जानिए टैक्स बचत के आसान तरीके -
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जानिए टैक्स बचत के आसान तरीके

प्रकाशित Sat, 27, 2012 पर 14:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से जानिए टैक्स की बारीकियां और टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव -


सवाल : जब संपत्ति विरासत में मिलती है तो उसपर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है?     

सुभाष लखोटिया : संपत्ति चाहे वसीयत के जरिए मिले या बगैर वसीयत के आयकर कानून में प्रावधान एक ही है। आपके पास कितनी भी चल-अचल संपति हो उस पर किसी प्रकार इनकम टैक्स नहीं लगता है।      
        
सवाल : 1 साल में दो एम्पलॉयर के यहां नौकरी की और मकान पर होमलोन भी जारी है, ऐसे में छूट दो जगह मिल गई। दोनों एम्पलॉयर ने अलग-अलग फॉर्म 16 में इनकम टैक्स का फायदा दे दिया। क्या करें?     
 
सुभाष लखोटिया : दोनों एम्पलॉयर ने अलग-अलग फॉर्म 16 में इनकम टैक्स का फायदा दे दिया इसमें आपकी कोई गलती नहीं है। आप दोनों ही एम्पलॉयर की कुल सैलरी को एक साथ जोड़कर एक जगह से छूट ले सकते हैं। आपको एक ही बार होमलोन के ब्याज पर छूट क्लेम करना चाहिए।


अगर ऐसा नहीं किया जाता तो आपके टैक्स की लियाबिलिटी बढ़ेगी। इसलिए पहले आप टैक्स लिबालिटी का भुगतान करें। क्योंकि टैक्स देरी से देने पर हर महीने के लिए 1 फीसदी की दर से पेनाल्टी भरनी पड़ती है। 


सवाल : परिवार का एचयूएफ है, अगर कर्ता का देहांत हो जाए तो परिवार का कौनसा सदस्य इसका कर्ता बनेगा? क्या नया पैन कार्ड बनेगा?  


सुभाष लखोटिया : कर्ता के देहांत के बाद परिवार का सबसे बड़ा बेटा कर्ता होगा। और इसके लिए नया पैन कार्ड नंबर बनाने की जरूरत नहीं है।   
 
सवाल : लीव इन्कैशमेंट पर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है?  


सुभाष लखोटिया : छुट्टियों के एवज में मिलने वाली रकम पर टैक्स देना होता है। लेकिन सिर्फ 3 लाख रुपये से ज्यादा रकम मिलने पर टैक्स लगता है।     


सवाल : अगर दादी पत्नि को गिफ्ट में कुछ कैश देना चाहती हैं, इस रकम पर टैक्स देना होगा?  


सुभाष लखोटिया : दादी से मिले गिफ्ट पर टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन इस राशी से हुई इनकम पर टैक्स देना होगा। 


सवाल : वित्त वर्ष 2011-2012 के लिए 3000 रुपये एडीशनल टैक्स देना है। तो ऑनलाइन टैक्स पेमेंट कैसे करें?  


सुभाष लखोटिया : ऑनलाइन एडीशनल टैक्स भरने के लिए आप सीरियल नंबर 400 कॉलम का इस्तेमाल कर सकते हैं। आपने आईटीआर-वी भेजा है जिसकी रसीद आपको अब तक नहीं मिली है। आप कुछ दिन और इंतजार करें। अगर फिर भी रसीद नहीं मिलती है तो वापस एक बार आईटीआर-वी भेज दिजीए।        


सवाल : प्रॉपर्टी के पति-पत्नि दोनों ज्वाइंट वेंचर हैं। लोन के ब्याज पर क्या दोनों को टैक्स छूट मिल सकती हैं?  


सुभाष लखोटिया : पति-पत्नि दोनों को होमलोन के ब्याज पर 1.5 लाख रुपये तक का छूट क्लेम कर सकते हैं। लेकिन यह छूट के फ्लैट का पजेशन मिलने के बाद ही मिल सकता है। 


सवाल : कब-कब टैक्सपेयर को मिलता है इनकम टैक्स से ब्याज और कब टैक्सपेयर को देना पड़ता है ब्याज?  


सुभाष लखोटिया : इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में देरी होने पर टैक्सपेयर को ब्याज देना पड़ता है। टैक्सपेयर से प्रति माह 1 फीसदी की दर से ब्याज वसूला जाता है। वहीं रिफंड में देरी होने पर आयकर विभाग 0.5 फीसदी प्रति माह की दर से ब्याज देता है। आयकर विभाग से मिले ब्याज पर टैक्स लगता है।


आयकर कानून में नियम है जहां पर कमिशनर या महानिदेशक कुछ मामलों में ब्याज को कम या माफ कर सकते हैं और इन सभी बातों का जिक्र सीबीडीटी के सर्कुलर में खास परिस्थितियों में है। अगर टैक्स देने वाले के बही खाते और जरूरी कागज आयकर विभाग के पास जब्त हो जाएं, ऐसी स्थिति में ब्याज माफ होगा।

इसके अलावा एडवांस टैक्स किस्त अदा करने के बाद आमदनी हुई हो या कानून के बदल जाने प्क़र अगर किसी नई इनकम पर टैक्स लगाता गया हो तब ऐसी अवस्था में ब्याज को माफ किया जा सकता है। किसी मजबूरी की वजह से इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं कर पाएं तब भी ब्याज माफी प्राप्त की जा सकता है।  


सवाल : दो प्रॉपर्टी है, दूसरा फ्लैट पत्नी के साथ मिलकर खरीदा है, टैक्स कैसे बचा सकते है और वेल्थ टैक्स की देनदारी कैसे होगी?        
 
सुभाष लखोटिया : प्रॉपर्टी के लोन में दोनों का हिस्सा बराबर का होना जरूरी है। मकान रेंट पर देकर कोन के ब्याज पर टैक्स छूत का फायदा लिया जा सकता है। रहने के लिए 2 मकान में से 1 मकान पर ही टैक्स छूट मिल सकती है। आपके पत्नी को करीब 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है।

आपके पहले घर पर वेल्थ टैक्स नहीं लगेगा। पर नए घर में आप रहेंगे तो वेल्थ टैक्स देना होगा। नए घर को किराए पर देकर आप वेल्थ टैक्स बचा सकते हैं।     
  
सवाल : 17 लाख रुपये का कैपिटल गेन हुआ है। क्या इस रकम से नए घर के होम लोन का प्रीपेमेंट करने पर टैक्स बचाया जा सकता है? 


सुभाष लखोटिया : आप कैपिटल गेन की रकम से नए घर के होम लोन का प्रीपेमेंट कर सकते हैं। प्रीपेमेंट से आप अपना टैक्स बचा सकते हैं।


सवाल : कंपनी से मिलने वाले परिवहन भत्ते पर टैक्स देना पड़ रहा है। क्या ये सही है और क्या धारा 10(14) का फायदा मिलेगा? 


सुभाष लखोटिया : धारा 10(14) के तहत आपको भत्तों पर टैक्स छूट मिल सकती है। भत्तों की सूची आपको नियम 2बीबी में जाएगी। भत्तों के खर्चों का प्रमाण होना जरूरी है।


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