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डोनेशन: टैक्स में छूट पाने का सरल तरीका!

प्रकाशित Sat, 22, 2012 पर 10:27  |  स्रोत : Moneycontrol.com

हर व्यक्ति टैक्स के भुगतान में छूट पाने के लिए तरह-तरह के जुगत लाता है। वहीं टैक्स बचाने के कई विकल्प भी मौजूद हैं। समाज कल्याण संस्थाओं को दान देकर भी टैक्स में छूट पाई जा सकती है। वहीं इससे कर में छूट पाने और दान करने, दोनों ही लक्ष्यों की पूर्ति हो जाती है। इस प्रक्रिया में भी कुछ ध्यान देने योग्य बातें हैं जो करदाता को कर में छूट पाने के समय काम आती हैं।


टैक्स अथॉरिटी से रजिस्टर्ड चैरीटेबल ट्रस्ट को ही डोनेशन दें-


चैरीटेबल ट्रस्ट को दान देते समय हमेशा यह ध्यान रखना जरूर होता है कि वह ट्रस्ट टैक्स अथॉरिटी से रजिस्टर्ड है या नहीं। टैक्स अथॉरिटी के पास नहीं होने वाली संस्थाओं को दान नहीं देना चाहिए। क्योंकि नियम के अनुसार रजिस्टर्ड चैरिटेबल ट्रस्ट को दान देन पर करदाता सेक्शन 80जी के तहत कर में छूट पा सकेगा। वहीं प्रक्रिया में एक समय सीमा तय की गई है, जब टैक्स में छूट मिलती है,  ऐसे में विशिष्ट समय का भी ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है। वहीं चैरीटेबल ट्रस्ट को दान देने के बाद दान की रसीद जरूर लें, जो यह दर्शाए की आपने कितना दान दिया है। इसके आधार पर ही कर में छूट मिलती है।


डोनेशन के द्वारा कर मिलने वाली छूट भी प्रतिशत के मुताबिक होती है। कुछ मामलों में 50 फीसदी कर की छूट मिलती है, तो कुछ मामलों यह 100 फीसदी तक होती है। राष्ट्रीय समाज कल्याण संस्थाओं में दान देने से 100 फीसदी की कर छूट मिलती है, जबकि छोटी और स्थानीय संस्थाओं को दिए गए दान में इतनी छूट मिल पाना मुमकिन नहीं है। वहीं इस मामले में करदाता असमंजय की स्थिति में है तो उसे चैरीटेबल ट्रस्ट को दान देने से पहले अपनी सारी आशंकाओं का समाधान किसी अच्छे वित्तीय सलाहाकार से मिलकर कर लेना चाहिए।


चैरीटेबल ट्रस्ट को दिया जाना वाला दान सेक्शन 80जी के अंतर्गत आता है। वहीं इसके तहत व्यक्ति अपनी कुल सकल आय का 10 फीसदी हिस्सा ही दान कर सकता है। ऐसी परिस्थितियों में करदाता को हमेशा ध्यान रखना चाहिए की उसके द्वारा किया जा रहा दान उसकी सकल आय का 10 फीसदी से अधिक ना हो। वहीं यदि किया गया दान 10 फीसदी से ज्यादा होता है, तो सेक्शन 80जी के अंतर्गत कर में छूट नहीं मिलती है।


नोट: इस लेख के लेखक अर्नव पंड्या फाइनेंशियल प्लानर और चार्टर्ड अकाउंटंट हैं।