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टैक्स से जुड़े सवालों के जवाब

प्रकाशित Thu, 15, 2012 पर 17:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जानिए टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से कैसे करें टैक्स की सेविंग और कैसे बचाए ज्यादा से ज्यादा टैक्स -


सवाल : वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए नए सीबीडीटी के सर्कुलर में क्या खास है? 

सुभाष लखोटिया :
5 अक्टूबर 2012 को वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए नया सर्कुलर जारी किया गया है। नए सर्कुलर के मुताबिक जब दो एम्पलॉयर से सैलरी मिलेगी तब मौजूदा एम्पलॉयर की कुल सैलरी पर ही टीडीएस कटेगा। प्रॉपर्टी में नुकसान क्लेम करने के लिए टैक्सपेयर को खुद पत्र के जरिए लॉस की जानकारी देनी होगी।


पैन नंबर और फॉर्म 16 देने की जिम्मेदारी एम्पलॉयर की होती है। अगर इनकम 2 लाख से ज्यादा हो तो फॉर्म 12बीए भी देना जरूरी है। अगर पॅन नंबर नहीं दिया तो टीडीएस मौजूदा या फिर 20 फीसदी की दर से कट सकता है। इसके अलावा एम्पलॉयर के छूट्टी/पिकनिक पर ले जाने पर इसे परक्यूझिट टैक्स नहीं माना जाएगा।   


वेतनभोगी कर्मचारियों के एचआरए की टैक्स छूट तय करने के लिए चार मानक होते है। चार तय मानक में से सबसे कम राशी छूट दिलाएगी। नए सर्कुलर के मुताबिक महीने के 3000 रुपये तक के एचआरए के लिए रसीद देना जरूरी नहीं है। 


सवाल : 18 साल की बेटी को कुछ रकम गिफ्ट करना चाहते हैं। इसके निवेश से होने वाली कमाई पर टैक्स कैसे देना होगा?
 
सुभाष लखोटिया : बेटी को गिफ्ट पर रकम दी जा सकती है। इस रकम को क्लबिंग ऑफ इनकम नहीं माना जाएगा। बेटी बालिग है इसलिए ये रकम आपकी इनकम में नहीं जुड़ेगी। 
 
सवाल : पत्नी को हर महीने कुछ रकम देते हैं, इसके निवेश से होने वाली आमदनी पति की आय में जुड़ती है? क्या करें?
 
सुभाष लखोटिया : पत्नी की आमदनी नहीं है, तो वो टैक्स रिटर्न नहीं भर सकती है। इसलिए पत्नी के निवेश से हुई आमदनी पर पति को टैक्स देना होता है। पत्नी को दी हुई रकम को गिफ्ट माना जाता है।     
 
सवाल : 2 पीपीएफ अकाउंट हैं। क्या अपनी बेटी के साथ एक और पीपीएफ अकाउंट खोल सकते हैं और टैक्स कैसे देना होगा?


सुभाष लखोटिया : आप अपनी नाबालिक बेटी का पीपीएफ अकाउंट खोल सकते हैं। लेकिन आप बेटी बालिक होने तक बेटी के अकाउंट में निवेश कर सकते हैं। पीपीएफ में आप 1 साल में कुल निवेश 1 लाख रुपये से ज्यादा नहीं डाल सकते हैं। 


सवाल : जनवरी 2010 में खरीदी प्रॉपर्टी बेचना चाहते हैं। प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त में 3 साल की समय सीमा कितनी जरूरी है?


सुभाष लखोटिया : प्रॉपर्टी खरीद के 3 साल के अंदर प्रॉपर्टी बेचने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन लगता है। 3 साल बाद प्रॉपर्टी बेचकर नई प्रॉपर्टी खरीदने पर टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है। लेकिन अगर नई प्रॉपर्टी नहीं खरीदते तो 20 फीसदी की दर से टैक्स कटता है। 


सवाल : आरडी अकाउंट से मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस की देनदारी कैसे होती है। आरडी से हुई आमदनी को कैसे दिखाए?
 
सुभाष लखोटिया :
आरडी अकाउंट से मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस नहीं लगेगा पर टैक्स लगता है।


सवाल : शेयर ट्रेडिंग पर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है?      


सुभाष लखोटिया : शेयर बाजार में पुराने निवेश पर टैक्स छूट नहीं है। लेकिन राजीव गांधी इक्विटी स्कीम के तहत नए निवेश पर टैक्स छूट का फायदा 80सीसीजी के तहत मिल सकता है।  


सवाल : टैक्स रिटर्न नहीं भरा क्योंकि टैक्स की देनदारी बन रही थी। बाद में पता चला की रिफंड बनता है, क्या करें?


सुभाष लखोटिया : रिफंड पाने के लिए टैक्स रिटॅर्न भरना जरूरी है। रिटर्न भरने में देरी होने पर रिफंड रद्द हो सकता है।



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