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जरूरत के मुताबिक लें इंश्योरेंस पॉलिसी

प्रकाशित Sat, 08, 2012 पर 12:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीवन की अनिश्चितता बढ़ रही है ऐसे में इंश्योरेस कराना हरेक व्यक्ति की जरूरत बनता जा रहा है। हालांकि अपनी जरूरत के मुताबिक ही पॉलिसी ली जाए तो आपके परिवार की सुरक्षा निश्चित हो सकती है। पॉलिसी बाजार डॉटकॉम के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अक्षय मेहरोत्रा ने इंश्योरेंस से जुड़ी समस्याओं पर कई सवालों के जवाब दिए जो आपके भी काफी काम आ सकते हैं।


सवालः एलआईसी मनी बैक पॉलिसी में निवेश के लिए पहली किस्त 22,700 रुपये की चुकाई है। क्या इसमें निवेश बनाए रखूं और अगर निवेश निकालता हूं तो कितना पैसा वापस मिलेगा?


अक्षय मेहरोत्राः किसी भी इंश्योरेंस प्लान में 3 साल का लॉकइन पीरियड होता है। आपने सिर्फ 1 प्रीमियम दिया है तो आपको कुछ भी वापस नहीं मिलेगा।


सवालः 40 लाख रुपये का होम लोन लिया है। होम लोन को टर्म प्लान लेकर कवर करना चाहता हूं जिसमें एक्सीडेंटल डेश बेनेफिट भी मिले। क्या ऐसी कोई पॉलिसी मिल सकती है? मैं कौनसा टर्म प्लान लूं?


अक्षय मेहरोत्राः आपको अपनी आय के 10 या 15 गुना के बराबर कवर लेना चाहिए। टर्म प्लान में राइडर्स को अलग से जोड़ा जा सकता है। एक्सीडेंटल राइडर्स को आप अलग से जोड़ सकते हैं। अगर साधारण अगर 50 लाख का कवर है तो एक्सीडेंटल राइडर में दोगुना कवर यानी 1 करोड़ रुपये का कवर मिल सकता है। दूसरा राइडर एक्सीडेंटल डिसेबिलिटी राइडर है तो इसके लिए आपको तुरंत कैश पेमेंट मिल सकता है। तीसरा राइडर क्रिटिकल इलनेस कवर है जिसमें इलाज के लिए आपको एकमुश्त रकम मिल जाती है। इंश्योरेंस में राइडर लेना काफी जरूरी है और इसके जरिए आप जीनव की असुरक्षा को कुछ कम कर सकते हैं।


सवालः एक पॉलिसी ली हुई है, अगर मैं आगे चलकर सिगरेट, तंबाकू का सेवन करने लगा तो क्या इसकी जानकारी कंपनी को देनी होगी?


अक्षय मेहरोत्राः बीमा कंपनी को इस बात की जानकारी दे देनी चाहिए क्योंकि क्लेम के समय इससे दिक्कत आ सकती है। अगर क्लेम के समय ये पता चलता है कि आपकी मृत्यु सिगरेट पीने की वजह से हुई थी तो कंपनी क्लेम देने से इंकार कर सकती है क्योंकि इसकी जानकारी पॉलिसी लेत समय या बाद में कंपनी को नहीं दी गई थी।


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