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टैक्स रिटर्न से जुड़े सवाल-जवाब

प्रकाशित Sat, 28, 2012 पर 14:23  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिटर्न भरने की आखिरी तारिख करीब आ गई है ऐसे में छोटी बड़ी बाते आपको परेशान कर रही होगी और आपके मन में कई सवाल उठ रहे होंगे और इन्हीं सभी सवालों पर हल बताएंगे टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया जी -


सवाल : वित्त वर्ष 2011-2012 में दो नौकरियां की। किस आईटीआर फॉर्म में रिटर्न भरें?


सुभाष लखोटिया : दो कंपनियों में नौकरी करने के बावजूद आपको आईटीआर1 यानि सहज फॉर्म में रिटर्न भरना होगा।


सवाल : वित्त वर्ष 2010-2011 और 2011-2012 में इंफ्रा बॉन्ड खरीदें। ब्याज हर साल दिखाएं या मैच्योरिटी के वक्त दिखाना ठीक होगा?     


सुभाष लखोटिया : इंफ्रा बॉन्ड का ब्याज हर साल दिखाएं या मैच्योरिटी के वक्त ये पूरी तरह आपका फैसला होगा। लेकिन जो भी फैसला लेंगे या जो भी सिस्टम अपनाएंगे उसे आगे भी हमेशा बरकरार रखें।   


सवाल : सालाना इनकम 2.80 लाख रुपये है। एलआईसी से 7.80 लाख रुपये का बोनस मिला है। ऑनलाइन रिटर्न भरना जरूरी है या पेपर रिटर्न भर सकते हैं? 


सुभाष लखोटिया : ऑनलाइन रिटर्न भरना जरूरी नहीं है। आप चाहे तो आईटीआर में भी पेपर रिटर्न भर सकते हैं।


सवाल : सालाना 1.20 लाख रुपये सैलरी और 50,000 रुपये टयूशन से इनकम आती है। इनकम टैक्स रिटर्न कैसे भरें? 


सुभाष लखोटिया : आपकी कुल आय इनकम टैक्स छूट की सीमा से कम है। फॉर्म 16 नहीं मिलने पर भी आप आईटीआर1 में रिटर्न भर सकते हैं।      


सवाल : पेंशन से सालाना 1.60 लाख रुपये और बैंक एफडी से 72,000 रुपये इनकम है। क्या वित्त वर्ष 2011-2012 के लिए रिटर्न भरना है? 


सुभाष लखोटिया : 60 साल से ऊपर के व्यक्ति के लिए टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये है। आपकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है, इसलिए आपको रिटर्न भरना जरूरी नहीं है। 


सवाल : ऑनलाइन रिटर्न भरा, लेकिन बैंक ब्याज रिटर्न मे नहीं दिखाया अब क्या करें?
 
सुभाष लखोटिया : बैंक पासबुक में दिखाए ब्याज को रिटर्न में बताएं और रिवाइज आईटी रिटर्न दोबारा से भरें।     
 
सवाल : पत्नी के नाम से पैसे शेयर और एफडी में निवेश किए। रिटर्न में कैसे दिखाएं? 


सुभाष लखोटिया : पत्नी के नाम से किए निवेश की रकम पति की इनकम में जुड़ेगी। इसलिए आपको पत्नी की कमाई अपनी इनकम में जोड़कर रिटर्न भरना होगा।


सवाल : कंपनी में एचआरए की छूट नहीं ली। ऑनलाइन रिटर्न भरते वक्त छूट कैसे ले सकते हैं?


सुभाष लखोटिया : आप रिटर्न भरते वक्त सही टैक्स छूट की रकम भरें। यदि आपने कंपनी से छूट नहीं ली तो रिटर्न में सही टैक्स छूट की रकम भरकर रिफंड लें सकते हैं।    


सवाल : आमतौर पर आईटीआर7 में अपने ट्रस्ट का रिटर्न भरते हैं। इस बार फॉर्म अब तक नहीं मिला। क्या करें? 


सुभाष लखोटिया : चैरिटी ट्रस्ट के लिए आईटीआर7 फॉर्म अब तक बाजार में नहीं आया है, लेकिन चिंता ना करें फॉर्म जल्द बाजार में उपलब्ध होगा। इसलिए आप 1-2 दिनों तक इंतजार करें या अगर पिछले साल का आईटीआर7 फॉर्म भरें। उसमें आपको सिर्फ वित्त वर्ष बदलकर अपने हस्ताक्षर करने होंगें। 


सवाल : ई-रिटर्न भरा, लेकिन शेड्यूल ईआई में छूट की जानकारी देना भूल गए। क्या करें? 


सुभाष लखोटिया : शेड्यूल ईआई में छूट की जानकारी देना भूल गए तो कोई चिंता की बात नहीं है। तो आप दोबारा रिवाइज्ड रिटर्न फॉर्म भर सकते हैं। 


सवाल : छूट लेने के बाद सालाना इनकम 9.25 लाख रुपये होती है। मेरी कुल इनकम 11.75 लाख रुपये है। ई-रिटर्न भरें या पेपर रिटर्न भरें? 


सुभाष लखोटिया : अगर आपकी टैक्सेबल इनकम 10 लाख रुपये से कम है तो आप पेपर रिटर्न भर सकते हैं। लेकिन अगर 10 लाख रुपये ज्यादा है तो ई-रिटर्न भरना जरूरी है।  


सवाल : होमलोन ब्याज पर छूट का फायदा लिए बगैर रिटर्न भर दिया। अब क्या करे? 


