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टैक्स गुरु: टैक्स रिटर्न स्पेशल

प्रकाशित Sat, 07, 2012 पर 13:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

31 जुलाई इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख है। आमतौर पर लोग आखिरी दिन तक इस जरूरी काम को टालते हैं। लेकिन रिटर्न फाइल करने में बेवजह देरी ठीक नहीं है, क्योंकि ऐसा करके हम खुद सिर दर्द मोल लेते हैं।

समय से रिटर्न भरकर हम ना सिर्फ अपनी टेंशन कम करते हैं बल्कि अपनी गलतियां भी कम करते हैं। आपकी इन्हीं सब मुश्किलों को दूर करने के लिए आज हम लेकर आए हैं खास रिटर्न स्पेशल शो - टेंशन फ्री टैक्स रिटर्न। जिसमें टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया दूर करेंगे आपकी रिटर्न से जुड़ी हर छोटी-बड़ी परेशानियां -


सवाल : मैं नौकरी करता हूं और मेरी सैलरी 3 लाख रुपये सालाना है। ऑनलाइन रिटर्न प्रक्रिया की जानकारी चाहिए। क्या हम खुद से ई रिटर्न फाइल कर सकते हैं और अगर कर सकते है तो उससे क्या फायदा होगा? 


सुभाष लखोटिया : आप ई-रिटर्न घर बैठे फाइल कर सकते हैं। इसमें कोई भी समस्या नहीं है। सरकार की जो वेबसाइट है incometaxindiaefiling.gov.in पर आपको सारी जानकारी मिल सकती है। आप यहां अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और यह सॉफ्टवेयर फ्री में डाउनलोड करके अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं।


अगर आप फ्री में रिटर्न भी भरना चाहते हैं, तो वो भी काफी हद तक मुमकिन है। टैक्स रिटर्न प्रिपेरर सरकार ने बनाए है अगर आप उनको फोन करके घर बुलाए तो वो आपका रिटर्न भी भरेगा और जमा भी करेगा। टैक्स रिटर्न प्रिपेरर इसकी कुल फीस केवल 250 रुपये लेगा। अगर आप पहली बार टैक्स भर रहे है तो उसपर फीज बिल्कुल नहीं लगेगी। 


सवाल : खुद से रिटर्न भरते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?   


सुभाष लखोटिया : नौकरीपेशा लोगों के लिए फॉर्म नं 16 सबसे जरूरी है। टैक्स रिटर्न भरने से पहले सभी डॉक्युमेंट की जांच करना जरूरी है। साथ ही होमलोन का बैंक स्टेटमेंट, फिक्स्ड डिपॉजिट का बैंक स्टेटमेंट, अन्य आय का स्टेटमेंट तैयार करवना चाहिए। इनकम का सारा ब्यौरा तैयार करके फिर रिटर्न फाइल करना चाहिए।


सवाल : फ्लैट खरीदने पर बतौर क्रेडिट नोट डिस्काउंट मिला था। ब्रोकर ने 194एच के तहत 10 फीसदी टीडीएस काटा था। कौन-से फॉर्म में रिटर्न भरें?


सुभाष लखोटिया : आपको मिली हुई इनकम ब्रोकरेज या कमिशन बिजनेस इनकम है, इसीलिए ब्रोकर ने 10 फीसदी टीडीएस काट लिया। आप जब अपना रिटर्न फाइल करेंगे तब आपको आईटीआर फॉर्म नं 4 भरना होगा। 


सवाल : पिछले साल बजट में सुना था कि कंपनी कर्मचारियों का टैक्स रिटर्न भरेगी। क्या ये नियम वित्त वर्ष 2012-13 के लिए भी लागू होगा या फिर कर्मचारी को खुद ही रिटर्न फाइल करना है?


सुभाष लखोटिया : टैक्स रिटर्न भरने के प्रावधान में इस साल 2011 के मुकाबले ज्यादा बदलाव नहीं हुए है। 2004 से सरकार ने एक स्कीम निकाली थी जिसके तहत कंपनी अगर चाहे तो अपने कर्मचारीयों का टैक्स रिटर्न भर सकती थी।

अगर पूरा टैक्स कंपनी ने काट लिया हो और अन्य उनकी कोई आय ना हो, तो कर्मचारी को खुद रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं थी। लेकिन क्या ये प्रावधान इस साल भी लागू होगा इस बारे में अभी तक सरकारने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। लिहाजा अभी हमको यही मानकार चलना चाहिए की वित्त वर्ष 2012-13 के लिए रिटर्न हमको स्वयं भरना होगा।    


सवाल : एफडी का ब्याज हर साल रिटर्न में दिखाना चाहिए या फिर 5 साल बाद एक साथ दिखाना बेहतर होगा?

