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प्री-लॉन्च प्रोजेक्ट में धोखाधड़ी से कैसे बचें

प्रकाशित Wed, 17, 2012 पर 17:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कैसे निपटे बिल्डर की मनमानी से और प्री-लॉन्च प्रोजेक्ट में धोखा-धड़ी से कैसे बचे आइए जानते हैं जेएलएल रेसिडेंशियल सर्विस के सीईओ ओम अहूजा और कानूनी सलाहकार हेमांग जरीवाला की राय -

सवाल : प्री-लॉन्च प्रोजेक्ट में क्या कानूनी चीजें जांचें और बिल्डर वक्त पर काम खत्म करेगा या नहीं, कैसे जांचें?


ओम अहूजा : प्री-लॉन्च प्रोजेक्ट में निवेश करना थोड़ा रिस्की होता है। प्री-लॉन्च प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले सभी एप्रूवल जांच लेने चाहिए। रजिस्ट्रेशन, एग्रीमेंट की शर्ते जांच लेनी चाहिए। प्रॉपर्टी पर बैंक लोन दे रहा है या नहीं ये देखना चाहिए। बिल्डर निवेशकों से फंड जमा करके प्रोजेक्ट बना रहा है तो निवेश नहीं करना चाहिए।


बिल्डर डिमांड सप्लाई जांचने के लिए प्री-लॉन्च प्रोजेक्ट कर रहा है तो निवेश करें। ज्यादा तर बिना जांच के प्री-लॉन्च प्रोजेक्ट में निवेश से बचना चाहिए। प्री-लॉन्च का मतलब आम लोगों के लिए बुकिंग खुलने से पहले बुकिंग करना। इसमें कानूनी कागजात, फ्लोर प्लान की जानकारी नहीं मिलती है।


सवाल : गोदरेज गार्डन सिटी में निवेश करना है, कीमत 2750 रुपये प्रति वर्गफुट है। ये प्रोजेक्ट कैसा है और 5-6 साल में क्या इस प्रॉपर्टी के भाव बढ़ेंगे?


ओम अहूजा : गेटेड कम्युनिटी या टाउनशिप का ट्रेंड देश में बढ़ रहा है। गोदरेज गार्डन सिटी अहमदाबाद का पहला गेटेड कम्युनिटी प्रोजेक्ट है। अहमदाबाद में ऐसी कई टाउनशिप विकसित हो रही हैं। लंबी अवधि के लिए यहां निवेश फायदेमंद साबित होगा।


सवाल : मेरा बजट 25-30 लाख रुपये है। मैं पटना का हूं और कोलकाता में काम करता हूं। बेहतर रिटर्न के लिए पटना में जमीन खरीदूं या कोलकाता में फ्लैट लूं?


ओम अहूजा : पटना के रियल एस्टेट मार्केट में तेजी दिख रही है, लेकिन रोजगार के मौके कम हैं। कोलकाता में कई टेक्नोलॉजी कंपनियां आ रही हैं और इस वजह से रोजगार के विकल्प पटना से ज्यादा हैं। कोलकाता में न्यू टाउन एरिया का विकास तेजी से हो रहा है। वहां आप किफायती दाम पर निवेश कर सकते हैं। कोलकाता में निवेश से भविष्य में बेहतर रिटर्न की उम्मीद है।

सवाल : 2005 में आईसीआईसीआई बैंक से होम लोन लेकर फ्लैट लिया था। 2010 में पता लगा कि बैंक ने सेल डीड के कागजात गुम कर दिए हैं। बाद में बैंक ने गिफ्ट डीड बनवाकर दी। अभी मैं घर बेच रहा हूं लेकिन खरीदने वाले को गिफ्ट डीड पर होम लोन देने से सभी बैंक मना कर रहे हैं, क्या करें?


हेमांग जरीवाला : आप गिफ्ट डीड से फ्लैट बेच नहीं सकते हैं। इसलिए आप रजिस्ट्रार ऑफिस से एग्रीमेंट की सर्टिफाइड कॉपी बनवाएं। बैंक के भरोसे रहने के बजाय आप खुद एग्रीमेंट की डुप्लिकेट कॉपी निकालें।


सवाल : हैरी थॉमस नाम से मैंने 2001 में नवी मुंबई में फ्लैट लिया था। अब नाम बदलकर हैरी जॉनसन रखा है। लेकिन बैंक को पुराने नाम से ईएमआई भर रहा हूं। नए नाम पर फ्लैट ट्रांसफर करने के लिए क्या करना होगा?


हेमांग जरीवाला : हर राज्य का गैजेट होता है। आप गैजेट ऑफिस में नाम बदलवाने की अर्जी दें और गैजेट में नया नाम दर्ज करें।
गैजेट के जरिए आप सभी कानूनी दस्तावेज में नाम बदलवा सकते हैं। एफिडेविट के साथ आप गैजेट की कॉपी बैंक में जमा करें और नए नाम से एग्रीमेंट बनवाकर बैंक को ईएमआई दें।

सवाल : एक व्यक्ति के नाम पर सिर्फ एक ही प्रॉपर्टी हो सकती है, क्या दिल्ली में ऐसा नियम है? अगर है तो दूसरे घर में निवेश कैसे किया जाएं?


हेमांग जरीवाला : दूसरी प्रॉपर्टी में निवेश पर पाबंदी का कोई नियम नहीं है। लेकिन अगर ऐसा कोई नियम है तो आप दूसरी प्रॉपर्टी परिवार के किसी और के नाम पर ले सकती है।


सवाल : 2004 में लखनऊ में 1000 रुपये प्रति वर्गफुट का प्लॉट बुक किया। 2008 से माह 3500 रुपये किस्त भरता आया हूं। ये किस्त भरने का आखिरी साल है लेकिन डेवलपर पजेशन नहीं दे रहा और टालमटोल कर रहा है, क्या करें?


हेमांग जरीवाला : किसी को भी योजनाओं के लालच में आकर निवेश नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले आप लेआउट प्लान, टाइटल, रजिस्ट्रेशन, सभी एप्रूवल जांच लें। बिल्डर को लीगल नोटिस भेजें और सभी जरूरी कानूनी दस्तावेज की मांग करें। बिल्डर टालमटोल करें तो कंज्यूमर कोर्ट में बिल्डर के खिलाफ सेवा में कमी का केस दायर करें। बिल्डर आपका प्लॉट किसी और को न बेच दें इसलिए कोर्ट से इजंक्शन ऑर्डर लें।



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