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सेबी ने बदले आईपीओ नियम, ई-आईपीओ को मंजूरी

प्रकाशित Thu, अगस्त 16, 2012 पर 16:32  |  स्रोत : Moneycontrol.com

छोटे निवेशकों के हित को ध्यान में रखते हुए सेबी ने आईपीओ नियमों में बदलाव किए हैं।


आईपीओ में हर निवेशक को न्यूनतम शेयर देना अनिवार्य होगा। वहीं, आईपीओ में पैसे लगाने की न्यूनतम सीमा 10000 रुपये से बढ़ाकर 15000 रुपये की गई है।


सेबी के नए नियमों के मुताबिक बड़े और संस्थागत निवेशक आईपीओ की अर्जी वापिस नहीं ले सकते हैं। साथ ही, बड़े निवेशक आईपीओ के लिए अर्जी घटा भी नहीं सकते हैं। संस्थागत निवेशकों को अपना 75 फीसदी कोटा भरना अनिवार्य होगा।


आईपीओ से जुटाई गई रकम का 25 फीसदी ही सामान्य खर्चों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। आईपीओ खुलने के 5 दिन पहले प्राइस बैंड बताना जरूरी होगा।


आईपीओ लाने वाली कंपनियां का कम से कम मुनाफा 15 करोड़ रुपये होना चाहिए। सेबी का कहना है कि आईपीओ के इश्यू साइज में 20 फीसदी तक का बदलाव करने के लिए दोबारा डीआरएचपी दाखिल करना जरूरी नहीं होगा।


सेबी के बोर्ड ने ई-आईपीओ को भी मंजूरी दी है। ई-आईपीओ की सुविधा 100 ब्रोकरों के टर्मिनल पर मिलेगी। मिनिमम पब्लिक होल्डिंग पूरा करने के लिए कंपनियां राइट्स इश्यू, बोनस इश्यू जारी सकती हैं।


इसके अलावा म्यूचुअल फंड सेक्टर में जान फूंकने के लिए सेबी ने कदम उठाएं हैं। छोटे शहरों में म्युचुअल फंड डिस्ट्रिब्यूटर्स को 0.3 फीसदी का कमीशन मिलेगा।


वहीं, म्यूचुअल फंड्स का एक्सपेंस रेश्यो 0.2 फीसदी बढ़ाया जाएगा। सेबी ने फीस लेकर निवेश की सलाह देने वालों पर नकेल कसने का मन बनाया है।


म्यूचुअल फंड पर लगने वाला सर्विस टैक्स का बोझ निवेशकों पर पड़ेगा, न कि एसेट मैनेजमेंट कंपनियों पर। सर्विस टैक्स 0.02-0.03 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा।


अब एसेट मैनेजमेंट कंपनियों को निवेश के बारे में ज्यादा जानकारी देनी होगी। सेबी ने राजीव गांधी इक्विटी स्कीम में म्यूचुअल फंड सेक्टर को शामिल करने की सिफारिश की है।


इंडियानिवेश सिक्योरिटीज के दलजीत सिंह कोहली के मुताबिक नए नियमों से आईपीओ लाने में आसानी होगी। साथ ही, आईपीओ लाने में कम वक्त लगेगा।


आरबीएस के ब्रिजेश मेहरा का कहना है कि सेबी ने कई बड़े फैसले किए हैं। ज्यादातर फैसले रिटेल निवेशकों के हित में किए गए हैं। ई-आईपीओ को लागू करना काफी मुश्किल भरा रहेगा और इसमें धांधली की संभावना ज्यादा है।


प्राइम डेटाबेस के सीएमडी, पृथ्वी हल्दिया के मुताबिक ई-आईपीओ के जरिए सेबी सभी ब्रोकरों के टर्मिनल पर आईपीओ उपलब्ध कराना चाहता है। साथ ही, सेबी मिनिमम पब्लिक होल्डिंग में ढिलाई देने के मूड में नहीं है।


कोटक इंवेस्टमेंट बैंकिंग का मानना है कि सेबी द्वारा रिटेल निवेशकों के लिए लिए गए फैसले अच्छे हैं। मिनिमम पब्लिक होल्डिंग के लिए राइट्स और बोनस इश्यू को मंजूरी देने का फैसला सही वक्त पर लिया गया है।


टाटा एएमसी के प्रेसीडेंट और सीईओ, संजय सचदेवा का कहना है कि सेबी के सभी फैसले निवेशकों के हित में किए गए हैं।


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इस बारे में अपनी राय दीजिए
पोस्ट करनेवाले: venu nannatपर: 14:45, जुलाई 22, 2014

IPO, New Issues

No way. Builders are non-performers...

पोस्ट करनेवाले: Patilपर: 23:22, जुलाई 20, 2014

IPO, New Issues

aek din... bik jayege....., mati ke mol, pyare tere bol......