जानिए टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव -
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जानिए टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव

प्रकाशित Sat, 29, 2012 पर 14:05  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से जानिए टैक्स की बारीकियां और टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव -


सवाल : राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम का फायदा किन को होगा और कहां पर निवेश किया जाएं? 


सुभाष लखोटिया : राजीव गांधी इक्विटी स्कीम में धारा 80 सीसीजी के तहत टैक्स छूट मिल सकता है। नए निवेशकों को बाजार में लाने के लिए सरकार की ये महत्त्वपूर्ण पहल है। इस स्कीम का फायदा ऐसे करदाताओं को मिलेगा जिनकी सालाना इनकम 10 लाख रुपये है और इसमें पहली बार निवेश करने वालों को ही टैक्स छूट मिलेगा। इसमें लिस्टेड शेयर्स में ही निवेश करने पर फायदा मिलेगा। 50,000 रुपये तक के निवेश पर 50 फीसदी तक का टैक्स छूट मिल सकता है। पर केवल एक ही बार टैक्स छूट मिलेगा।


राजीव गांधी इक्विटी स्कीम में 3 साल का लॉक इन पिरियड है। 3 साल से पहले पैसा निकालने पर छूट की राशी आय होगी और इस पर लॉन्ग टर्म या शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा। इस स्कीम में अगर 1 साल से कम समय में निवेश खत्म हुआ तो 15 फीसदी की दर से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है और 1 साल के बाद निवेश खत्म करने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है।  
        
सवाल : प्रोफेशनल फीस पर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है?


सुभाष लखोटिया : वित्त वर्ष 2011-2012 में मिली कुल फीस पर टैक्स कटता है। 15 लाख रुपये से ज्यादा आमदनी पर टैक्स ऑडिट जरूरी होता है। टैक्स कटने पर भी आपको सर्टिफिकेट नहीं मिला तब भी चिंता की बात नहीं है। आप  इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के वेबसाइट पर जाकर अपना पॅन नंबर देकर फॉर्म नंबर 26एएस को देखें। वहां पर आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी। इसके अलावा आप कंपनी से भी टीडीएस सर्टिफिकेट मांग सकते हैं।   


सवाल : किराए के घर में रहते हैं। रेंट अग्रीमेंट पत्नी के नाम पर है। क्या पति को इस रेंट पर एचआरए का फायदा मिल सकता है?


सुभाष लखोटिया : एचआरए क्लेम के लिए रेंट एग्रीमेंट आपके नाम पर होना जरूरी है। आप पत्नी को किराया देकर रेंट की रसीद हासिल कर सकते हैं। 


सवाल : फिक्स डिपॉजिट पर लगने वाले टीडीएस को कैसे बचाएं? 


सुभाष लखोटिया : एफडी को एक ही बैंक के अलग-अलग ब्रांच में बांटना सही नहीं होगा। रिटर्न भरते वक्त एफडी के ब्याज पर टैक्स देना होता है। अगर आपकी सालाना आमदानी 2 लाख रुपये से कम हो तो टैक्स नहीं लगेगा।    


सवाल : बहन के बेटे की पढ़ाई का खर्चा उठक रहे हैं। भतीजे की पढ़ाई पर सालाना करीब 1.5 लाख रुपये खर्च कर रहे हैं। क्या टैक्स छूट मिलेगा?


सुभाष लखोटिया : भतीजे की पढ़ाई के खर्चों पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी। केवल अपने बच्चों की पढ़ाई पर ही टैक्स छूट मिलता है।   


सवाल : वित्त वर्ष 2011-2012 के लिए आईटी विभाग से टैक्स स्क्रूटनी का नोटिस मिला है। इसके लिए आईटी ऑफिसर वित्त वर्ष 2009-2010 के भी कागजात मांग रहा है। क्या करें? 


सुभाष लखोटिया : टैक्स स्क्रूटनी के लिए आईटी ऑफिसर पुराने कागजात मांग सकते हैं। अगर आपके पास पुराने कागजात है तो आप जरूर दें और अगर नहीं है तो इसकी जानकारी दें।  


सवाल : एनआरआई है, हर महीने एनआरआई अकाउंट में पैसे भेजते हैं, एफडी में भी निवेश है। भारत वापस लौटने पर टैक्स की देनदारी कैसे बनेगी? 


सुभाष लखोटिया : जब तक आप एनआरआई है, तब तक टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन भारत लौटने के बाद कुल आमदानी पर इनकम टैक्स कानून के तहत टैक्स लगेगा। 


सवाल : एनआरई अकाउंट से पैसे एचयूएफ को ट्रांसफर करते हैं तो टैक्स कैसे लगेगा। पत्नी को रकम ट्रांसफर करने पर टैक्स की देनदारी कैसे होगी?


सुभाष लखोटिया : पहले से एचयूएफ अकाउंट होना समस्या की बात नहीं है। एचयूएफ को 10 लाख रुपये किए गिफ्ट पर टैक्स नहीं लगता है। लेकिन गिफ्ट से होने वाली इनकम आपकी इनकम में जुड़ेगी। एचयूएफ को लोन देना बेहतर विकल्प होगा। पत्नी को दिए हुए पैसों से हुई इनकम सेक्शन 64 के तहत पति की इनकम मानी जाएगी।    


सवाल : सेक्शन 80सी के पीपीएफ में 1 लाख रुपये जमा किए है। क्या 1-1 लाख रुपये अपने पत्नी और बच्चों के नाम पर जमा कर सकता हूं?


सुभाष लखोटिया : पीपीएफ से हुई आमदनी पर टैक्स नहीं लगता है। पत्नी के नाम से पीपीएफ अकाउंट खोलना समझदारी होगी। आप बच्चों के नाम पर भी पीपीएफ अकाउंट खोल सकते हैं। बच्चे अगर नाबालिक है तो दोनों अकाउंट में कुल निवेश 1 लाख रुपये तक ही कर सकते हैं।   


सवाल : क्या लीव एन्कैशमेंट की राशी टैक्स के दायरे में आती है?


सुभाष लखोटिया : नौकरी के दौरान लीव एन्कैशमेंट करवाने पर टैक्स देना होगा। केवल रिटायरमेंट पर मिलने वाली लीव एनकैशमेंट की राशि टैक्स मुक्त होगी।  


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