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जानिए टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव

प्रकाशित Sat, 30, 2012 पर 14:05  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से जानिए टैक्स की बारीकियां और टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव -


सवाल : अगर किसी परिवार में प्रॉपर्टी का बटवांरा होता है तो टैक्स के लिहाज किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 


सुभाष लखोटिया : परिवार में प्रॉपर्टी के बटवांरे के वक्त टैक्स की देनदारी नहीं बनती है। प्रॉपर्टी ट्रांसफर होने पर कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं लगेगा। अचल संपत्ति के मालिकाना हक बदलने पर भी टैक्स नहीं लगेगा। 


सवाल : एक घर के लिए टैक्स छूट ले रही हूं। क्या दूसरे घर के लोन पर भी सेक्शन 80 सी और सेक्शन 24 के तहत टैक्स छूट मिलेगी? 
 
सुभाष लखोटिया : सिर्फ एक प्रॉपर्टी पर ही टैक्स छूट मिलती है। दूसरी प्रॉपर्टी पर किसी तरह की टैक्स छूट नहीं मिलेगी। लेकिन अगर आप दूसरा मकान किराए पर दें तो उस प्रॉपर्टी के लोन के पूरे ब्याज पर छूट का फायदा मिलेगा। एक रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी पर वेल्थ टैक्स नहीं लगता। रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी में खुद रहने पर भी इनकम टैक्स नहीं लगेगा।   


सवाल : टैक्स का चालान भरते वक्त वित्त वर्ष 2012-2013 की जगह वित्त वर्ष 2011-2012 लिख दिया। अब गलती कैसे सुधारें?


सुभाष लखोटिया : अगर ज्यादा समय नहीं हुआ तो आप बैंक को पत्र लिखकर चालान में सुधार करवा सकते हैं। लेकिन अगर ज्यादा समय बीता है तो इनकम टैक्स अधिकारी को सुधार करने के लिए पत्र लिखना होगा।


सवाल : मां-पिता के खर्च के लिए बेटा अमेरिका से पैसे भेजता है। क्या इस पैसे पर टैक्स लगेगा?
 
सुभाष लखोटिया : अगर बेटा मां-पिता को खर्च के लिए पैसा देता है तो किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा।


सवाल : पत्नी ने टीवी गेम शो में कैश इनाम जीता है। क्या इस रकम पर टैक्स देना होगा? क्या रिटर्न भरकर टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं?


सुभाष लखोटिया : टीवी गेम शो में जीती गई रकम पत्नी की इनकम होगी और इस रकम को अन्य स्त्रोत से आय माना जाएगा। इनाम की राशी पर धारा 115बीबी के तहत टैक्स की देनदारी बनती है और इस रकम पर कंपनी टीडीएस काटेगी।

सवाल : एनपीएस में निवेश करके टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं या फिर टैक्स छूट पाने के लिए एम्पलॉयर को एनपीएस में पैसे जमा करने होंगे?


सुभाष लखोटिया : एनपीएस में किए गए निवेश पर 80सी के तहत ही टैक्स छूट मिल सकती है। 1 लाख रुपये की सीमा के अंदर ही एनपीएस में निवेश किया जा सकता है। अगर एम्पॉलायर एनपीएस में निवेश करेगा तो 80 सी के अलावा अतिरिक्त टैक्स छूट मिल सकता  है।    
 
सवाल : वित्त वर्ष 2011-2012 के लिए सही तरीके से इनकम टैक्स रिटर्न कैसे फाइल कर सकते हैं?


सुभाष लखोटिया : व्यक्ति को आयकर छूट सीमा के अनुसार रिटर्न भरना होगी। अगर अगर इंडिव्यूजअल की इनकम 1.8 लाख रुपये ज्यादा है। औरतों की इनकम 1.90 लाख रुपये से ज्यादा है और सीनियर सिटीजन की इनकम 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा अति विशिष्ट सीनियर सिटीजन यानि 80 साल या उसके ऊपर के बुजुर्गों की इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो इनकम टैक्स रिटर्न भरना होगा। लेकिन अगर कुल इनकम आयकर छूट सीमा से कम है तो रिटर्न फाइल करना जरूरी नहीं है।


सवाल : अपनी प्रॉपर्टी बेच, बेटों के लिए 2 नए घर में निवेश करना चाहते हैं। टैक्स की देनदारी कैसे होगी?   


सुभाष लखोटिया : एक प्रॉपर्टी बेचकर टैक्स के लिहाज से एक ही प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते हैं। दो प्रॉपर्टी में निवेश करने पर एक ही प्रॉपर्टी की खरीद पर टैक्स छूट मिलती है। अगर बेटे के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदेंगे तो आपको टैक्स छूट नहीं मिलेगी। लिहाजा आपको टैक्स छूट के लिए अपने ही नाम पर प्रॉपर्टी खरीदनी होगी। 


सवाल : क्या दो एचयूएफ बन सकते है?


सुभाष लखोटिया : बेटों और पत्नी के साथ अलग एचयूएफ नहीं बनेगा। एक परिवार में एक ही एचयूएफ होना बेहतर होगा। एचयूएफ के सदस्य परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एचयूएफ बना सकते हैं। 



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