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टैक्स गुरु से जाने कैसे बचाएं अपना टैक्स

प्रकाशित Sat, 13, 2012 पर 15:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से जानिए टैक्स की बारीकियां और टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव -


सवाल : 8.5 साल से नौकरी कर रहा हूं। कंपनी से मिली ईपीएफ की रकम पर टैक्स की देनदारी कैसे होगी? क्या ईपीएफ से पीपीएफ में रकम डालने से टैक्स बचेगा?  


सुभाष लखोटिया : पीपीएफ मतलब एम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड। पांच साल के बाद ईपीएफ की निकासी पर टैक्स नहीं लगेगा। ईपीएफ की सारी रकम पीपीएफ में ट्रांसफर नहीं की जा सकती है। क्योंकि पीपीएफ में सालाना 1 लाख रुपये ही जमा किए जा सकते हैं।    
        
सवाल : दिल्ली में ऑफिस है और उसी पते पर पॅन नंबर और बैंक अकाउंट भी है। लेकिन अब मैं गुड़गांव में शिफ्ट हुआ हूं। क्या मैं टैक्स दिल्ली से भर सकता हूं या गुड़गांव से? 


सुभाष लखोटिया : आप चाहे तो दिल्ली में ही टैक्स रिटर्न भर सकते हैं। लेकिन अगर आप हमेशा के लिए गुड़गांव में ही रहना चाहते है, तो आपको पैन माइग्रेशन प्रक्रिया करानी होगी।    


सवाल : 2007 में फ्लैट लिया था, 18 लाख रुपये में जिस पर 13 लाख रुपये का लोन था। 2000 मे वह फ्लैट 65 लाख रुपये में बेचा और 2012 में 22 लाख रुपये में दूसरा फ्लैट लिया जिस पर 15 लाख रुपये का लोन है। क्या इसपर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन बनता है?  


सुभाष लखोटिया : प्रॉपर्टी की मूल कीमत से सेल प्राइस घटाकर जो रकम बचती है उस पर कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा। 3 साल से पुरानी प्रॉपर्टी पर कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स का फायदा मिलता है। शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन की रकम आपकी आमदनी में जोड़ी जाती है। प्रॉपर्टी पर टैक्स आपकी आमदनी के हिसाब से देना होता है। लॉंन्ग टर्म कैपिटल गेन पर करीब 20 फीसदी की दर से टैक्स लगता है।
 
सवाल : पैन कार्ड जब बना था तब नाबालिक थे, अब उम्र 18 साल से ज्यादा है। क्या रिटर्न भरने के लिए नया पैन कार्ड जरूरी है?    


सुभाष लखोटिया : रिटर्न भरने के लिए आपको नए पैन कार्ड की जरूरत नहीं है।    


सवाल : सीनियर सिटीजन हूं। बैंक से सालाना 3.50 लाख रुपये ब्याज मिलता है। 1 लाख रुपये एनएससी में निवेश किया और बाकी बचे 2.5 लाख रुपये पर टीडीएस ना कटें इसलिए क्या बैंक में फॉर्म 15एच जमा कर दें?


सुभाष लखोटिया : बैंक 2,50,000 रुपये पर टीडीएस ना कटें इसलिए आप बैक में फॉर्म 15एच जमा सकते हैं। ऐसा करने से बैंक आपका टैक्स नहीं काटेगा। 


सवाल : 2008 में फ्लैट में निवेश किया, अब ये रहने के लिए तैयार है। टैक्स छूट कैसे और कितनी मिलेगी? 


सुभाष लखोटिया : घर के कंस्ट्रक्शन के दौरान ब्याज के 1/5 हिस्से पर टैक्स छूट मिलेगी। प्रॉपर्टी पर कुल 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट सीमा है। अगर घर किराए पर देंगे तो पूरे ब्याज की रकम पर छूट मिल सकती है।  


सवाल : अमेरिकी नागरिक हैं और भारत में अपनी पुश्तैनी प्रॉपर्टी बेची है। क्या कैपिटल गेन टैक्स देना होगा?


सुभाष लखोटिया : भारत में बेची पुश्तैनी प्रॉपर्टी पर कैपिटल गेन हुआ है, तो उस पर कैपिटल गेन्स टैक्स देना होगा। लेकिन अगर आप टैक्स से बचना चाहते है तो नई प्रॉपर्टी में निवेश करें।


सवाल : फरवरी 2012 में 60 साल पूरा करने बाद रिटायर हुए। क्या वित्त वर्ष 2012-2013 में बतौर सीनियर सिटीजन टैक्स छूट मिलेगी?


सुभाष लखोटिया : 60 साल की उम्र के बाद वरिष्ठ नागरिकों को सीनियर सिटीजन टैक्स छूट का फायदा मिलता है। 


सवाल : 2010-11 में फ्लॉट बेचा था उससे 70 लाख रुपये का कैपिटल गेन हुआ था, जो मैनें सीजीएएस अकाउंट में जमा कर दिया था। सीजीएएस अकाउंट में से मैनें फ्लैट खरीद के लिए बिल्डर को 7 लाख रुपये दिए और बाकी बचा 10 लाख रुपये के आसपास का ब्याज मुझे 15 जनवरी 2013 तक देना होगा, वरना सीजीएएस का फायदा नहीं मिलेगा। अगर आईटीओ को बताया जाए कि परियोजना के कार्यान्वयन में देरी हो रही है, तो क्या छूट मिल सकती है?    
 
सुभाष लखोटिया : सीजीएएस अकाउंट मतलब कैपिटल गेंस अकाउंट स्कीम। सीजीएएस अकाउंट की रकम पर केवल 2 साल तक ही टैक्स छूट का फायदा मिलता है। लेकिन 2 साल के बाद टैक्स का भुगतान करना होगा। आपको जल्द से जल्द 2013 से पहले बिल्डर से पजेशन लेना चाहिए, नहीं तो कैपिटल गेन लग सकता है।  
  
सवाल : एलआईसी पॉलिसी सरेंडर पर 1.2 लाख रुपये की रकम मिली है। टैक्स की देनदारी कैसे होगी?


सुभाष लखोटिया : जीवन बीमा के प्रीमियम और सम एश्योर्ड के हिसाब से टैक्स लगता है। टैक्स छूट लेने के लिए सालाना प्रीमियम सम एश्योर्ड का 10 फीसदी होना चाहिए और 2012 के पहले की पॉलिसी पर सम एश्योर्ड प्रीमियम का 20 फीसदी होना चाहिए।  


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