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टैक्स की उलझनों पर टैक्स गुरु के सुझाव

प्रकाशित Sat, 23, 2012 पर 14:36  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जानिए टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से टैक्स की उलझनों पर सुझाव -


सवाल : यदि वसीयत नामें में बदलाव करना हो तो कितनी बार किया जा सकता है?   


सुभाष लखोटिया : हर व्यक्ति को वसीयत नामा बनाना बहुत जरूरी है। व्यक्ति अपने इच्छा के अनुसार जब चाहे जितनी बार चाहे वसीयत नामें में बदलाव कर सकते हैं।


सवाल : पिछले वित्त वर्ष में 200 दिन देश से बाहर रहें। डॉलर में तनख्वाह मिलती है। क्या टैक्स देना होगा?  
 
सुभाष लखोटिया : 182 दिनों से ज्यादा समय तक भारत से बाहर रहने की वजह से आपको विदेशी इनकम पर टैक्स नहीं भरना होगा। क्योंकि आप एनआरआई कहलाएंगे। अगर भारत में आपकी इनकम है तो केवल भारतीय इनकम पर ही आपको इनकम टैक्स भरना होगा।
   
सवाल : मैं भारत में रहता हूं और मल्टी नेशनल कंपनी में काम करता हूं, लेकिन मुझे डॉलर में तनख्वाह मिलती है। क्या इनकम पर टैक्स देना होगा?    

सुभाष लखोटिया : आप भारत के निवासी है इसलिए डॉलर में मिल रही तनख्वाह पर टैक्स लगेगा। किसी भी भारतीय व्यक्ति को इनकम चाहे डॉलर, रुपी या यूरो में मिलती हो फिर भी उसे टैक्स की देनदारी बनती है


सवाल : पैतृक संपत्ति बेचकर भाई-बहन में जो हिस्सा बांटा गया है, उस पर  कितना कैपिटल गेन टैक्स बनेगा? 
 
सुभाष लखोटिया : प्रॉपर्टी बेचने पर आपको कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स का फायदा मिल सकता है। संपत्ति के 5 मालिक होने की वजह से हर व्यक्ति को इंफ्लेशन इंडेक्स के 1/5 हिस्से का फायदा मिल सकता है। आप इंफ्लेशन इंडेक्स से मिली 1/5 रकम को अपने हिस्से से यानि 14 लाख रुपये से घटाएं और बाकी जो बची राशी है वो आपका लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन होगा इस पर 20 फीसदी के हिसाब से इनकम टैक्स लगेगा।     


सवाल : पिछले 16 साल के केसेस को रि-असेसमेंट के लिए खोला जा सकता है। सरकार के इस कदम के पिछे क्या तर्कसंगती हो सकती हैं?  


सुभाष लखोटिया : फाइनेंस एक्ट 2012 में री-असेसमेंट के नियमों में बदलाव आ गया है। वर्तमान समय में रि-असेसमेंट की समय सीमा सिर्फ 6 साल की है। किंतु नए प्रावधान के तहत आपकी विदेश में आधी प्रॉपर्टी है और उससे कोई इनकम है उस बारे में रिअसेसमेंट की समय सीमा 16 साल बन जाएगी।    


सवाल : रिफंड के चेक पर गलत अकाउंट नंबर लिखा है। चेक 28/2/2012 को जारी हुआ है। अब क्या करें?


सुभाष लखोटिया : आईटी विभाग को नए चेक के लिए पत्र लिखें और अपने सही बैंक अकाउंट की जानकारी दें।


सवाल : 2009-2010 की बकाया सैलरी 35,000 रुपये 2011 में मिली। क्या अब इस पर रकम पर टैक्स देना होगा?
 
सुभाष लखोटिया : सेक्शन 89 के तहत कंपनी आपके बकाया सैलरी पर इनकम टैक्स नहीं काट सकती है। बकाया पर टैक्स ना कटें इसलिए आप फॉर्म नंबर 10 ई भरकर अपने कंपनी को दें। 


सवाल : 20 साल पहले विदेश में कमाई से भारत में घर बनाया था। लेकिन अब घर बेचना चाहते हैं। टैक्स की देनदारी कैसे बनेगी?


