Moneycontrol » समाचार » टैक्स

टैक्स बचत पर जाने टैक्स गुरु के सुझाव

प्रकाशित Sat, 16, 2012 पर 14:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जानिए टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से कैसे करें टैक्स की सेविंग और कैसे बचाए ज्यादा से ज्यादा टैक्स -


सवाल : सेक्शन 50 सी के बारे में जानना चाहता हूं? क्या है इस सेक्शन में और कैसे ये हमारे जिंदगी पर असर डालता है?  


सुभाष लखोटिया : आयकर की धारा 50 सी काफी महत्त्वपूर्ण सेक्शन है। खास तौर पर प्रॉपर्टी बेचने वालों के लिए ये धारा काफी अहम है। सेक्शन 50 सी के तहत आयकर कानून में स्पष्ट लिखा है कि अगर आप प्रॉपर्टी बेचते है तो स्टैम्प ड्यूटी की कीमत कैपिटल गेन्स के तौर पर मानी जाएगी।


सेक्शन 50 सी के प्रावधान जमीन, बिल्डिंग या दोनों के ट्रांसफर पर लागू होगा। इसके अलावा शॉर्ट टर्म गेन और लॉंन्ग टर्म कैपिटल गेन  जोड़ने के लिए भी मान्य होगा। इसके प्रावधान मालिक या कंपनी की अचल संपत्ति की बिक्री पर मान्य नहीं होगा जो कि इन्हें कारोबार में स्टॉक के रुप में रखते हैं।           


सवाल : होमलोन की ईएमआई तीन लोग मिलकर दे रहे हैं। क्या तीनों टैक्स छूट ले सकते हैं? 
 
सुभाष लखोटिया : होमलोन रिपेमेंट पर सिर्फ घर के मालिक को ही टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है। अगर तीनों लोग घर के मालिक होंगे तभी तीनों को टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है। टैक्स छूट के लिए तीनों का मालिकाना हक समान रुप में होना जरूरी है। क्योंकि प्रॉपर्टी के जितने हिस्से पर हक होगा, उतने परसेंट पर ही छूट मिलेगी।  
    
सवाल : दिल्ली के पास खेती की जमीन बेचने पर टैक्स कैसे बनेगा?      


सुभाष लखोटिया : अगर खेती जमीन ग्रामीण इलाके में है तो कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन अगर खेती की जमीन शहरी इलाके में है तो बेचने पर टैक्स लगेगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 20 फीसदी टैक्स बचाने आप दूसरी प्रॉपर्टी खरीद सकते है या कैपिटल गेन बॉंन्ड में निवेश करके टैक्स बचा सकते हैं।    
 
सवाल : जब हम कॉंन्ट्रैक्टर को पेमेंट देते है या प्रोफेशनल फीस अदा करते है उस पर  टीडीएस काटना जरूरी होता है, लेकिन क्या रिइंबर्समेंट पर भी टीडीएस काटना जरूरी होता है?
 
सुभाष लखोटिया : कॉंन्ट्रैक्टर और प्रोफेशनल फीस पर टीडीएस कटता है लेकिन खर्चों के रिइंबर्समेंट पर कोई टीडीएस कट नहीं होता है। प्रोफेशनल फीस के अलावा रिइंबर्समेंट खर्च का भी तो अलग बिल बनाएं।      
 
सवाल : कंपनी से एलटीए लेकर यात्रा करते हैं और टिकट बाद में कंपनी को देते है तो क्या इस पर टैक्स देना होगा? 


सुभाष लखोटिया : व्यक्ति चार साल में किसी भी 2 साल के लिए एलटीए पर टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं। एलटीए लेने के लिए सबूत के तौर पर सारे कागजात दिखाने जरूरी होते हैं।


व्यक्ति यात्रा पर खर्च की जानकारी कंपनी को पूरे साल में कभी भी दे सकते हैं। साल खत्म होने से पहले यात्रा का प्रूफ देने पर ही एलटीए मिलेगा। यदि अगर एलटीए का फायदा नहीं लिया जाएं तो रिटर्न में छूट ले सकते हैं।  


सवाल : 5 लाख रुपये का होमलोन लिया है। वित्तवर्ष 2011-12 में 45,000 रुपये ब्याज और 12,000 रुपये प्रिंसिपल चुकाया है। क्या 57,000 रुपये पर सेक्शन 80 सी के तहत छूट ले सकते हैं?


सुभाष लखोटिया : प्रिंसिपल रकम रिपेमेंट पर सेक्शन 80 सी के तहत छूट का फायदा मिल सकता है। सिर्फ 12,000 रुपये पर ही सेक्शन 80 सी के तहत छूट का फायदा मिल सकता है। ब्याज के 45,000 रुपये रिपेमेंट पर सेक्शन 24 के तहत टैक्स छूट मिल सकता है।


सवाल : मां को किराया देकर एचआरए का फायदा लेना चाहते हैं। लेकिन चूंकि माता-पिता फ्लैट के ज्वाइंट ओनर है तो क्या करें?
 
सुभाष लखोटिया : मां को किराया देकर आप एचआरए का फायदा ले सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि मां मकान की मालिक या ज्वाइंट ओनर हो।



वीडियो देखें