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 154 के तहत सुधार के लिए इंतजार ना करते हुए आपको तुरंत रिवाइज्ड रिटर्न फॉर्म भरना होगा। 


सवाल : पुरानी कंपनी में लीव एनकाशमेंट की छूट नहीं मिली। क्या अब रिटर्न भरते समय इसे दिखाकर रिफंड ले सकते हैं?


सुभाष लखोटिया : पुरानी कंपनी में लीव एनकाशमेंट की छूट नहीं मिली है , तो अब आप आईटीआर में छूट की जानकारी देकर रिफंड लें सकते हैं। 


सवाल : क्या टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले लोगों को डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-रिटर्न भरना जरूरी है?  


सुभाष लखोटिया : अगर आप टैक्स ऑडिट के दायरे में आते हैं तो आप को डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-रिटर्न भरना जरूरी होगा।


सवाल : दो कंपनियों में नौकरी की है। दोनों कंपनियों से फॉर्म16 मिला है। करीब 2010 रुपये का टैक्स बचा है, क्या करें?  


सुभाष लखोटिया : पहले आपको बचा टैक्स जमा करना होगा और फिर आप रिटर्न फाइल कर सकते हैं।


सवाल : अक्टूबर 2011 में रिटायर किया और फिर जनवरी 2012 में बतौर स्पेशालिस्ट ज्वाइन किया। कौन-सा रिटर्न फॉर्म चुनें? 


सुभाष लखोटिया : आपको आईटीआर 4 फॉर्म में रिटर्न भरना होगा क्योंकि आपकी इनकम दो आयटम से आएगी जो एक सैलरी इनकम और दूसरी प्रोफेशनल इनकम कहलाएगी। 


सवाल : एफडी से 2.5 लाख रुपये इनकम, 5,000 रुपये शेयर का प्रॉफिट और एलआईसी का प्रीमियम 60 रुपये है। कितना टैक्स बनेगा और किस आईटीआर में रिटर्न भरें?


सुभाष लखोटिया : टैक्स की देनदारी नहीं होगी। आपको आईटीआर 2 फॉर्म भरना होगा।  


सवाल : भारत में 3 लाख रुपये की एफडी पर बैंक ने टीडीएस काटा। रिफंड कैसे मिलेगा और रिटर्न कैसे फाइल करें?


सुभाष लखोटिया : आईटीआर 1 यानि सहज फॉर्म में रिटर्न भरकर आप अपना रिफंड ले सकते हैं। 


सवाल : बेटी ने अगस्त 2011 तक जिस कंपनी में काम किया वहां से फॉर्म नं 16 नहीं मिला। अब क्या करें?


सुभाष लखोटिया : आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म 26एएस देखें और उसमें दी गई जानकारी के अनुसार रिटर्न भरें।  


सवाल : वित्त वर्ष 2011-12 में ट्यूशन से इनकम। क्या प्रिजम्पटिव आधार पर रिटर्न फाइल कर सकते हैं?


सुभाष लखोटिया : सिर्फ कारोबारी प्रिजम्पटिव टैक्स रिटर्न भर सकते हैं। प्रोफेशनल व्यक्ति के लिए प्रिजम्पटिव टैक्स रिटर्न नहीं है। आप फॉर्म 4 में रिटर्न भर सकते हैं।   


सवाल : चंडीगढ़ में रिटर्न भरते हैं। 2011 में बेटे के पास बंगलुरू गए तो वहां रिटर्न भर दिया। क्या ये सही है?


सुभाष लखोटिया : आप अपने घर के ज्यूरिस्डिक्शन के मुताबिक रिटर्न भरें। आपको दोबारा चंडीगढ़ में रिटर्न भरना होगा।  


सवाल : रिटर्न भरना है लेकिन फॉर्म 16 नहीं है और फॉर्म 26एएस नहीं है। अब क्या करें?


सुभाष लखोटिया : फॉर्म16 नहीं है तो अपनी पूरी तनख्याह जोड़कर रिटर्न फाइल कर दें। 


सवाल : सैलरी और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन से इनकम है। एसटीसीजी को रिटर्न फॉर्म में कहां दिखाएं?


सुभाष लखोटिया : आप आईटीआर2 में रिटर्न भरें और कैपिटल गेन टैक्स का 111ए सेक्शन के तहत भुगतान करें।


सवाल : 6-6 महीने बैंक के अलग-अलग ब्रांच में काम किया। फॉर्म 16 में सिर्फ आखिर के 6 महीने की जानकारी है। रिटर्न कैसे भरें? 


सुभाष लखोटिया : आप आयकर विभाग की वेबसाइट देखें। आपको 26एएस फॉर्म के हिसाब से पूरी जानकारी मिल जाएगी। टीडीएस की पूरी जानकारी लेकर फिर आप रिटर्न भरें। 


सवाल : 1.25 लाख रुपये इनकम को गलती से 7 लाख रुपये लिख दिया और 3 लाख रुपये पर टैक्स कटवा दिया। अब क्या करें?


सुभाष लखोटिया : रिटर्न में गलत जानकारी दी गई है तो आप रिवाइज्ड रिटर्न भरकर रिफंड ले सकते हैं।


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