेहद जरूरी है। करदाता साल के शुरु में ही निवेश की योजना बनाएं, सोच-समझकर बेहतर निवेश करें और टैक्स प्लानिंग से अपने भविष्य को सुरक्षित रखें। अगर अभी पीपीएफ में 1 लाख रुपये निवेश कर दिए तो जल्दी ब्याज आना सुरु होगा और ये ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होगा।


अगर इसी तरह जल्दी इक्विटी लिंक सेविंग स्कीम में निवेश किया जाएं तो लॉक-इन पिरियड घट जाएगा। लेकिन बच्चों की स्कूल फीस, होम लोन रिपेमेंट जैसे सभी पेमेंट साल के शुरु में करने से कोई बचत नहीं होगी और ना ही ये स्ट्रैटेजी सही है। बच्चों की स्कूल फीस, होम लोन रिपेमेंट और ब्याज आय का भुगतान जल्दबाजी में करने से कोई फायदा नहीं होगा    


सवाल : राजीव गांधी इक्विटी स्कीम के बारे में बताएं।
 
सुभाष लखोटिया : नए सेक्शन 80सीसीजी के तहत राजीव गांधी इक्विटी स्कीम में निवेश पर छूट मिल सकती है। सेक्शन 80सीसीजी के तहत सिर्फ भारतीय को ही छूट मिल सकती है। सेक्शन 80सीसीजी की छूट एचयूएफ के लिए नहीं है।


80सीसीजी के तहत सालभर 50,000 रुपये के निवेश पर 50 फीसदी रकम पर टैक्स छूट मिल सकती है। यानि नए सेक्शन 80सीसीजी के तहत कुल मिलाकर 25,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। जिनकी आय 10 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें निवेश पर टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलेगा। निवेशक 1 साल के लिए छूट लेने पर सेक्शन 80सीसीजी के तहत दोबारा किसी साल के लिए छूट नहीं ले सकते हैं।


सवाल : टैक्स प्लानिंग के लिए पीपीएफ में निवेश क्यों करना चाहिए? 


सुभाष लखोटिया : वित्त वर्ष 2012-13 के लिए पीपीएफ में निवेश बढ़ा है। अब पीपीएफ में 1 लाख तक निवेश किया जा सकता है। पीपीएफ में बच्चों के नाम पर भी निवेश करके टैक्स छूट का फायदा लिया जा सकता है। अब पीपीएफ पर ब्याज 8 फीसदी से बढ़कर 8.8 फीसदी हुआ है।  
 
सवाल : इंश्योरेंस पॉलिसी निवेश और टैक्स छूट के लिहाज से कितनी जरूरी है।


सुभाष लखोटिया : इंश्योरेंस पॉलिसी सभी करदाताओं को लेनी चाहिए। बीमा पॉलिसी पर 80 सी के तहत करीब 1 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है। अपने, पत्नी और बच्चों के प्रीमियम पर टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है। अप्रैल 2012 से नई पॉलिसी लेते समय ध्यान में रखना चाहिए कि नए पॉलिसी का कुल प्रीमियम सम एश्योर्ड का 10 फीसदी से ज्यादा ना हो। प्रीमियम 10 फीसदी से ज्यादा होने पर सिर्फ 10 फीसदी तक की टैक्स छूट मिल सकती है। ज्यादा प्रीमियम होने पर मैच्योरिटी रकम पर टैक्स लग सकता है।


सवाल : पीपीएफ या इंश्योरेंस पॉलिसी इन दोंनों में से किसे बेहतर मानेंगे? दोनों में निवेश किया जाएं या किसी एक में?
 