सुभाष लखोटिया : कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स के तहत आप लॉन्ग टर्म गेन निकाल सकते हैं। आपने विदेश की कमाई से या भले भारत में ही रहकर घर बनाया हो इन दोंनो स्थितियों में आप सेल प्राइस से कॉस्ट प्राइस घटाकर कॉस्ट इंफ्लेशन इडेक्स का लाभ ले सकते हैं और टैक्स का भुगतान करके बची हुए राशी को दोबारा विदेश ले जा सकते हैं।


सवाल : दो फ्लैट लोन पर लिए है। एक किराए पर दिया और दूसरे में खुद रहते हैं। टैक्स छूट का फायदा कैसे लें?


सुभाष लखोटिया : किराए पर दिए हुए घर के लिए लोन के ब्याज पर आप बगैर किसी ऊपरी सीमा के पूरी टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं। वहीं जिस घर में आप रह रहे हैं उस पर लोन के ब्याज पर आप 1.5 लाख की छूट पा सकते हैं। दूसरे घर के लोन रिपेमेंट पर सेक्शन 80 सी के तहत 1 लाख रुपये की छूट मिल सकती है।
  
सवाल : गैर रिश्तेदारों से 50,000 रुपये तक की गिफ्ट मिलती है तो उसपर टैक्स नहीं लगाता है। लेकिन अगर ये 50,000 रुपये के राशी का गिफ्ट किसी एक व्यक्ति से मिलेगा क्या तभी टैक्स छूट मिल सकता है या अलग-अलग व्यक्ति भी 50,000 रुपये का गिफ्ट देंगे तभी हम टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं? 


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 56 के तहत गैर रिश्तेदारों से साल में 50,000 रुपये तक के गिफ्ट पर टैक्स नहीं लगेगा। साल भर में मिले सभी गिफ्ट की कीमत 50,000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर किसी एक व्यक्ति का गिफ्ट 50,000 रुपये से ऊपर का हुआ तो बाकी रकम पर टैक्स देना होगा।


सवाल : मौसी से 1 लाख रुपये, मामी से 60,000 रुपये और ममेरे भाई से 45,000 रुपये गिफ्ट मिला है। कितना टैक्स लगेगा?  


सुभाष लखोटिया : आपको मामी और मौसी से मिले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन मामा का बेटा आईटी कानून के तहत गैर रिश्तेदार के कैटगरी में आता है तो उससे मिले 50,000 रुपये से ज्यादा की गिफ्ट पर टैक्स लगेगा। लेकिन अगर गिफ्ट 50,000 रुपये के राशी से कम का है तो टैक्स नहीं लगेगा। ममेरे भाई के 45,000 रुपये के गिफ्ट पर भी टैक्स नहीं लगेगा।  


सवाल : बेटे और बहु ने गिफ्ट में शेयर दिए है। बेटे के गिफ्ट पर तो टैक्स नहीं लेकिन बहू से मिले गिफ्ट पर टैक्स देना होगा? 


सुभाष लखोटिया : बेटे और बहू से मिले गिफ्ट पर आपको कोई टैक्स नहीं लगेगा। आईटी कानून के तहत रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता और आईटी कानून के तहत बेटा और बहू दोनों आपके रिश्तेदार हुए।    


सवाल : पिता का साल 2000 का एक्नॉलेजमेंट-बैलेंशीट है। अभी उनका देहांत हो गया है। क्या आखरी रिटर्न की जानकारी मिलेगी? 


सुभाष लखोटिया : आप अपने पिता के इनकम टैक्स अधिकारी से संपर्क करके रिटर्न और बैलेंसशीट की जानकारी ले सकते हैं। 


सवाल : पिता की बैंक एफडी, पीओ और प्राइवेट एफडी से 1.50 लाख रुपये के करीब इनकम है। क्या इनकम टैक्स भरना होगा?


सुभाष लखोटिया : आपके पिता की कुल इनकम ही छूट की सीमा से कम है इसलिए रिटर्न भरना जरूरी नहीं है। लेकिन अगर कुल इनकम 1.80 लाख रुपये से ज्यादा है तो रिटर्न भरना होगा।    


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