Moneycontrol » समाचार » टैक्स

जानिए कैसे जमा करें अपना रिटर्न

प्रकाशित Thu, 29, 2010 पर 10:33  |  स्रोत : Hindi.in.com

29 जुलाई 2010



सीएनबीसी आवाज़



इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने के लिए दिल्ली के प्रगति मैदान में विशेष काउंटर शुरू हो गए हैं। रिटर्न जमा करने में लोगों को कोई परेशानी न हो इसके लिए इनकम टैक्स विभाग ने खास इंतजाम किए हैं।



प्रगति मैदान के हाल नंबर चौदह में इनकम टैक्स विभाग ने 164 विशेष काउंटर खोले हैं। जहां आप 31 जुलाई तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न खुद जाकर जमा कर सकते हैं। ये काउंटर जोन के मुताबिक बनाए गए हैं।



साथ ही यहां पर हेल्प डेस्क बनाई गई है जहां आपको रिटर्न भरने के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। पास में फार्म काउंटर है। अगर आप सरल फार्म लाना भूल गए हैं तो यहां आपको फार्म भी मिल जाएगा। इसी तरह पैन कार्ड के लिए अलग काउंटर बनाया गया है।



अगर आपने टैक्स नहीं जमा किया है तो यहां बैंक का स्टॉल भी है जहां आप टैक्स जमा कर तुरंत चालान हासिल कर सकते हैं। बुजुर्गों और विकलांगों के लिए अलग काउंटर बनाए गए हैं और उनकी एंट्री भी अलग से है। फ्री हेल्थ चेकअप के अलावा ठंडा पानी भी मुफ्त मिलेगा। रिटर्न जमा करने आए लोग इस व्यवस्था से काफी खुश दिखे।



इनकम टैक्स विभाग का सुझाव है कि अगर आपको जल्द और आसानी से रिटर्न भरना है तो अपने साथ परमानेंट अकाउंट नंबर यानी पैन, मौजूदा पता, बैंक अकाउंट नंबर, चेकबुक पर लिखा नौ संख्या वाला एमआईसीआर नंबर और एम्प्लॉयर का टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर यानी टैन नंबर का ब्योरा साथ रखें।



विभाग का मानना है कि इसके बाद रिटर्न जमा करने में कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन इसके बावजूद लोगों की मदद के लिए इनकम टैक्स विभाग के करीब नौ सौ कर्मचारी प्रगति मैदान में तैनात किए गए हैं। पहले तीन दिन रिटर्न जमा करने के लिए ये काउंटर सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे और आखिरी दिन रात आठ बजे तक रिटर्न जमा किया जाएगा।



इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने के लिए खोले गए इन विशेष काउंटरों पर पिछले साल करीब पांच लाख रिटर्न जमा हुए थे। लेकिन इस बार इनकी संख्या कम रहने का अनुमान है। इसकी वजह ये है कि इस बार लोग ऑनलाइन ऑप्शन को काफी पसंद कर रहे हैं।



टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया ने कर भरने के टॉप 5 टिप्स दिए हैं, जो इसप्रकार हैं - आय की सही जानकारी दें, ब्याज एवं किराये आदि से हुई आय को भी जोड़ें, इसके अलावा एआईआर कॉलम भरें, एन्युयल इनफॉर्मेशन रिटर्न कॉलम की दोबारा जांच करें, बैंक में किए गए कैश डिपॉजिट जांचे, म्यूचुअल फंड में निवेश की जानकारी दें और प्रॉपर्टी में निवेश की जानकारी दें।



आईटीआर-1 उन लोगों के लिए है, जिनकी सैलरी/पेंशन/एक घर से इनकम हो, अन्य स्रोत से आय हो। अगर कैपिटल गेन कमाई का हिस्सा है तो इनके लिए आईटीआर-2 जरूरी है। आईटीआर-3 उन लोगों के लिए है, जो फर्म में पार्टनर हैं और खुद कारोबार/प्रोफेशन में नहीं हैं। आईटीआर-4 उन लोगों के लिए है, जिनकी प्रोपराइटरी बिजनेस/प्रोफेशन से इनकम है। बैंक के खाते की सारी जानकारी दें और पैन नंबर की भी सही जानकारी दें।