सुभाष लखोटिया : पीपीएफ या इंश्योरेंस पॉलिसी दोनों में 1 लाख रुपये तक का निवेश करना ठीक होगा। अगर केवल किसी एक में ही निवेश करना है तो पीपीएफ बेहतर होगा। क्योंकि पीपीएफ अकाउंट सालाना महज 500 रुपये के निवेश से चालू रहता है। इंश्योरेंस पॉलिसी में हर साल 1 लाख रुपये प्रीमियम भरना जरूरी होता है। अगर इंश्योरेंस पॉलिसी में प्रीमियम नहीं भरा तो पॉलिसी खारिज हो सकती है। इसलिए पीपीएफ बेहतर लगता है।       


सवाल : इंश्योरेंस प्लान में एनडाउमेंट और टर्म प्लान इन दोनों में से कौन-सा सबसे बेहतर रहेगा?        
 
सुभाष लखोटिया : टैक्स के लिहाज से एनडाउमेंट और टर्म प्लान दोनों पॉलिसी ठीक है। कम उम्र में ढ़ेर सारी लियाबिलिटी ले ली, मकान और गाड़ी भी लोन से खरीदी है। ऐसे में अगर कोई अनहोनी होती है तो आपका मकान या गाड़ी बरबाद नहीं होगी। मकान या गाड़ी या और कोई भी लोन पर खरीदी हुई चीज का फंडिंग पॉलिसी की राशी से हो जाएगा। अपने जरुरतों को ध्यान में रखकर आपको पॉलिसी लेनी चाहिए।  


सवाल : टैक्स प्लानिंग के लिए इक्विटी लिंक सेविंग स्कीम और इंफ्रास्ट्रक्चर बॉंन्ड ये दोंनो विकल्प कैसे है? 


सुभाष लखोटिया : इक्विटी लिंक सेविंग स्कीम यानि ईएलएसएस में बेहतर निवेश हो सकता है। ईएलएसएस में निवेश पर 80 सी के तहत छूट मिल सकती है। लेकिन इस साल इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड में निवेश नहीं करना है। क्योंकि अब सेक्शन 80सीसीएफ के तहत निवेश पर टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलेगा। लेकिन टैक्स फ्री इंफ्रास्ट्रक्चर बॉंन्ड में निवेश करने पर मिलने वाली इनकम पर टैक्स नहीं लगेगा।   


सवाल : टैक्स प्लानिंग के लिहाज से मेडिक्लेम पॉलिसी कैसा विकल्प है? 


सुभाष लखोटिया : टैक्स प्लानिंग के लिहाज से मेडिक्लेम पॉलिसी में भी निवेश किया जा सकता है। मेडिक्लेम पॉलिसी में प्रीमियम पर 15,000-20,000 रुपये तक की छूट मिल सकती है। मेडिक्लेम पॉलिसी के तहत जांच की जाएं तो वो खर्चे भी माफ किए जाते है।    

सवाल :
पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम क्या ठीक रहेगी? 


सुभाष लखोटिया : वित्त वर्ष 2012-13 के लिए पोस्ट ऑफिस बचत स्कीम भी ठीक है। सरकार ने पिछले 6 महीने में दो बार ब्याज की दर बढ़ा दी। सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में ब्याज 9 फीसदी से बढ़ाकर 9.3 फीसदी हो गया है। इसीतरह टाइम डिपॉजिट पर ब्याज 8.5 फीसदी और एनएससी पर ब्याज 8.6 फीसदी से बढ़कर 8.9 फीसदी ब्याज हो गया सकता है। पोस्ट ऑफिस रेकरिंग डिपॉजिट स्किम पर भी ब्याज बढ़ाकर 8.4 फीसदी कर दिया है, लेकिन टैक्स की अलग से कोई छूट नहीं है।


पोस्ट ऑफिस में कुल मिलाकर ढ़ेर सारी स्किम अच्छी है। लेकिन अगर टैक्स प्लानिंग का उद्देश है तो कोई भी स्किम में निवेश करने से पहले टैक्स छूट का फायदा मिलेगा या नहीं ये देखना जरूरी है।


अब करदाता अपने पैसे बैंक या पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट में एफडी कर सकते हैं। एफडी के ब्याज पर 10,000 रुपये तक की राशी पर टैक्स नहीं लगेगा। 


 



वीडियो देखें