कैसे रहे तिमाही नतीजे, अब किसमें करें निवेश

प्रकाशित Mon, 29, 2012 पर 17:25  |  स्रोत : Moneycontrol.com

जुलाई-सितंबर तिमाही में अब तक आए कंपनियों के नतीजे मिले-जुले रहें हैं। कुछ सेक्टर का प्रदर्शन अच्छा रहा है तो कुछ ने निराशा हाथ लगी है। महंगाई की वजह से लोग कम खर्च कर रहें है। ऑटो सेक्टर पर इसका सबसे ज्यादा असर दिख रहा है।


हालांकि निजी बैंक, एफएमसीजी, सीमेंट कुछ ऐसे सेक्टर है जिन्होंने उम्मीद से अच्छे नतीजे पेश किए है। जबकि सरकारी बैंक के बढ़ता एनपीए अर्थव्यवस्था की खराब हालात बयां कर रहा है।


एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च, जगन्नाधम थुनुंनगुंटला का कहना है कि अब तक आए नतीजे मिले-जुले रहे हैं। वित्त वर्ष 2013 की दूसरी तिमाही में कंपनियों की लागत में कमी आई। लेकिन, ब्याज पर खर्च में कमी नहीं हो हुई है। फॉरेक्स मुनाफे की वजह से अन्य आय में अच्छी ग्रोथ नजर आई है।


जगन्नाधम थुनुंनगुंटला के मुताबिक टीसीएस, एक्सिस बैंक और आईटीसी के नतीजे अच्छे रहे हैं। वहीं इंफोसिस, बीएचईएल, पीएनबी, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और हैवेल्स के नतीजों ने निराश किया है।


नतीजों के बाद जगन्नाधम थुनुंनगुंटला की टॉप पिक्स एक्सिस बैंक और टीसीएस हैं। वहीं, इंफोसिस और बीएचईएल में बिकवाली की सलाह है।


केआर चोकसी सिक्योरिटीज के एमडी, देवेन चोकसी का कहना है कि जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। लागत बढ़ने की वजह से कंपनियों के मार्जिन घटे हैं। निजी बैंक, एफएमसीजी और आईटी सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रहा है।


देवेन चोकसी के मुताबिक आईसीआईसीआई बैंक, केपीआईटी कमिंस, अदानी पोर्ट्स के नतीजे बेहतर रहे हैं। वहीं पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, हीरो मोटोकॉर्प, अदानी पावर के नतीजे खराब रहे हैं।


नतीजों के बाद देवेन चोकसी टॉप पिक्स इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, अदानी पोर्ट हैं।


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