सुभाष लखोटिया : एफडी का ब्याज हर साल दिखाएं या आखिर में आप पर निर्भर है। इनकम टैक्स में दोनों मान्य है। लेकिन अगर आप एफडी का ब्याज हर साल दिखाएंगे तो फायदा होगा। 


सवाल : वित्त वर्ष 2011-12 में 1.2 लाख रुपये निवेश किया लेकिन गलती से लॉन्ग टर्म इंफ्रा बॉन्ड का निवेश भी 80सी के तहत दिखाया। मार्च में पता चला कि कंपनी ने सिर्फ 80सी के निवेश को ही माना है और 80सीसीएफ के निवेश पर उन्हें छूट नहीं मिली। क्या रिटर्न फाइल करते वक्त 80सीसीएफ के तहत 20,000 रुपये की छूट ले सकते हैं?
 
सुभाष लखोटिया : आप जब इनकम रिटर्न जमा करेंगे तब 80 सी के तहत 1 लाख रुपये और 80सीसीएफ के तहत 20,000 रुपये तक के टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं। आप रिटर्न भरकर, क्लेम करकर जो ज्यादा टैक्स कटा है वो दोबारा पा सकते हैं। 
 
सवाल : 12-13 साल से अपना रिटर्न दिल्ली में भरा, अब नोएडा शिफ्ट हो गया हूं और वित्त वर्ष 2012-13 के लिए रिटर्न वहीं भरा है। क्या दिल्ली के अपने आईटी ऑफिस में पता बदलने की जानकारी देनी होगी और इसकी क्या प्रक्रिया है?


सुभाष लखोटिया : आप दिल्ली से शिफ्ट होकर नोएडा चले गए है, तो आईटीआर नोएडा में फाइल करेंगे तब भी कोई समस्या नहीं है। लेकिन आपको अपने पूराने आईटी ऑफिस में जाकर पॅन माइग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।


सवाल : साल 2007 में मैं नौकरी करता था उस समय मेरा जो टीडीएस कटा था वो मुझे अभी तक रिटर्न नहीं मिला है। अभी मैं बिजनेस कर रहा हूं, वित्त वर्ष 2011-12 के लिए रिटर्न जुलाई 2011 में भर दिया था लेकिन अब तक उसका भी टीडीएस रिफंड नहीं मिला। तो इसके लिए क्या कर सकते हैं?


सुभाष लखोटिया : अगर आपको अभी तक अपने पूराने टीडीएस रिफंड नहीं मिलें तो आप अपने आयकर अधिकारी को पत्र लिखें और उसमें पूरी जानकारी दे कि आपने किस तारिख को किस वित्त वर्ष के लिए रिटर्न भरा था, कितना रिटर्न कट गया था और कुल मिलाकर कितना रिफंड बाकी है। इस तरह आपको अपना टीडीएस रिफंड मिल सकेगा। सरकार के मुताबिक ई-फाइलिंग से जल्दी रिफंड मिल सकता है। इसलिए इनकम टैक्स रिटर्न ई-फाइलिंग के द्वारा करना बेहतर होगा।     


सवाल : पिछले 12 सालों से रिटर्न नहीं भरा है हालांकि टैक्स हमेशा कटता रहा है। अब रिटर्न भरना चाहता हूं, क्या करना होगा और क्या जुर्माना लगेगा?


सुभाष लखोटिया : सबसे पहले आप 31 मार्च 2011 और साथ ही 31 मार्च 2012 की यानि कुल मिलाकर 2 साल की इनकम टैक्स रिटर्न को जमा करवाएं और आगे से समय पर रिटर्न भरें। हर व्यक्ति को रिटर्न जमा करना काफी जरूरी होता है। अगर हम रिटर्न नहीं भरते तो आयकर विभाग प्रति वर्ष 5,000 रुपये का जुर्माना लगाता है।



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