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रिफंड, ग्रेच्युटी से जुड़े सवालों पर टैक्स गुरू के जवाब

प्रकाशित Sat, 31, 2010 पर 15:00  |  स्रोत : Hindi.in.com

31 जुलाई 2010

सीएनबीसी आवाज़



आयकर रिफंड, ग्रेच्युटी और आयकर की कौन कौन सी धारा के तहत आपको कर पर छूट मिल सकती है। आप के मन में इन सवालों को लेकर कुछ असमंजस हमेशा बना रहता है। इस पर सीएनबीसी आवाज़ के टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया ने कुछ उपयोगी तथ्य बताये हैं जो आपके लिये आगे चलकर मददगार साबित हो सकते हैं।


 


जैसा कि आप जानते ही हैं अगर आप नौकरी कर रहे हैं तो नौकरी छूट जाने, रिटायरमेंट लेने, मृत्यु हो जाने या वीआरएस ले लेने पर भी गैच्युटी कानून के तहत आपको गैच्युटी अवश्य मिलती है। इसके कानूनों में 25 मई, 2010 के बाद कुछ बदलाव किये गये हैं, अब एक अच्छी खबर ये है कि इसकी सीमा राशि बढ़ा दी गयी है। अब अगर आपकी गैच्युटी की राशि 10 लाख रु तक है तो ये टैक्स की सीमा से बाहर होगी। पहले ये सीमा 3.5 लाख रुपये थी।


रिफ़ंड के लिये लोग अक्सर ये सवाल पूछते हैं कि उन्हें रिफंड कहां से मिलेगा। इस पर टैक्स गुरू ने बताया कि आपने जहां से रिटर्न भरा है आपको वहीं से रिफंड भी मिलेगा। कुछ लोगों को आयकर रिटर्न भरने के काफ़ी समय बाद तक भी रिफंड वापस नहीं मिल पाता है। टैक्स गुरू ने बताया कि इसका ये अर्थ कदापि नहीं है कि आपको आपके पैसे वापस नहीं मिलेंगे।



अगर रिफंड समय से वापस नहीं मिलता है तो अपने क्षेत्र के आयकर अधिकारी को पत्र लिखककर सारी जानकारी दें।
इसमें सारी आवश्यक जानकारी भी दें जैसे आपकी आय, आपने कितना आयकर भरा था आदि। इसके साथ ही इस बात की पूरी जानकारी लिखें कि आपका रिफंड कितना है और कितने समय से बकाया है।


अगर आप विदेश में कमाई करते हैं तो आपको इसका कर उस देश में भी देना होगा जहां के आप रहने वाले हैं। उदाहरण के लिये अगर आप भारत में रहते हैं और विदेश में कमाई करते हैं तो आप को भारत में भी आयकर  देना होगा क्योंकि आप यहां के निवासी हैं।


अगर आपने वीआरएस अर्थात स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली है तो इसमें आयकर की धारा 89(1) के तहत आपको आयकर पर छूट नहीं मिलेगी।


अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं और आपने सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SSSS) में निवेश कर रखा है तो आपकी मूल राशि पर कोई कर नहीं लगेगा पर इसके ब्याज से होने वाली आय पर आपको कर देना पड़ सकता है। साथ ही इस बात का भी ख्याल रखें कि इसका उलेल्ख आपको आयकर रिटर्न में भी करना होगा।



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